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दीपावली पर पटाखों से निकलने वाला धुआं सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है. आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशीष मित्तल ने बच्चों, बुजुर्गों, अस्थमा, डायबिटीज और बीपी के मरीजों को प्रदूषण से बचने की सलाह दी है. जानिए दिवाली के बाद किन सावधानियों को अपनाना जरूरी है.
आगरा: उत्तर प्रदेश के आगरा में दीपावली का त्योहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जाता है. इस दौरान लोग जमकर आतिशबाजी करते हैं, लेकिन पटाखों से निकलने वाला जहरीला धुआं सेहत के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है. इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ता है. आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि दीपावली के दौरान प्रदूषण बढ़ने पर बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. ऐसे लोगों को जहां तक संभव हो, घर के अंदर ही रहना चाहिए.
उन्होंने सलाह दी कि सुबह के समय पार्क या सड़क पर टहलने जाने से कुछ दिनों तक परहेज करें. बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें और मास्क का इस्तेमाल करें. चिकित्सक ने कहा कि शुगर, ब्लड प्रेशर, अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को भी सतर्क रहने की जरूरत है. बदलते मौसम और बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण संक्रमण और सांस की तकलीफ बढ़ सकती है. ऐसे में साफ-सफाई रखें और किसी भी तरह की परेशानी होने पर चिकित्सक से सलाह लें.
घर से बाहर निकलते समय मास्क का इस्तेमाल करें
आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि दीपावली के बाद वायु प्रदूषण बढ़ने की पूरी संभावना रहती है. पटाखों से निकलने वाला धुआं और हवा में मौजूद धूल के महीन कण लोगों की सेहत को प्रभावित कर सकते हैं. ऐसे में हर व्यक्ति को प्रदूषण से बचाव के लिए मास्क का इस्तेमाल करना चाहिए. उन्होंने बताया कि अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क पहनने से हवा में मौजूद कई हानिकारक कण सांस के जरिए शरीर में जाने से रुक सकते हैं. इससे एलर्जी और सांस संबंधी परेशानियों का खतरा कम करने में मदद मिलती है. डॉ. आशीष मित्तल ने विशेष रूप से अस्थमा के मरीजों को सावधान रहने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि ऐसे मरीज तेज सुगंध, धुएं और भीड़भाड़ वाली जगहों पर जाने से बचें. सांस लेने में परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सकीय सलाह लें.
डायबिटीज, बीपी व अन्य मरीजों को भी रहता है खतरा
आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. आशीष मित्तल ने बताया कि दीपावली के बाद बढ़ने वाला प्रदूषण डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए भी परेशानी का कारण बन सकता है. प्रदूषण के कारण सांस संबंधी समस्याएं और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है. ऐसे में डायबिटीज के मरीजों को अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखने और नियमित दवाएं लेने की जरूरत है.
उन्होंने कहा कि दीपावली पर पटाखे जलाते समय भी पूरी सावधानी बरतनी चाहिए. जरा सी लापरवाही से हाथ-पैर जलने या चोट लगने का खतरा रहता है. डॉ. मित्तल ने कहा कि डायबिटीज के मरीजों में चोट या जलने के बाद घाव भरने में सामान्य लोगों की तुलना में अधिक समय लग सकता है. इसलिए ऐसे मरीज पटाखों से दूरी बनाएं और चोट लगने पर तुरंत चिकित्सक से संपर्क करें.