Dhanteras: सोने-चांदी और नोटों की गड्डियों से हुआ मां लक्ष्मी का श्रृंगार, धनतेरस की पूजा, बटी कुबेर की पोटली

Dhanteras: सोने-चांदी और नोटों की गड्डियों से हुआ मां लक्ष्मी का श्रृंगार, धनतेरस की पूजा, बटी कुबेर की पोटली


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रतलाम में धनतेरस के साथ ही पांच दिवसीय दीपोत्सव की शुरुआत हो गई है. शहर के प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में कुबेर का खजाना सजाया गया है. भक्तों की धन-संपदा से सजे मंदिर में मां महालक्ष्मी के दर्शन के लिए सुबह 4 बजे से ही श्रद्धालुओं की कतार लग गई. खास बात यह है कि इस अनूठी परंपरा में भक्त अपनी धन-संपदा मंदिर में रखते हैं, जिसे पांच दिन बाद उन्हें लौटा दिया जाता है.

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आज धनतेरस है. इसके साथ ही दीवाली की शुरुआत भी हो चुकी है. रतलाम के फेमस महालक्ष्मी मंदिर को नोटों और सोना-चांदी से सजाया गया है. मंदिर में 50, 100, 200 और 500 की नोटों की मालाएं और झालरें बनाई हैं. मां लक्ष्मी के दरबार को इन नोटों से सजाया गया है. धनतेरस दीपोत्सव के पहले दिन महालक्ष्मी मंदिर में सुबह की आरती में एसपी अमित कुमार भी शामिल हुए.

इस प्रसिद्ध महालक्ष्मी मंदिर में धनतेरस के साथ ही आस्था और धन-संपदा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. मंदिर को श्रद्धालुओं की ओर से जमा कराई गई धन-संपदा से सजाया गया है. महालक्ष्मी के दर्शन और कुबेर के खजाने को निहारने के लिए तड़के 4 बजे से ही भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया.

रतलाम ही नहीं, बल्कि दूसरे प्रदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे हैं. अजमेर सहित राजस्थान के कई क्षेत्रों से आए श्रद्धालु भी इस परंपरा में शामिल हुए. बता दें, इस मंदिर की परपंपरा है कि पांच दिनों तक भक्तों की धन-संपदा मंदिर में रखी जाती है. मंदिर में विशेष श्रृंगार के बाद पांच दिन पूरे होने पर श्रद्धालुओं को उनकी संपदा वापस लौटा दी जाती है.

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महालक्ष्मी मंदिर के पुजारी अश्विनी ने कहा, “रतलाम महालक्ष्मी को हर साल इसी तरह सजाया जाता है. करोड़ों-करोड़ों रुपए की भारतीय मुद्रा के द्वारा महालक्ष्मी जी का श्रृंगार किया गया है, जिसमें सोना-चांदी हीरे-जवाहरात और करोड़ों रुपए की बहुमूल्य संपदा शामिल है. यहां श्रृंगार और खजाने दर्शन के लिए रखे गए हैं. कई विदेशी नोट भी रखे गए हैं. कई कीमती वस्तुएं भी रखी गई है चांदी की रथ हाथी-घोड़े भी रखे गए. “

रतलाम के एसपी अमित कुमार ने महालक्ष्मी के दर्शन किए. मंदिर की मान्यता और सुरक्ष व्यवस्था को लेकर बात की. उन्होंने कहा,”इस तरह की मान्यताएं हैं कि सुबह सबसे पहले जो धनतेरस की पूजा होती है. कुबेर पोटली बंटती है. मान्यताओं और श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मैंने इंस्पेक्शन किया. दरबार में 4 गार्ड लगाए हैं. कई बड़े ऑफिसर्स के साथ यहां कि सुरक्षा व्यवस्था-भीड़ को कंट्रोल करने के लिए लगाया गया है.”

एसपी ने आगे कहा,”धनतेरस, दीवाली और आगे के भी त्यौहार अच्छे से निकले इसे लेकर अच्छी ट्रैफिक व्यवस्था की गई है. चारो तरफ कैमरे भी लगाए गए हैं. इसको सुदृढ़ करते हुए लगातार इंस्पेक्शन कर रहे हैं. ड्रोन से निगरानी की जा रही है. आसपास के एरियाज की भी ट्रैफिक की भी की जा रही है.”



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