IAF प्रमुख बनते ही HAL के हेड से मुलाकात, पहले सरेआम पड़ चुकी है डांट
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वायुसेना प्रमुख बनते ही एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने तेजस बनाने वाली कंपनी HAL के मुखिया से मुलाकात की है. HAL के CMD रवि के. ने दिल्ली में उनसे मुलाकात कर कंपनी की प्रमुख परियोजनाओं की जानकारी दी. इनमें तेजस Mk1A भी शामिल है. यह मुलाकात इसलिए अहम है क्योंकि तेजस की डिलीवरी में देरी को लेकर पहले भी वायुसेना नाराजगी जता चुकी है. साल 2025 में तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने HAL को सरेआम फटकार लगाई थी. उन्होंने कहा था कि फिलहाल उन्हें कंपनी पर भरोसा नहीं है.
वायुसेना प्रमुख अशुतोष दीक्षित ने HAL के CMD रवि के. से मुलाकात की. (फोटो HAL/X)
भारतीय वायुसेना की कमान संभालते ही एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने रक्षा क्षेत्र की एक अहम कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के प्रमुख से मुलाकात की है. HAL के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर रवि के. ने दिल्ली में वायुसेना प्रमुख से मुलाकात की और उन्हें नया पद संभालने पर बधाई दी. इस दौरान एयर चीफ को कंपनी में चल रही प्रमुख परियोजनाओं की जानकारी दी गई. इनमें स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस Mk1A भी शामिल है. यह मुलाकात ऐसे वक्त हुई है जब भारतीय वायुसेना को अपने बेड़े में नए लड़ाकू विमानों की जरूरत है. तेजस Mk1A की डिलीवरी में देरी को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं. यही वजह है कि वायुसेना प्रमुख और HAL के मुखिया की इस मुलाकात पर सबकी नजर है.
इस मुलाकात का एक पुराना संदर्भ भी है. साल 2025 में तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने तेजस की डिलीवरी में देरी को लेकर HAL पर सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की थी. द हिंदू की रिपोर्ट के अनुसार एयरो इंडिया के दौरान उन्होंने कंपनी की कार्यशैली और वादों पर सवाल उठाए थे. उनका एक बयान काफी चर्चा में रहा था. उन्होंने कहा था कि फिलहाल उन्हें HAL पर भरोसा नहीं है और यह बेहद गलत स्थिति है. उस वक्त उनका यह बयान डिफेंस क्षेत्र में जवाबदेही को लेकर बड़ी बहस का मुद्दा बन गया था. अब नए वायुसेना प्रमुख के सामने भी स्वदेशी लड़ाकू विमानों की परियोजनाओं को समय पर पूरा कराने की चुनौती है.
31 अक्टूबर को संभाली वायुसेना की कमान
एयर चीफ मार्शल अशुतोष दीक्षित ने 31 अक्टूबर 2026 को भारतीय वायुसेना के 29वें प्रमुख के तौर पर पदभार संभाला. उन्होंने एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह की जगह ली. पद संभालने के बाद से ही उनके सामने वायुसेना की जरूरतों और स्वदेशी रक्षा उत्पादन के बीच बेहतर तालमेल बनाने की चुनौती है. HAL इस प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाती है क्योंकि तेजस जैसे लड़ाकू विमानों का निर्माण इसी कंपनी के जिम्मे है.
HAL ने तेजस Mk1A समेत परियोजनाओं की जानकारी दी
HAL के प्रमुख रवि के. ने वायुसेना प्रमुख को कंपनी की मौजूदा परियोजनाओं के बारे में जानकारी दी. इसमें तेजस Mk1A कार्यक्रम प्रमुख रहा. वायुसेना लंबे समय से इस विमान की डिलीवरी का इंतजार कर रही है. नए वायुसेना प्रमुख ने भी अपने विजन में स्वदेशी एयरोस्पेस परियोजनाओं को प्राथमिकता दी है. तेजस Mk1A और Mk2 के अलावा एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानी AMCA प्रोग्राम भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है. स्वदेश में विकसित सेंसर और हथियार प्रणालियों पर भी जोर दिया गया है.
जब पूर्व वायुसेना प्रमुख ने HAL को लगाई थी फटकार
फरवरी 2025 में एयरो इंडिया के दौरान तत्कालीन वायुसेना प्रमुख एपी सिंह ने HAL के कामकाज पर कड़ी नाराजगी जताई थी. तेजस Mk1A की डिलीवरी में लगातार देरी से वह खासे असंतुष्ट थे. उन्होंने कहा था, ‘फिलहाल मुझे HAL पर बिल्कुल भरोसा नहीं है. ऐसा होना बेहद गलत है.’ उन्होंने यह भी सवाल उठाया था कि कंपनी तय समय पर विमान देने के अपने वादे पूरे क्यों नहीं कर पा रही है. उनके मुताबिक रक्षा उत्पादन में सभी पक्षों के बीच बेहतर तालमेल और मिशन की तरह काम करने की जरूरत है. इस बयान के बाद HAL की जवाबदेही और भारतीय रक्षा उत्पादन की क्षमता पर बहस तेज हो गई थी.
स्वदेशी लड़ाकू विमानों पर रहेगा जोर
अब नए वायुसेना प्रमुख के सामने तेजस Mk1A की डिलीवरी के साथ स्वदेशी लड़ाकू विमान कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी है. भारत अपनी रक्षा जरूरतों के लिए घरेलू उत्पादन को मजबूत करना चाहता है. ऐसे में वायुसेना और HAL के बीच तालमेल बेहद अहम होगा. आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों संस्थाएं परियोजनाओं की रफ्तार और डिलीवरी से जुड़ी चुनौतियों को कैसे दूर करती हैं.