मधुबनी गोलीकांड: दूध लेने के बहाने युवती से घर मिलने आता था ASI, चाय पीते-पीते चलने लगा प्रेम प्रसंग

मधुबनी गोलीकांड: दूध लेने के बहाने युवती से घर मिलने आता था ASI, चाय पीते-पीते चलने लगा प्रेम प्रसंग


मधुबनी: बिहार के मधुबनी जिले में एक ASI की फायरिंग से एक ग्रामीण की मौत हो गई, जबकि 3 लोग घायल हो गए. आरोप है कि एएसआई चंद्रमोहन सिंह गांव के एक घर में प्रेम प्रसंग में युवती से मिलने पहुंचा था. इसकी जानकारी ग्रामीणों को मिली तो देर रात लोगों ने घर को चारों तरफ से घेर लिया. जहां ग्रामीण दरवाजा खोलकर एएसआई को बाहर निकालने की मांग करने लगे. इस दौरान खुद को भीड़ से घिरा देखकर ASI ने अपनी सर्विस पिस्टल से फायरिंग शुरू कर दी. इस घटना में अशोक यादव की जान चली गई. वहीं, 3 अन्य ग्रामीण घायल हो गए. इस घटना के बाद से आरोपी ASI फरार है. एसएसपी ने उसे निलंबित कर 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है.

दूध लेने के बहाने युवती से मिलने घर आता था ASI

दैनिक भाष्कर की रिपोर्ट के अनुसार यह घटना बाबूबरही थाना क्षेत्र के बलिराजगढ़ के पास धता टोल की है. ग्रामीण अखिलेश के मुताबिक, आरोपी एएसआई चंद्रमोहन सिंह करीब 6 महीने पहले गांव के एक घर में दूध लेने पहुंचा था. जहां शुरुआत में वह रोज दूध लेकर चला जाता था. करीब एक महीने बाद वह घर में बैठकर चाय पीने लगा. इसी दौरान उसकी घर की एक युवती से नजदीकियां बढ़ गईं. इसके बाद दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया.

वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद एएसआई दिन में दो से तीन बार घर आने लगा. सोमवार की देर रात भी वह युवती से मिलने उसके घर पहुंचा था. जहां कुछ ग्रामीणों ने उसे घर में जाते देख लिया. इसकी सूचना गांव में फैल गई और देखते ही देखते लोगों की भीड़ घर के बाहर जुट गई.

भीड़ में खिड़की से करने लगा फायरिंग

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ग्रामीण करीब 20 से 25 मिनट तक एएसआई को बाहर निकलने के लिए कहते रहे. इसी दौरान खुद को घिरा देखकर उसने सर्विस पिस्टल निकाल ली और घर की खिड़की से गोलियां चलानी शुरू कर दीं. ग्रामीणों का दावा है कि उसने पांच से छह राउंड फायरिंग की. जहां गोली लगने से अशोक यादव समेत चार लोग घायल हो गए. इलाज के दौरान अशोक यादव की मौत हो गई. घायलों में फुलो देवी (35), विजेंद्र यादव (55) और धनिकलाल यादव (45) शामिल हैं. इनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है.

बेटी की शादी के लिए गांव लौटे थे अशोक यादव

अशोक यादव बेंगलुरु में पान की दुकान चलाते थे. दिसंबर में उनकी बेटी की शादी तय थी. इसी सिलसिले में वह करीब 15 दिन पहले गांव लौटे थे. उनकी मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है.

डीएम का महिलाओं ने पकड़ लिया था कॉलर

घटना के बाद गांव में तनाव फैल गया. डीएम आनंद शर्मा मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने की कोशिश की. इसी दौरान आक्रोशित भीड़ में शामिल एक महिला ने डीएम का कॉलर पकड़ लिया. पुलिसकर्मियों ने किसी तरह उन्हें सुरक्षित बाहर निकाला. प्रशासन ने पारिवारिक लाभ योजना के तहत मृतक के परिवार को 20 हजार रुपये का चेक दिया. हालांकि, ग्रामीणों ने आरोपी एएसआई को बर्खास्त करने, हत्या का मुकदमा दर्ज करने, बेटी की शादी का खर्च सरकार द्वारा उठाने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है.

2010 में सिपाही बना था चंद्रमोहन

आरोपी चंद्रमोहन सिंह मूल रूप से बक्सर जिले के डुमरांव का रहने वाला है. वर्ष 2010 में बिहार पुलिस में सिपाही के पद पर उसकी नियुक्ति हुई थी. पदोन्नति के बाद वह एएसआई बना. फरवरी 2026 में बलिराजगढ़ के ऐतिहासिक स्थल की सुरक्षा में उसकी तैनाती की गई थी. इस घटना के बाद पुलिस ने उसे निलंबित कर दिया है. फिलहाल वह फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. एसएसपी ने उसकी सूचना देने वाले व्यक्ति को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.



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