रिटायर्ड IAS हत्याकांड: 9 राज्यों में तलाश, 2500 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले, जानें कैसे पकड़ा गया आरोपी नौकर?

रिटायर्ड IAS हत्याकांड: 9 राज्यों में तलाश, 2500 से ज्यादा CCTV कैमरे खंगाले, जानें कैसे पकड़ा गया आरोपी नौकर?


रिपोर्ट: रमाकांत दुबे

भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी राकेश अग्रवाल की हत्या के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी नौकर वरुण वाल्मीकि को शॉर्ट एनकाउंटर के बाद आगरा से गिरफ्तार कर दिया. भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने इस कार्रवाई की पूरी जानकारी दी है. क्राइम ब्रांच, जोन-01 और एसआईटी की टीमों ने आरोपी नौकर वरुण वाल्मीकि उर्फ वरुण कुमार को आगरा में बस डिपो के पीछे से गिरफ्तार किया है.

आरोपी पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था. गिरफ्तारी के समय पुलिस हिरासत से भागने और पिस्टल छीनकर हमला करने की कोशिश में शॉर्ट एनकाउंटर हुआ, जिसमें आरोपी घायल हो गया. पुलिस ने आरोपी के परिवार की घेराबंदी करके उसका सुराग लगाया था. उसकी तलाश के दौरान पुलिस को वरुण के बारे में कई बड़ी जानकारियां मिली थीं, जिससे कई खुलासे भी हुए.

9 राज्यों में चलाया गया सर्च ऑपरेशन
भोपाल पुलिस की टीमें पिछले एक महीने से अधिक समय से आरोपी की तलाश में जुटी हुई थीं. क्राइम ब्रांच और थानों की एक दर्जन से अधिक टीमें इस ऑपरेशन में लगी थीं. आरोपी की तलाश में मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, दिल्ली, उत्तराखंड और कर्नाटक समेत 9 राज्यों में अभियान चलाया गया. पुलिस टीमों ने ग्वालियर, आगरा, मथुरा और वृंदावन में वेशभूषा बदलकर रैकी की. इस दौरान 2500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए. 100 से अधिक संदेहियों और आरोपी के रिश्तेदारों से पूछताछ की गई. इस कार्रवाई में ग्वालियर पुलिस, जीआरपी ग्वालियर, सागर पुलिस और अन्य राज्यों की पुलिस का भी सहयोग मिला.

एजेंसी के जरिए रखा गया था नौकर
आरोपी वरुण को वर्मा होम हेल्थ केयर और हाउस कीपिंग के माध्यम से घरेलू नौकर रखा गया था. हत्या के बाद वह ट्रेन से फरार हो गया था. फरारी के दौरान वह ग्वालियर, आगरा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में घूमता रहा. वह ग्वालियर से कुल्लू मनाली तक गया. वहां दिन में मजदूरी करता और रात में नशा करके सो जाता था. फरारी के दौरान उसने 6 मोबाइल फोन भी चोरी किए.

पुराना रिकॉर्ड और फर्जी वेरिफिकेशन
कमिश्नर ने आगे बताया, आरोपी पहले भी 5 जगह केयरटेकर की नौकरी कर चुका है. उसने पहले भी कई जगह वारदातों की कोशिश की, लेकिन किसी ने केस दर्ज नहीं कराया. नैनीताल (उत्तराखंड) में रिटायर्ड अधिकारी से विवाद होने पर उसने अधिकारी के मुंह में चम्मच घुसेड़ दी थी. राजस्थान में भी उसने मालिक पर हमला किया था. आरोपी का पुलिस वेरिफिकेशन पंजाब के पटियाला स्थित नाभा से हुआ था. उस समय कोई केस दर्ज न होने से वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट बन गया था.

नाराजगी में हत्या का दावा, होगी पूछताछ
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि मृतक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी से नाराजगी और दुर्भावना के कारण उसने हमला किया था. उसका कहना है कि अच्छा व्यवहार न होने से उसने हत्या की. हालांकि, पुलिस कमिश्नर का कहना है कि इसे अभी अंतिम वजह नहीं मान सकते. पुलिस आरोपी का पीआर लेकर विस्तृत पूछताछ करेगी.



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