‘राहुल गांधी विदेशी और स्वदेशी पर बोलने से बचें, वरना बात दूर तक जाएगी’, बृजभूषण शरण सिंह ने खूब सुनाया


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‘राहुल विदेशी-स्वदेशी पर बोलने से बचें, वरना बात दूर तक जाएगी’, किसने दी नसीहत

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बीजेपी नेता बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी के उस आरोप पर पलटवार किया है, जिसमें उन्होंने पीएम मोदी के विदेशी ताकतों की मदद से सत्ता में आने की बात कही थी. बृजभूषण ने कहा कि राहुल गांधी को विदेशी और स्वदेशी के मुद्दे पर बोलने से बचना चाहिए. उन्होंने राहुल को एसआईआर और वोटरों के नाम कटने के मुद्दे पर संसद में खुली बहस करने की चुनौती दी. बृजभूषण के मुताबिक, एसआईआर में नाम घटने के पीछे कई जगह मतदाता सूची में दर्ज दोहरे और फर्जी नाम भी हैं. उन्होंने कहा कि इनमें हिंदू और मुसलमान दोनों शामिल हैं.

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'राहुल विदेशी-स्वदेशी पर बोलने से बचें, वरना बात दूर तक जाएगी', किसने दी नसीहतZoom

बीजेपी के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी को विदेशी और स्वदेशी के मुद्दे पर बोलने से बचने की सलाह दी है.

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने आरोप लगाया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी ताकतों की मदद से सत्ता में आए हैं और आज भी पूरी आर्थिक व्यवस्था पूरी तरह से विदेशियों के नियंत्रण में है. सोशल मीडिया पर आज भी विदेशी पीएम मोदी के साथ खड़े हैं. उनके इस बयान पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता बृजभूषण शरण सिंह ने जवाब दिया है. बृजभूषण शरण सिंह ने कहा- ‘देखिए अगर बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी. कम से कम विदेशी और स्वदेशी के सवाल पर राहुल गांधी को बचना चाहिए. विदेशी और स्वदेशी के सवाल पर बचना चाहिए. उनकी मानसिकता लोकतंत्र में नहीं है. लोकतंत्र में वह विश्वास नहीं रखते. इसीलिए वो अमेरिका का हवाला देते हैं. इसीलिए बांग्लादेश में जो चल रहा है उसका हवाला देते हैं. नेपाल के नजरिए से इस देश को देखते हैं. पाकिस्तान के नजरिए से इस देश को देखते हैं. इस्तीफा दो. तो यह सब चर्चाएं पार्लियामेंट में आप क्यों नहीं करते?’

‘हर मुद्दे पर डिबेट के लिए संसद है’

बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि संसद इसीलिए बनी है कि आप अपनी बात वहां रख सकते हैं. कौन विदेशी है और कौन स्वदेशी है. बात निकलेगी तो दूर तक जाएगी. तो कम से कम राहुल जी को बचना चाहिए. पूरा देश जानता है. राहुल गांधी की ओर से एसआईआर में 3 करोड़ वोटरों के नाम काटे जाने के आरोप पर गृहमंत्री ने कहा है कि वो घुसपैठिए हैं. इस मुद्दे पर राहुल खुली डिबेट करना चाहते हैं. इसके जवाब में बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि उसके लिए पार्लियामेंट से अच्छी जगह क्या हो सकती है?

संजोग ऐसा है कि वह लीडर अपोजिशन है. अब इसको छोड़कर के रामलीला मैदान में डिबेट हो. इसको छोड़कर के कुरुक्षेत्र में डिबेट हो. इसको छोड़कर करके बांग्लादेश के बॉर्डर पर डिबेट हो. डिबेट के लिए एक फोरम बना है. अभी पार्लियामेंट चली. आप चलने नहीं दिए. अभी फिर 10 पांच रोज के बाद चलने वाली है. आप डिबेट करो ना महाराज. एक दिन का पूरा समय आप ले लो. मैं हाथ जोड़कर के विनती करता हूं कि एक दिन का पूरा समय इन्हीं को दे दिया जाए. दूसरे दिन अन्य विपक्षी को बोलने का मौका दिया जाए. जहां डिबेट करना है वहां करते नहीं.

‘इन्हें 13 करोड़ नहीं 3 करोड़ वोटरों की चिंता है’

अब रहा एसआईआर का सवाल 13 करोड़ मतदाता घटे हैं. जो 3 करोड़ मतदाता की बात गृह मंत्री जी ने की है, वो घुसपैठी हैं. बांग्लादेश जुड़ा हुआ है या और भी रोहिंग्या हो सकते हैं और भी देशों से हो सकते हैं. लेकिन उनका यह कहना यह नहीं है कि सब के सब वो थे और बाकी अगर फारूक अब्दुल्ला साहब सवाल उठाते हैं कि यूपी में क्यों घटे तो फारूक साहब अब आपकी बुद्धि को कौन कहे? तमाम ऐसे मतदाता हैं जो गांव में भी मतदाता थे. शहर में भी मतदाता थे. दिल्ली में भी मतदाता थे. तीन-तीन जगह नाम था. चार-चार जगह नाम था. पांचप नाम था और उसमें हिंदू भी है, मुसलमान भी हैं. तो एसआईआर का काम हिंदू और मुसलमान के नजरिए से नहीं हुआ है. रियल सूची बननी चाहिए और इसीलिए 101 करोड़ नाम घटे हैं. लेकिन उसमें 3 करोड़ वो लोग हैं जिनसे कभी-कभी आपका प्रेम जग जाता है.



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