Last Updated:
Ganga Success Story: हैदराबाद की गंगा की कहानी मुश्किल हालात में हार न मानने और आत्मनिर्भर बनने की मिसाल है. पति के कारोबार में नुकसान और चिटफंड में करीब 5 लाख रुपये डूबने से परिवार आर्थिक संकट में आ गया था. तीन साल के बेटे की देखभाल के कारण गंगा बाहर नौकरी भी नहीं कर सकती थीं. ऐसे में उन्होंने घर से हेल्दी ड्रिंक्स तैयार कर सड़क किनारे एक छोटी टेबल पर बेचना शुरू किया. बेटे के नाम पर उन्होंने ‘रणबीर कोकोनट मिल्क’ स्टॉल शुरू किया. यहां ताजा नारियल दूध, रागी जावा, मिलेट जावा और अंकुरित अनाज बेचे जाते हैं. शुरुआत में ग्राहक कम आए, लेकिन गंगा ने हिम्मत नहीं हारी. आज सुबह की सैर करने वाले लोग उनके स्टॉल पर पहुंचते हैं. परिवार के सहयोग और अपनी मेहनत से गंगा ने छोटे कारोबार को आर्थिक मजबूती का जरिया बना लिया है.
हैदराबाद. जब ज़िंदगी में मुश्किलें एक साथ घेर ले, तो अक्सर लोग हिम्मत हार जाते हैं. लेकिन हैदराबाद की गंगा ने ऐसा नहीं किया. पति के कारोबार में भारी नुकसान और चिटफंड में करीब 5 लाख रुपये डूब जाने के बाद उनके परिवार पर गहरा आर्थिक संकट आ गया था. उस वक्त घर में तीन साल का छोटा बेटा था, जिसकी देखभाल की वजह से गंगा बाहर नौकरी भी नहीं कर सकती थी. लेकिन मायूस होकर बैठने के बजाय उन्होंने खुद का छोटा सा काम शुरू करने की ठानी और आज उनकी मेहनत रंग ला रही है. गंगा ने बताया कि उन्होंने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए सुबह के समय हेल्दी ड्रिंक्स बेचने की योजना बनाई.
सुबह 4 बजे उठकर नारियल का ताजा दूध और रागी जावा करती हैं तैयार
सुबह 4 बजे गंगा और उनके पति उठकर नारियल का ताजा दूध और रागी जावा तैयार करते हैं. इसके बाद पति बेटे को स्कूल के लिए तैयार करते हैं और गंगा सुबह साढ़े छह बजे तक अपना स्टॉल खोल देती है. शुरुआत में ग्राहक कम आते थे और सामान बच जाता था, लेकिन गंगा ने नुकसान की परवाह किए बिना उसे फेंकने के बजाय पास के चौकीदारों और सफाई कर्मचारियों को पिलाना शुरू कर दिया. धीरे-धीरे लोगों को उनका नारियल का दूध, रागी जावा, मिलेट जावा और अंकुरित अनाज पसंद आने लगे.
गंगा ने तानों को दरकिनार की सफलता की राह चुनी
आज इलाके के लोग सुबह की सैर के बाद उनके स्टॉल पर सेहतमंद ड्रिंक्स पीने जरूर पहुंचते हैं. शुरुआत में रिश्तेदारों और कुछ लोगों ने सड़क पर दुकान लगाने को लेकर ताने भी मारे, लेकिन गंगा ने नकारात्मक बातों पर ध्यान नहीं दिया. आज एक छोटी सी टेबल से शुरू हुआ यह स्टॉल न केवल उनके परिवार को आर्थिक संबल दे रहा है बल्कि यह भी साबित करता है कि सच्ची लगन हो तो कोई भी काम छोटा नहीं होता.