रामलीला मैदान में जनसैलाब देख गदगद कपिल सिब्बल ने ये क्या कह दिया?
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दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित INDIA गठबंधन की महारैली के बाद वरिष्ठ वकील और राज्यसभा सांसद कपिल सिब्बल ने भारतीय जनता पार्टी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है. सिब्बल ने दावा किया कि रैली में 5 से 6 लाख का जनसैलाब उमड़ा, जबकि बीजेपी अध्यक्ष की रैली में महज 100-200 लोग थे. सिब्बल ने जंतर-मंतर प्रदर्शन में हुई हिंसा के पीछे सरकार का हाथ बताते हुए 2017 के वित्त कानून संशोधन से ‘वोट चोरी’ की शुरुआत होने का बड़ा आरोप लगाया.
नई दिल्ली. दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) और मतदाता सूची में कथित धांधली के खिलाफ आयोजित INDIA गठबंधन की विशाल महारैली के बाद देश में राजनीतिक माहौल बेहद गर्मा गया है. रैली में जुटी भारी भीड़ से गदगद पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने बीजेपी और केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्च खोलते हुए एक के बाद एक कई विस्फोटक दावे और आरोप किए हैं. कपिल सिब्बल ने रामलीला मैदान में उमड़े जनसैलाब की तुलना बीजेपी के अभियानों से की और जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए युवा प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा को सरकार प्रायोजित करार दिया.
सिब्बल ने रामलीला मैदान में विपक्ष के शक्ति प्रदर्शन पर टिप्पणी करते हुए कपिल सिब्बल ने कहा, ‘रामलीला मैदान में लोकतंत्र और संविधान बचाने के लिए जनता का सैलाब उमड़ पड़ा था. करीब 5 से 6 लाख लोग इस रैली में पहुंचे. सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इतनी भारी भीड़ जुटने के बावजूद पूरा प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहा, कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं आई.’
कपिल सिब्बल का बीजेपी की रैली पर तंज
बीजेपी द्वारा चलाए जा रहे पलटवार अभियानों पर चुटकी लेते हुए सिब्बल ने कहा, ‘एक तरफ रामलीला मैदान में लाखों की संख्या में आम नागरिक थे, वहीं दूसरी तरफ बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महज 100 से 200 लोगों को लेकर अपनी ‘लोकतंत्र बचाओ’ पदयात्रा निकालने पहुंचे थे. जंतर-मंतर पर युवाओं के पिछले प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा का मुद्दा उठाते हुए कपिल सिब्बल ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए’
Delhi: On the INDIA bloc rally, Rajya Sabha MP Kapil Sibal says, “The massive crowd we witnessed yesterday at Ramlila Maidan and its surrounding areas… I saw it with my own eyes because I was there and travelling by bus. It took us almost an hour to an hour and a half to reach Ramlila Maidan. When we finally arrived, barricades had been put up because every inch of the ground was packed with people…”