दूध, मावा, पनीर, शराब, सीमेंट, इंजन ऑयल, जूते… ग्वालियर में सब नकली! बीते एक साल का रिकॉर्ड चौंका देगा

दूध, मावा, पनीर, शराब, सीमेंट, इंजन ऑयल, जूते… ग्वालियर में सब नकली! बीते एक साल का रिकॉर्ड चौंका देगा


Gwalior News: ग्वालियर-चंबल अंचल इन दिनों नकली और मिलावटी सामान बनाने का बड़ा गढ़ बन चुका है. ग्वालियर शहर और आसपास के इलाकों में नकली मावा, पनीर और देसी घी का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. साथ ही नामी कंपनियों की ब्रांडेड शराब और कोल्डड्रिंक के नाम पर भी नकली उत्पाद बनाए जा रहे हैं. बीते एक साल के दौरान प्रशासन और पुलिस की टीमों ने कई बड़े खुलासे किए हैं. छापों में नकली सीमेंट, नकली रेत, नकली इंजन ऑयल, ऑटो पार्ट्स और ब्रांडेड कंपनियों के नकली जूते तक पकड़े गए हैं.

केमिकल और डालडा से बन रहा नकली मावा व पनीर
नकली मिल्क प्रोडक्ट के खिलाफ डबरा के पिछोर और गिरवाई थाना क्षेत्र में छापामारी की गई. पुलिस ने एक घर में छापा मारकर 128 किलो पनीर और 10 लीटर पाम ऑयल जब्त किया. इसके अलावा दो पिकअप गाड़ियों से 4.25 क्विंटल मावा पकड़ा गया, जिसकी कुल कीमत 12.28 लाख रुपये है. यह मावा मोर बाजार से भोपाल भेजा जा रहा था. जांच में सामने आया कि भंवरपुरा की भट्टी पर केमिकल, मिल्क पाउडर और डालडा मिलाकर मावा तैयार किया जाता था.

नल के पानी से बन रही थी ब्रांडेड कोल्डड्रिंक
बड़ागांव और घाटीगांव की झुग्गियों में चल रही 2 नकली कोल्डड्रिंक फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ हुआ है. क्राइम ब्रांच की टीम ने मौके से बड़ी कंपनियों की 2000 खाली बोतलें, नकली ढक्कन, नकली रैपर और 15 कार्टन तैयार ड्रिंक जब्त की है. आरोपी पुरानी बोतलों को धोकर उन पर नया स्टीकर चिपकाते थे. वे नल के पानी में सिर्फ रंग और सैक्रीन मिलाकर बोतलों में नकली कोल्डड्रिंक भरते थे. मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और दुकानों पर सप्लाई का पूरा नेटवर्क सामने आया है.

राख से नकली सीमेंट और केमिकल से नकली रेत का खेल
भिंड रोड स्थित एक गोदाम और डबरा के सीमेंट डिपो पर छापा मारा गया. यहां से नामी ब्रांडेड कंपनियों की बोरियों में भरा 300 बोरी मिलावटी सीमेंट जब्त किया गया. इस सीमेंट में राख और कम ग्रेड का सीमेंट मिलाया जाता था. साथ ही 5 डंपर नकली रेत भी बरामद की गई. आरोपी चंबल की काली रेत में केमिकल पाउडर मिलाकर उसे सफेद रेत बताकर बेचते थे. असली बोरियों में लोकल माल भरकर सिलाई मशीन से पैक किया जाता था. खनिज विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने गोदाम सील कर दिया है और 3 लोगों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है.

जले हुए तेल से नकली इंजन ऑयल और ऑटो पार्ट्स
ग्वालियर पुलिस ने लोहा मंडी और सिरोल ऑटो पार्ट्स मार्केट की 4 दुकानों पर छापेमारी की. वहां से 500 लीटर यूज्ड इंजन ऑयल, 200 नकली ब्रांड के डिब्बे, 1000 से अधिक नकली ब्रेक शू, एयर फिल्टर और बेयरिंग मिले हैं. गिरोह के लोग गैराज से जला इंजन ऑयल खरीदकर लाते थे. उसे फिल्टर करके नई बोतलों में पैक करते थे और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर सस्ते दामों में बेचते थे. क्राइम ब्रांच और कॉपीराइट की टीम ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. असली कंपनियों के प्रतिनिधियों को बुलाकर सामान का वेरिफिकेशन भी कराया गया है.

3000 रुपये का ब्रांडेड जूता महज 800 में
बानमोर स्थित एक फैक्ट्री में ब्रांडेड जूते की कॉपी तैयार की जा रही थी. यहां तैयार जूते ग्वालियर के दौलतगंज मार्केट में सप्लाई किए जाते थे. पुलिस ने दौलतगंज मार्केट में दबिश देकर 1200 जोड़ी नकली ब्रांडेड जूते, सिलाई मशीनें और ब्रांडेड शू के लोगो की डाई जब्त की. आरोपी नामी कंपनियों के लोगो और बॉक्स की हूबहू नकल करते थे. बाजार में 3000 रुपये में बिकने वाला असली जूता यहां केवल 800 रुपये में बेचा जाता था. पुलिस ने फैक्ट्री संचालक समेत 2 लोगों को पकड़ा है और ऑनलाइन माल बेचने वाले 3 अकाउंट भी ट्रेस किए हैं.

हाईवे के ढाबे में चल रही थी नकली शराब और पेट्रोल फैक्ट्री
आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर मोहना क्षेत्र के चैराई-रेंहट में महाकाल ढाबा के पीछे बने 2 कमरों में नकली शराब और पेट्रोल बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई. आबकारी पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारकर 13 ड्रमों में 2300 लीटर ENA अल्कोहल / एथेनॉल जब्त किया. मौके से 20 ड्रमों में एथेनॉल से बना नकली पेट्रोल और 30 ड्रम पेट्रोल बरामद हुआ. साथ ही 61 लीटर देसी-विदेशी शराब और 63 बल्क लीटर शराब भी मिली. कुल 2600 लीटर इथेनॉल बरामद हुआ. जब्त 2300 लीटर एथेनॉल से करीब 8000 लीटर नकली शराब बनाई जा सकती थी, जिसकी बाजार कीमत लगभग 32 लाख रुपये है. पुलिस ने ढाबा संचालक अनिल शर्मा, सौरभ गुर्जर और अतीक खान समेत कुल 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज किया है.

40 रुपये में बिक रही पाउच वाली कच्ची शराब
ग्वालियर के डबरा की लक्ष्मी कॉलोनी और चीनौर रोड पर सरेआम अवैध कच्ची शराब बिक रही है. सड़क किनारे महिलाएं 40 रुपये में शराब के पाउच रखकर बेचती नजर आ रही हैं. सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद आबकारी विभाग ने एक स्पेशल टीम का गठन किया है.

संयुक्त टास्क फोर्स बनाकर कार्रवाई
तमाम कार्रवाइयों में यह बात खुलकर सामने आई कि बिना प्रशासनिक कर्मचारियों और सप्लाई चेन की मिलीभगत के ये नकली धंधे नहीं चल सकते थे. पुलिस ने अब संयुक्त टास्क फोर्स बनाकर आगे की कार्रवाई की तैयारी की है. शासकीय जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एमएस सगर ने बताया कि मिलावटखोरों और नकली कारोबार करने वालों के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है. मौके से प्रोडक्ट के सैंपल लिए जा रहे हैं और मिलावट पाए जाने पर सख्त जुर्माना तथा FIR की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.



Source link