कैंसर होने से पहले शरीर देने लगता है ये संकेत, आम समझकर न करें नजरअंदाज, डॉक्टर ने बताए शुरुआती लक्षण

कैंसर होने से पहले शरीर देने लगता है ये संकेत, आम समझकर न करें नजरअंदाज, डॉक्टर ने बताए शुरुआती लक्षण


रांची. रांची के मेदांता हॉस्पिटल के ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. अनीश बताते हैं कि कैंसर कोई एक दिन में नहीं होता. फर्स्ट स्टेज से ही शरीर में कुछ लक्षण दिखने शुरू हो जाते हैं, जिन्हें आमतौर पर लोग साधारण समझकर इग्नोर कर देते हैं या फिर बाहर से दवाई लेकर साधारण लक्षणों को दबा देते हैं और कई बार उनको सीधे बाद की स्टेज में पता चलता है कि कैंसर है. ऐसे में शरीर के कुछ लक्षणों को बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें लेकिन हर छोटे-बड़े सिम्पटम पर परेशान भी न हों. बेहतर यह होगा कि विशेषज्ञ की सलाह लें.

शरीर के अलग-अलग अंगों पर मिलते हैं ये संकेत
डॉ. अनीश बताते हैं कि जैसे मान लीजिए आपको किडनी, पेट या फिर यूरिन ट्रैक में कैंसर की संभावना है तो आपके मल में या फिर यूरिन में ब्लड आ सकता है. भूख लगना एकदम कम हो जाएगी, वजन गिरने लगेगा और कोई वाजिब वजह समझ नहीं आएगी. अगर मान लीजिए मुंह का कैंसर या गले का कैंसर है तो गले में सूजन, गांठ या मुंह में छाले जैसी चीज देखने को मिलेगी. ब्रेस्ट में गांठ आमतौर पर देखी जाती है. तो इस तरह के लक्षण दिखें तो इनको बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें. बेहतर होगा जांच करा लें.

वजन घट रहा है तो हो जाएं सचेत
डॉ. अनीश बताते हैं कि सबसे बड़ा लक्षण यह है कि भूख धीरे-धीरे घटने लगेगी. मान लीजिए, आपको चार रोटी खाने की आदत है, अब आपको केवल दो रोटी खाने का मन करेगा और एक महीने के बाद आप केवल एक ही रोटी खाएंगे. तो अगर आप इतना कम खाना खाएंगे तो वजन भी आपका धीरे-धीरे घटना शुरू हो जाएगा. अगर ऐसा हो रहा है कि भूख नहीं लग रही और वजन घट रहा है तो एकदम अलर्ट हो जाना है. अगर 5-6 महीने में बिना किसी ठोस वजह के 10 से 15 किलो वजन घट जाता है तो सीधे डॉक्टर से संपर्क करें.

शराब-तंबाकू भी हैं कारण
इसके अलावा अगर कोई व्यक्ति शराब, तंबाकू इन सब चीजों का सेवन लगातार करता है तो उनमें कैंसर होने का खतरा काफी अधिक बढ़ जाता है. ऐसा नहीं है कि जो लोग नहीं पीते हैं, उनको कैंसर नहीं होगा. कैंसर होने की संभावना तो 6 महीने के बच्चों को भी रहती है और होती भी है. लेकिन जब आप इन सारी टॉक्सिक चीजों का सेवन करते हैं तो संभावना काफी हद तक बढ़ जाती है.

हालांकि, कुछ कैंसर जेनेटिक भी होते हैं. खासतौर पर ब्लड कैंसर तो छोटे-छोटे बच्चों में देखा जाता है, जो पूरी तरह जेनेटिक होते हैं. लेकिन आजकल की जो लाइफस्टाइल है, जिसमें जंक फूड, तंबाकू और शराब जैसी चीजों का सेवन अगर नहीं करते हैं तो कैंसर होने की संभावना काफी हद तक कम हो जाएगी.

डरने की जरूरत नहीं
कई बार लोग रिपोर्ट देखकर ही डर जाते हैं कि उनको कैंसर है और अब कुछ नहीं हो सकता, लेकिन ऐसा नहीं है. आजकल बहुत सारे एडवांस ट्रीटमेंट आ चुके हैं. इम्यूनोथेरेपी, टारगेटेड थेरेपी, रेडिएशन, कीमोथेरेपी, ये सारी चीजें उपलब्ध हैं. मान लीजिए ब्रेस्ट कैंसर है, चाहे फर्स्ट स्टेज हो या फोर्थ स्टेज, सर्जरी का ऑप्शन होता है. तो अब डरने की जरूरत नहीं है, समय बदल चुका है. थोड़ा भी लक्षण दिखे तो आप सीधे डॉक्टर से संपर्क करें.



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