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योगी सरकार ने रविवार को लाखों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और साहयिकाओं के मानदेय को बढ़ाने का फैसला किया है. एक तरफ जहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मानदेय को 8000 से बढ़ाकर 12000 रुपये कर दिया है तो वहीं साहयिकाओं के मानदेय को बढ़ाकर 4000 रुपये से 6000 रुपये कर दिया है. इस फैसले से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लाखों परिवारों को लाभ मिलेगा.
योगी सरकार ने लाखों मतदाताओं को एक फैसले से साधा.
लखनऊः योगी सरकार ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और साहियकाओं का मानदेय बढ़ाया है. सरकार के इस फैसले से करीब साढ़े तीन लाख लोगों को फायदा मिला है. इस फैसले को आने वाले विधानसभा चुनाव से भी जोड़कर देखा जा रहा है. बता दें कि सूबे में करीब 1 लाख 89 हजार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं. वहीं करीब 1 लाख 39 हजार आंगनबाड़ी साहियकाएं हैं. अगर इस फैसले को चुनाव से जोड़ा जाए तो एनडीए को इसका कितना फायदा पहुंच सकता है. हालांकि इस विशलेषण से पहले यह जानना जरूरी है कि आखिरी योगी सरकार ने फैसला क्या लिया है और किस तरह का फायदा हुआ है.
बता दें कि योगी सरकार ने राज्य के आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और साहिकाओं के मानदेय को बढ़ाने का फैसला किया है. अब सवाल है कि कितना मानदेय किसका बढ़ा है.
- आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय 8000 से बढ़ाकर 12000 रुपये प्रतिमाह किया गया.
- साहयिकाओं का मानदेय 4,000 से बढ़ाकर 6,000 रुपये प्रतिमाह किया गया.
- करीब 2 लाख 91 हजार कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को इसका लाभ मिलेगा.
- सालाना 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा भी घोषित की गई है.
चुनाव में कैसे होगा एनडीए को फायदा
सरकार के इस फैसले को अगर चुनाव से जोड़कर देखा जाए तो इससे एनडीए को फायदा मिल सकता है. क्योंकि इन 2 लाख 91 हजार कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के घर में औसतन पांच मतदाता भी हुए 15 लाख वोटर्स का एनडीए की तरफ झुकाव हो सकता है. अगर ये 15 लाख वोटर्स एनडीए के खाते में जाते हैं तो वोट प्रतिशत बढ़ने के साथ-साथ जीतने वाली सीटों की संख्या भी बढ़ सकती है. 2022 के विधानसभा चुनाव में एनडीए को कुल 4.04 करोड़ वोट मिले थे. अगर इसमें 15 लाख वोट और जुड़ जाते तो एनडीए का कुल वोट आंकड़ा 4.19 करोड़ के करीब पहुंच जाएगा. अगर 15 लाख वोटों को सभी 403 विधानसभा सीटों पर समान रूप से बांटकर देखें तो हर सीट पर औसतन करीब 3,722 वोट अतिरिक्त जुड़ेंगे. अब उन सीटों पर एनडीए को फायदा हो सकता है, जहां उनके उम्मीदवार 3722 से कम वोटों के अंतर से चुनाव हारे थे.
2022 में किसको कितने मिले थे वोट
| पार्टी | कुल प्राप्त वोट | वोट प्रतिशत |
|---|---|---|
| बीजेपी | 3,80,51,721 | 41.29% |
| समाजवादी पार्टी | 2,95,43,934 | 32.06% |
| बहुजन समाज पार्टी | 1,18,73,137 | 12.88% |
| राष्ट्रीय लोक दल (RLD) | 26,30,168 | 2.85% |
| कांग्रेस | 21,51,234 | 2.33% |
| अपना दल (एस) | 14,93,181 | 1.62% |
| सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) | 12,52,925 | 1.36% |
| निषाद पार्टी | 8,40,584 | 0.91% |
| आम आदमी पार्टी (AAP) | 3,47,187 | 0.38% |
| जनसत्ता दल लोकतांत्रिक | 1,91,874 | 0.21% |
2022 की क्या थी चुनावी गणित
2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए को करीब 4.04 करोड़ वोट मिले थे. वहीं सपा गठबंधन को करीब 3.37 करोड़ वोट हासिल हुए थे. कांग्रेस को लगभग 21.51 लाख वोट मिले थे. वोट प्रतिशत के लिहाज से एनडीए को 43.82 फीसदी और सपा गठबंधन को 36.60 फीसदी वोट मिले थे.