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Edible Flowers: वैसे तो फूलों का इस्तेमाल पूजा-पाठ और सजावट में ज्यादा होता है. लेकिन कुछ फूल ऐसे भी हैं, जिन्हें लोग खाना भी पसंद करते हैं. भारत की पारंपरिक रसोई में कई ऐसे फूलों की खास जगह रही है, इन्हें सब्जी, दाल, पकौड़े और दूसरी स्वादिष्ट डिश बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाता था. यहां आप ऐसे ही 7 फूलों के बारे में जान सकते हैं.
केले का फूल- केले के फूल का इस्तेमाल भारतीय खानपान में लंबे समय से होता आ रहा है. खासतौर पर दक्षिण और पूर्वी भारत में इससे कई तरह के पारंपरिक व्यंजन बनाए जाते हैं. इसे सबसे पहले अच्छी तरह साफ किया जाता है और फिर छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर दाल, सब्जी या करी में मिलाया जाता है. केले के फूल का स्वाद हल्का कड़वा और थोड़ा अलग होता है. मसालों के साथ पकाने पर इसका स्वाद और भी अच्छा हो जाता है. इसमें फाइबर मौजूद होता है, जो पाचन के लिए फायदेमंद माना जाता है.
कद्दू का फूल- कद्दू की बेल पर खिलने वाले पीले फूल भी खाने के काम आते हैं. ये फूल काफी मुलायम और हल्के स्वाद वाले होते हैं. कई जगहों पर इन्हें बेसन के घोल में लपेटकर कुरकुरे पकौड़े बनाए जाते हैं. इसके अलावा कद्दू के फूलों को प्याज, लहसुन और हल्के मसालों के साथ भूनकर भी खाया जाता है. इनसे बनने वाली डिश स्वाद में अलग और काफी खास होती है.
सहजन का फूल- सहजन के पेड़ पर छोटे-छोटे सफेद फूल खिलते हैं, जिनका इस्तेमाल भी खाने में किया जाता है. इन फूलों को मौसमी सब्जियों के साथ मिलाकर पकाया जाता है. कई घरों में इन्हें दाल, सूखी सब्जी और हल्की ग्रेवी तैयार करने के लिए इस्तेमाल करते हैं. इनका स्वाद ज्यादा तेज नहीं होता, इसलिए ये दूसरे मसालों और सब्जियों के साथ आसानी से घुल-मिल जाते हैं.
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नीम का फूल- नीम के फूल अपने कड़वे स्वाद के लिए जाने जाते हैं. हालांकि, दक्षिण भारत के कई इलाकों में इनका इस्तेमाल पारंपरिक व्यंजन बनाने में किया जाता है. खासतौर पर उगादी के मौके पर बनने वाली उगादी पचड़ी में नीम के फूल डाले जाते हैं. इसके अलावा इनसे रसम भी तैयार किया जाता है. दूसरे स्वादों के साथ मिलकर नीम के फूलों की कड़वाहट खाने को एक अलग स्वाद देती है.
पलाश का फूल- पलाश को जंगल की आग भी कहा जाता है, क्योंकि इसके चमकीले नारंगी और लाल फूल दूर से आग की लपटों जैसे दिखाई देते हैं. मध्य भारत और आदिवासी इलाकों में इस फूल का इस्तेमाल पारंपरिक खानपान में किया जाता है. इसकी पंखुड़ियों को दाल और अनाज के साथ मिलाकर पकाया जाता है. इससे बनने वाले व्यंजन स्थानीय खानपान और परंपराओं का हिस्सा हैं.
कमल का फूल- कमल का नाम आते ही सबसे पहले इसके तने यानी कमल ककड़ी का ख्याल आता है, जिसका इस्तेमाल कई भारतीय व्यंजनों में किया जाता है. हालांकि, कुछ क्षेत्रों में कमल की पंखुड़ियों का भी खाने में इस्तेमाल होता है. इन्हें हल्की करी, सब्जी और भुने हुए व्यंजनों में मिलाया जाता है. इससे खाने को अलग स्वाद और बनावट मिलती है.
गुलमोहर का फूल- गुलमोहर के खूबसूरत फूल गर्मियों के मौसम में खिलते हैं. इनका इस्तेमाल कुछ क्षेत्रीय खानपान में भी किया जाता है. कुछ जगहों पर इन फूलों को पकाकर सब्जी या भुनी हुई डिश तैयार की जाती है.