Agency:एजेंसियां
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अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते का एक शुरुआती ड्राफ्ट सामने आया है. इसमें ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को किसी तीसरे देश भेजने या उसका संवर्धन स्तर घटाने का प्रस्ताव है. इसके बदले अमेरिका प्रतिबंधों और आर्थिक पाबंदियों में राहत दे सकता है. शुरुआती सहमति के सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की बात भी कही गई है.
अक्टूबर के महीने में होर्मुज में जहाजों पर सबसे ज्यादाहमले हुए हैं.
Saudi Arabia News: सऊदी अरब के आसमान में लगातार मिसाइलों और ड्रोन का खतरा मंडरा रहा है. शुक्रवार और शनिवार को ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हवा में ही नष्ट करने का दावा किया. हमलों की जद में देश का तेल समृद्ध पूर्वी क्षेत्र, दक्षिणी इलाका, रियाद और मक्का क्षेत्र तक बताए गए हैं. हालात की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया है. अमेरिका ने अपने नागरिकों को भी एयरपोर्ट और हवाई यात्रा को लेकर बेहद सतर्क रहने की सलाह दी है.
यह संकट सिर्फ सऊदी अरब की सुरक्षा तक सीमित नहीं है. खाड़ी क्षेत्र में समुद्री रास्तों पर भी हमले बढ़ रहे हैं. होर्मुज स्ट्रेट में अक्टूबर के दौरान जहाजों पर करीब 35 हमले दर्ज किए गए हैं. इस बीच 27 भारतीय क्रू सदस्यों वाले तेल टैंकर MT LOUISE 1 पर भी हमला हुआ, हालांकि सभी नाविक सुरक्षित हैं. यानी पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव अब जमीन, आसमान और समुद्र-तीनों मोर्चों पर असर दिखा रहा है.
सऊदी अरब के किन इलाकों में हुए हमले?
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने शनिवार तड़के बताया कि उसने देश के तेल समृद्ध पूर्वी क्षेत्र के ऊपर एक ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया. इसके बाद दक्षिणी क्षेत्र की ओर हूतियों की ओर से लॉन्च किए गए एक अन्य ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया गया. इससे पहले शुक्रवार को गठबंधन ने मदीना क्षेत्र के ऊपर हूतियों का एक ड्रोन नष्ट करने की जानकारी दी थी. हालांकि, हूती समूह ने शुक्रवार को किसी भी हमले से इनकार किया था.
गठबंधन ने शुक्रवार को यह भी दावा किया कि उसने हूतियों की ओर से दक्षिणी क्षेत्र की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया. गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल Turki Al-Maliki ने मिसाइल दागे जाने की जानकारी दी, लेकिन यह नहीं बताया कि उसका निशाना क्या था और उससे कितना नुकसान हो सकता था. इसके अलावा रियाद और मक्का क्षेत्र के ऊपर भी ड्रोन को नष्ट करने की जानकारी दी गई. गुरुवार को रियाद की तरफ दागी गई दो बैलिस्टिक मिसाइलों को भी इंटरसेप्ट करने का दावा किया गया था.
अमेरिकी दूतावास ने क्यों जारी किया सुरक्षा अलर्ट?
लगातार हमलों के बीच रियाद स्थित अमेरिकी मिशन ने 30 अक्टूबर को नई सुरक्षा एडवाइजरी जारी की. इसमें कहा गया कि ईरान समर्थित हूती विद्रोही सऊदी अरब के खिलाफ हमलों और शत्रुतापूर्ण गतिविधियों में शामिल रहे हैं. उनके निशाने पर नागरिक एयरपोर्ट और दूसरे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे भी रहे हैं. अमेरिकी मिशन के मुताबिक, इन हमलों के कारण आम नागरिकों की मौत और यात्रा व्यवस्था में गंभीर बाधाएं पैदा हुई हैं. अमेरिका ने अपने गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश दिया है.
अमेरिकी मिशन ने आशंका जताई है कि मौजूदा शत्रुता तेजी से बढ़ सकती है और इसका असर आसपास के इलाकों से आगे भी फैल सकता है. अमेरिकी नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे सऊदी अरब के एयरपोर्ट का इस्तेमाल करते समय अत्यधिक सावधानी बरतें. यात्रा से पहले अपनी फ्लाइट की स्थिति एयरलाइन और एयरपोर्ट से जरूर जांच लें.
होर्मुज स्ट्रेट में अक्टूबर सबसे खराब महीना, 35 हमले दर्ज
खाड़ी क्षेत्र में तनाव का दूसरा बड़ा मोर्चा समुद्र है. ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UK Maritime Trade Operations (UKMTO) के विश्लेषण के मुताबिक, अक्टूबर में खाड़ी और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर करीब 35 हमले हुए. फरवरी में अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ संयुक्त हवाई हमले शुरू होने के बाद से अक्टूबर जहाजों पर हमलों के लिहाज से सबसे खराब महीना रहा. मार्च में करीब 30 हमले हुए थे. UKMTO के अनुसार, 28 अक्टूबर को खत्म हुए सप्ताह में होर्मुज स्ट्रेट से 122 जहाज बाहर गए और 155 जहाज अंदर आए. यह युद्ध शुरू होने से पहले के स्तर से करीब 70 प्रतिशत कम है. हालांकि, पिछले सप्ताह के 114 आउटबाउंड और 127 इनबाउंड जहाजों के मुकाबले इसमें कुछ बढ़ोतरी हुई है. एजेंसी ने 28 फरवरी को युद्ध शुरू होने के बाद से होर्मुज जलडमरूमध्य, अदन की खाड़ी और ओमान सागर में कम से कम 144 हमलों की जानकारी दी है.