‘विपक्ष देश के सामने अवरोध पैदा कर रहा’, एकता नगर में पीएम मोदी बोले- दिमागी नक्सल से सतर्क रहना है

‘विपक्ष देश के सामने अवरोध पैदा कर रहा’, एकता नगर में पीएम मोदी बोले- दिमागी नक्सल से सतर्क रहना है


Ekta Diwas: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रीय एकता दिवस के मौके पर विपक्ष पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि ये हमारा दुर्भाग्य है कि इस समय देश में विपक्ष अपना कर्तव्य त्यागकर विरोध के बजाय अवरोध पक्ष बन चुका है. अपनी हताशा और निराशा में ये लोग देश के विकास के सामने अवरोध खड़े कर रहे हैं. ये विरोध नहीं है, ये अवरोध है. इन्होंने इसी को अपनी राजनीति बना लिया है. ये लोग संविधान की मर्यादाओं को तार-तार करने में लगे हैं. ये ताकतें लगातार देश में विभाजन की साजिशों में लगी हैं. मां भारती की संतानों को आपस में बांटने और लड़वाने के कुचक्र रचती जा रही हैं.

एक दशक से अधिक की हताशा और निराशा के कारण ये लोग अब खुलकर सामने आ गए हैं. कौन विदेश में गुप्त रूप से किससे मिल रहा है? भारत विरोधी ताकतें किसे समर्थन दे रही हैं? कौन भारत के दुश्मनों की भाषा बोल रहा है? हमें इन सभी पैटर्न्स को पहचानना होगा. हमें एकजुट होकर इनका मुकाबला करना होगा. खासकर सोशल मीडिया को जिस तरह हथियार के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है, अफवाहें फैलाई जा रही हैं और भारत की छवि को खराब करने की कोशिश हो रही है, देशवासियों को मिलकर इनसे निपटना होगा.

हमने सुदूर इलाकों में नक्सलवाद का अंत कर दिया है. लेकिन अभी दिमागी नक्सल का खतरा देश के ऊपर से टला नहीं है. देश को इन दिमागी नक्सलियों से हमेशा सतर्क रहना है. हालात चाहे कितने भी कठिन क्यों न हों, राष्ट्रीय एकता का यह महायज्ञ, सशक्त और समर्थ भारत की संकल्प यात्रा, हमें रुकने नहीं देनी है. इस दिशा में हमें अब अगले बड़े लक्ष्यों पर काम करना है. हमें देश की सीमाओं को पूरी तरह से सुरक्षित करना है. हमें घुसपैठ और डेमोग्राफी में हो रहे बदलावों को रोकना है. हमें सेक्युलर सिविल कोड की ओर भी आगे बढ़ना है.

जब भी देश बड़े संकल्प लेगा, देश जब भी बड़े फैसले लेगा, बाधाएं आएंगी, रुकावटें खड़ी होंगी और तूफानों से भी मुकाबला करना होगा. लेकिन भारत अब रुकने वाला नहीं है. एक भारत, श्रेष्ठ भारत. एक भारत, श्रेष्ठ भारत का मंत्र और विकसित भारत का लक्ष्य अब भारत के अटल संकल्प बन चुके हैं. हम परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे. हम झंझावातों का डटकर मुकाबला करेंगे.

तोड़ी जा चुकी है नक्सलवाद की कमर
राष्ट्रीय एकता दिवस के संबोधन में प्रधानमंत्री ने नक्सलवाद के खिलाफ देश की कार्रवाई का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि पिछले साल सरदार पटेल के 150वें जन्मदिवस पर उन्होंने यहीं उनके चरणों में खड़े होकर संकल्प लिया था कि जब तक देश नक्सलवाद और माओवादी आतंक से पूरी तरह मुक्त नहीं हो जाता, तब तक चैन से नहीं बैठेंगे. पीएम मोदी ने कहा कि ठीक एक साल बाद आज देश का वह संकल्प पूरा हो चुका है. नक्सलवाद की कमर तोड़ी जा चुकी है. उन्होंने बताया कि 2015 में देश के 126 जिले वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित थे, लेकिन मार्च 2026 तक देश में ऐसा कोई जिला नहीं रह गया, जो अब भी नक्सलवाद से प्रभावित हो.

उन्होंने कहा कि दशकों तक हिंसा और खून-खराबे से पीड़ित रहे ये जिले अब विकास की मुख्यधारा का हिस्सा बन रहे हैं. इन इलाकों में सड़कों का विस्तार हो रहा है, मोबाइल नेटवर्क पहुंच रहा है और स्कूलों की सुविधाएं बढ़ रही हैं. युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार और आगे बढ़ने के नए अवसर खुल रहे हैं. प्रधानमंत्री ने एकता दिवस के आयोजन में शामिल हुए नक्सल प्रभावित इलाकों के परिवारों का अभिनंदन किया. साथ ही, इन क्षेत्रों में शांति स्थापित करने के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन किया. उन्होंने कहा कि आज भारत पहले से अधिक सुरक्षित है.

सरदार पटेल ने 550 से ज्यादा रियासतों को किया एक
प्रधानमंत्री मोदी ने सरदार वल्लभभाई पटेल को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनके बिना आज के भारत की कल्पना करना मुश्किल है. सरदार पटेल ने भारत के वर्तमान स्वरूप को गढ़ा और आजादी के बाद 550 से ज्यादा रियासतों को एक कर देश को एकता के सूत्र में पिरोया था. उन्होंने कहा कि सरदार पटेल भारत की विविधता को उसकी बाधा नहीं, बल्कि एकता का वास्तविक आधार मानते थे. उन्होंने देश के भूगोल को जोड़ने के साथ-साथ भावनात्मक एकता की नींव भी मजबूत की. गुजरात में सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण के जरिए उन्होंने राष्ट्र के सांस्कृतिक पुनरुत्थान का भी श्रीगणेश किया. पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर की ध्वजा 1000 साल से अत्याचारियों के इरादों को ध्वस्त करते हुए स्वाभिमान के साथ फहरा रही है. इसी आत्मगौरव ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व की प्रेरणा दी. इस साल देश इस पर्व को भी उत्साह के साथ मना रहा है. उन्होंने बताया कि इस महान कार्य को भी इस वर्ष 75 साल पूरे हुए हैं.

एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत
प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया अशांति की आग में झुलस रही है और संसाधनों का संकट बढ़ता जा रहा है. ऐसे समय में भारत और भारतवासियों की एकता बहुत बड़ा संबल है, जो देश को तमाम तूफानों से बाहर निकालने वाली है. उन्होंने कहा कि कई देशों में डीजल-पेट्रोल की खरीद पर लिमिट तक लगा दी गई. ऐसी आशंका भारत के लिए भी जताई गई थी और भारत विरोधी ताकतें भी सक्रिय हो गई थीं. पीएम मोदी ने कहा कि किसी भी देश के लिए स्वतंत्रता जरूरी है, क्योंकि स्वतंत्रता मिलने पर देश अपने भविष्य का फैसला खुद करता है. लेकिन स्वतंत्रता को सही दिशा गणतंत्र से मिलती है. संविधान फैसलों को उसकी मर्यादा में आगे बढ़ाने का रास्ता दिखाता है और जनता के प्रति जवाबदेह बनाता है. वहीं, एकता देश को एक राष्ट्र के रूप में आगे बढ़ने की शक्ति देती है.

एकता दिवस जनभागीदारी से जन गौरव का उत्सव बना
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस बार राष्ट्रीय एकता दिवस का आयोजन सुबह के बजाय शाम को हुआ है. एकता नगर में भारत की एकता के विराट दर्शन हुए हैं. उन्होंने राष्ट्रीय एकता परेड को अद्भुत बताते हुए कहा कि यह पुलिस और सुरक्षा बलों के शौर्य और साहस को समर्पित रही. परेड और झांकियों के जरिए देश की विरासत और आकांक्षाएं सामने आईं. पीएम मोदी ने कहा कि एकता दिवस अब केवल आयोजनों तक सीमित नहीं है, बल्कि जनभागीदारी से जन गौरव का उत्सव बन गया है.



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