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Akhilesh Yadav On Azam Khan Arrest: आजम खान की गिरफ्तारी पर सपा अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने अपना गुस्सा जाहिर किया है. उन्होंने बीजेपी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट शेयर करते हुए साफ तौर पर कहा कि आजम खान के खिलाफ रचे जा रहे मुकदमों की इस साजिश को पूरा देश और दुनिया देख रही है.
अखिलेश की फिर गिरफ्तारी पर भड़के अखिलेश यादव
लखनऊ: समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पार्टी नेता मोहम्मद आजम खान पर लगातार हो रही कानूनी कार्रवाई और उनकी गिरफ्तारी को पर भावुक हो गई. उन्होंने भाजपा पर हमला बोला है. शनिवार को उनकी रामपुर जेल से रिहाई के तुरंत बाद ईडी की गिरफ्तार पर अखिलेश भड़क गए हैं. उन्होंवे एक्स पर लिखा, ‘आज के हुक्मरानों को यह याद रखना चाहिए कि जब वक्त बदलता है तो तख्त भी बदल जाता है.’
अखिलेश यादव ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए लिखा, ‘आज के हुक्मरानों को याद रहे कि जब वक्त बदल जाता है तो तख्त भी बदल जाता है. आदरणीय आजम खान साहब के साथ मुकदमों की जो साजिश की जा रही है, उसे पूरा देश और दुनिया देख रही है. किसी उम्रदराज को इस तरह के बेमानी मुकदमों में फंसाकर बार-बार जेल में डालना एक बेहद कायराना हरकत है.’ उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि आज की सत्ता जिस गलत रवायत को बढ़ावा दे रही है, कल हवा बदलने पर वह खुद इसका शिकार बनेगी और तब उन्हें भागने का मौका तक नहीं मिलेगा.’
नाइंसाफी जब हद से गुजर जाती है तो कहर बन जाती है
अपने इस बयान में अखिलेश यादव ने आगे कहा कि अन्याय और नाइंसाफी जब अपनी हदें पार कर लेती है, तो वह जुल्म करने वाले के लिए ही एक बड़ा कहर बन जाती है. उन्होंने इस पूरी घटना को बेहद निंदनीय बताया है. इसके बाद उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं की आवाज को दबाने के लिए प्रशासनिक तंत्र का दुरुपयोग किया जा रहा है. गौरतलब है कि हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य कानूनी मामलों में घिरे आजम खान की स्थिति को लेकर समाजवादी पार्टी लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है. पार्टी का शीर्ष नेतृत्व शुरू से ही इसे राजनीतिक प्रतिशोध और बदले की भावना से की गई कार्रवाई बताता रहा है.
ईडी ने क्यों कि आजम खान की गिरफ्तारी
आजम खान की गिरफ्तारी मुख्य रूप से मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) और मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं के कारण की गई है. केंद्रीय जांच एजेंसी की यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई दर्जनों एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी, जिसमें आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए किसानों की जमीन पर जबरन कब्जा किया गया, दुश्मनों की संपत्ति (Enemy Property) का दुरुपयोग हुआ. साथ ही उनके खिलाफ सरकारी विकास कार्यों के लिए आने वाले फंड को हेराफेरी कर का आरोप लगा. इसके अलावा, सरकारी ठेकों की रकम को ट्रस्ट के नाम पर घुमाने और 2016 के दौरान घरों को गिराकर मलबा यूनिवर्सिटी तक पहुंचाने जैसे गंभीर मामलों में जांच कर रही ईडी ने यह कानूनी कदम उठाया है.