नई दिल्ली. हिंदी सिनेमा में मधुबाला और दिलीप कुमार की लव स्टोरी पर आज भी चर्चा में होती है. हालांकि दोनों का प्यार मुकम्मल नहीं हो पाया. हाल ही में दिग्गज एक्ट्रेस मुमताज ने दावा किया कि दिलीप कुमार ने मधुबाला से इसलिए रिश्ता तोड़ा था, क्योंकि वह दिल की बीमारी जूझ रही थीं और वह बच्चे पैदा नहीं कर सकती थीं. मगर अब मधुबाला की बहन मधुर भूषण ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि उनकी बीमारी का पता काफी बाद में चला था. मधुर ने यह भी बताया कि मधुबाला और दिलीप कुमार को एक ही कब्रिस्तान में आस-पास ही दफनाया गया है.
विक्की लालवानी को दिए इंटरव्यू में मधुर ने दोनों के ब्रेकअप पर बात करते हुए कहा कि यह बहुत बड़ी और लंबी कहानी है. उन्होंने साफ किया कि मधुबाला को दिल की बीमारी काफी बाद में हुई थी. तब तक दिलीप कुमार उनकी जिंदगी में नहीं थे. मधुर के मुताबिक, मधुबाला को दिल की बीमारी का पता 1958 में फिल्म ‘चलती का नाम गाड़ी’ की शूटिंग के दौरान चला था. मुमताज के दावे को खारिज करते हुए मधुर ने उन्होंने कहा कि उनका बयान पूरी तरह से गलत है. मधुर ने यह भी खुलासा किया कि दिलीप कुमार और मधुबाला मुंबई के जुहू मुस्लिम कब्रिस्तान में एक-दूसरे से महज 5 से 10 मीटर की दूरी पर दफन हैं.
मधुबाला के पिता की वजह से टूटा था रिश्ता?
बताया जाता है कि फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ की शूटिंग के दौरान साल 1957 में मधुबाला और दिलीप कुमार का रिश्ता खत्म हो गया था. इसकी बड़ी वजह दिलीप कुमार और मधुबाला के पिता अताउल्लाह खान के बीच की अनबन मानी जाती है, जो इस रिश्ते के खिलाफ थे. हालांकि, उनके अलग होने की कहानी सिर्फ दिल की बीमारी या किसी एक वजह तक सीमित नहीं थी.
दिलीप कुमार-मधुबाला के बीच क्यों आई कड़वाहट?
दिलीप कुमार ने अपनी आत्मकथा ‘द सब्सटेंस एंड द शैडो’ में बताया था कि अताउल्लाह खान एक फिल्म स्टूडियो खोलना चाहते थे, जिसमें वह दिलीप और मधुबाला को लीड सितारों के रूप में रखना चाहते थे. मगर दिलीप कुमार इस प्रस्ताव से सहज नहीं थे, जिससे दोनों के रिश्तों में कड़वाहट आ गई. ‘मुगल-ए-आजम’ की शूटिंग के समय तक दोनों के बीच बातचीत पूरी तरह बंद हो चुकी थी. अपनी किताब में दिलीप कुमार ने यह भी साफ किया था कि मधुबाला की दिल की बीमारी का उनके ब्रेकअप से कोई लेना-देना नहीं था.
सेट पर शूटिंग के दौरान बिगड़ी थी मधुबाला की तबीयत
मधुबाला की बीमारी के शुरुआती लक्षणों को याद करते हुए उनकी बहन मधुर ने बताया कि फिल्म ‘बहुत दिन हुए’ की शूटिंग के दौरान वह पहली बार बेहोश हुई थीं और उन्हें खून की उल्टी आई थी. डॉक्टरों के पास जाने पर उन्होंने बताया था कि सीने में कुछ तकलीफ लग रही है. हालांकि, उनका यह बयान उनके पिछले दावे से थोड़ा अलग नजर आता है, जिसमें उन्होंने कहा था कि बीमारी की शुरुआत 1958 में आई फिल्म ‘चलती का नाम गाड़ी’ से हुई थी, जबकि ‘बहुत दिन हुए’ 1954 में रिलीज हुई थी. मुमकिन है कि मधुर से फिल्म का नाम याद रखने में चूक हुई हो, क्योंकि इंटरव्यू के दौरान उन्होंने खुद माना था कि पिताजी इन सब चीजों की इजाजत नहीं देते थे, इसलिए उन्हें फिल्मों के नाम ठीक से याद नहीं रहते.
किशोर कुमार से प्यार कर बैठी थीं मधुबाला
उस समय मधुबाला चेन्नई में शूटिंग कर रही थीं और डॉक्टर की सलाह पर आगे की जांच के लिए मुंबई वापस आ गईं. मुंबई लौटने के बाद ही जांच में पता चला कि उनके दिल में छेद है. मधुर ने बताया, ‘उस दौर में मेडिकल तकनीक इतनी उन्नत नहीं थी कि बॉम्बे का कोई भी डॉक्टर उनका इलाज कर पाता, क्योंकि यह काफी मुश्किल सर्जरी थी. तब तक मधुबाला और किशोर कुमार के बीच प्यार की शुरुआत हो चुकी थी और वे दोनों कई फिल्मों में एक साथ काम भी कर चुके थे.’
मधुबाला को इलाज के लिए लंदन ले गए थे किशोर कुमार
गाने की शूटिंग के दौरान बेहोस हुईं मधुबाला
मधुर ने बताया कि परिवार ने जितने भी डॉक्टरों से सलाह ली, सभी का यही कहना था, लेकिन मधुबाला इस बात को आसानी से स्वीकार नहीं कर पाई थीं. उन्होंने कहा, मधुबाला ने इस बात पर यकीन करने से साफ इनकार कर दिया था, वह कहती थीं, ‘सब बकवास करते हैं. मेरे दिल में कोई छेद नहीं है. मैं दौड़ सकती हूं, नाच सकती हूं. हालांकि, ‘मुगल-ए-आजम’ के गाने की शूटिंग के दौरान वह बेहोश हो गई थीं.’
36 साल की उम्र में मधुबाला का हुआ था निधन
मधुबाला की तबीयत और ज्यादा बिगड़ गई और उनका वजन काफी कम हो गया था. अपनी बहन के जीवन के आखिरी दिनों को याद करते हुए मधुर ने कहा, ‘वह बेहद गंभीर रूप से बीमार थीं. उन्हें सांस लेने में खासी तकलीफ होती थी और इसी वजह से उनका निधन हुआ. वह 30 साल की उम्र से पहले ही बिस्तर पर आ गई थीं. मधुबाला का 36 साल की उम्र में निधन हो गया था.