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MP IPS Transfer List: मध्य प्रदेश सरकार ने बीती रात 12 IPS अधिकारियों का ट्रांसफर किया है. IPS अफसर अंकित जायसवाल को हरदा का एसपी बनाया गया है. IPS दीपक कुमार शुक्ला को नर्मदापुरम का एसपी नियुक्त किया गया है. IPS अमित सक्सेना को बैतूल, तो वहीं IPS सत्यसाची सराफ को पन्ना का एसपी बनाया गया है.
शासन ने देर रात IPS अफसरों की ट्रांसफर लिस्ट जारी की. (सांकेतिक तस्वीर)
रिपोर्ट- वासु चौरे, भोपाल. मध्य प्रदेश में देर रात 12 आईपीएस अधिकारियों के तबादले की खबर आई. कई जिलों में कप्तानों की दला-बदली की गई है. IPS अफसर ऋषुवर कुमार सिंह को अलीराजपुर से पुलिस मुख्यालय भोपाल भेजा गया है. IPS दीपक कुमार शुक्ला को 32वीं वाहिनी विसबल, उज्जैन से नर्मदापुरम का एसपी बनाया गया है. IPS साईकृष्ण थोटा को नर्मदापुरम एसपी से पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है. IPS अधिकारी वीरेंद्र जैन को बैतूल एसपी से भोपाल नगर पुलिस में पुलिस ट्रैफिक एसपी बनाया गया है.
IPS अफसर निवेदिता नायडू को पन्ना एसपी से 10वीं वाहिनी विसबल, सागर भेजा गया है. IPS अंकित जायसवाल को रेल एसपी भोपाल से हरदा का एसपी बनाया गया है. IPS अमित सक्सेना को पुलिस मुख्यालय भोपाल से बैतूल का एसपी बनाया गया है. IPS अफसर सत्यसाची सराफ को साइबर, इंदौर से पन्ना का एसपी बनाया गया है. IPS अधिकारी समर वर्मा को आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ, उज्जैन से अलीराजपुर का एसपी बनाया गया है.
IPS अभिषेक आनंद को इंदौर SP का अतिरिक्त प्रभार
IPS अफसर अभिषेक आनंद को 15वीं वाहिनी विसबल, इंदौर की जिम्मेदारी के साथ ही पीटीसी इंदौर के पुलिस अधीक्षक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. IPS श्रुतकीर्ति सोमवंशी को 21वीं वाहिनी विसबल, ग्वालियर की जिम्मेदारी के साथ ही 14वीं वाहिनी विसबल, ग्वालियर का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है. IPS अधिकारी शशांक को हरदा एसपी से पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है.
23 IAS अफसरों का तबादला
बताते चलें कि मध्य प्रदेश शासन ने इसी माह 23 IAS अफसरों के तबादले किए थे. इस बड़े फेरबदल में शासन ने कई प्रमुख विभागों और शीर्ष पदों की जिम्मेदारी बदली थी. वरिष्ठ IAS अफसर सुखबीर सिंह को मुख्यमंत्री का नया प्रमुख सचिव बनाया गया. IAS भरत यादव को जनसंपर्क विभाग के सचिव पद की कमान सौंपी गई.
कई जिलों में नए कलेक्टर
इस प्रशासनिक सर्जरी के तहत जिलों के मैदानी प्रशासनिक अमले में भी बड़ा बदलाव किया गया. राज्य के आधा दर्जन से ज्यादा जिलों को नए कलेक्टर मिले. वहीं चार से ज्यादा जिलों के कलेक्टरों का तबादला कर उन्हें नए जिलों की कमान सौंपी गई. इस बदलाव के पीछे प्रशासनिक कसावट और राजनीतिक वजहें जुड़ी हुई थीं. फील्ड में ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सख्त तेवर अपनाए. मूंग खरीदी आंदोलन के दौरान प्रभावी कार्रवाई न करने के चलते नर्मदापुरम और हरदा के कलेक्टरों को बदलने की चर्चा रही. साथ ही शासकीय योजनाओं के कार्यान्वयन में गंभीरता की कमी और जनप्रतिनिधियों से समन्वय में कमी के चलते कम अवधि वाले कलेक्टरों को भी हटाया गया.