Rajasthan Politics : शादियों के मुहूर्त में फंसेगी बाड़ाबंदी, दीवाली के बाद 5 बड़े सावे, होटल-रिसोर्ट मिलना चुनौती

Rajasthan Politics : शादियों के मुहूर्त में फंसेगी बाड़ाबंदी, दीवाली के बाद 5 बड़े सावे, होटल-रिसोर्ट मिलना चुनौती


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Rajasthan BJP Politics : पंचायतीराज चुनावों की वोटिंग के बीच अब बीजेपी की नजरें ज्यादा से ज्यादा जिला परिषदों और पंचायत समितियों में अपने जिला प्रमुख और प्रधान बनाने पर है. चौथे चरण की वोटिंग होने के बाद बाड़ाबंदी शुरू हो जाने की संभावना है. लेकिन बीजेपी के सामने बाड़ेबंदी के लिए स्थान का संकट सामने आ गया है. शादी समारोह के चलते होटल रिसॉर्ट पहले से बुक हैं. दीपावाली के बाद पांच बड़े सावे हैं. ऐसे में सुरक्षित स्थान पर बाड़ाबंदी करना बीजेपी के लिए बड़ी चुनौती है.

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राजस्थान बीजेपी अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बाड़ाबंदी से इनकार करते हुए कहा कि हमारे यहां बाड़ाबंदी नहीं प्रशिक्षण शिविर आयोजित होते हैं.

जयपुर. राजस्थान में निकाय चुनाव के बाद अब भाजपा ने पंचायतीराज संस्थाओं में भी अपने समर्थित प्रतिनिधियों को शीर्ष पदों तक पहुंचाने की रणनीति पर तेजी से काम करना शुरू कर दिया है. जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनावी चरण पूरे होने के साथ पार्टी की नजर अब जिला प्रमुख और प्रधान के चुनाव पर है. चार चरणों की मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद 15 नवंबर के आसपास निर्वाचित सदस्यों को प्रशिक्षण शिविर के नाम पर एकजुट रखने की (बाड़ाबंदी) कवायद शुरू करेगी. लेकिन बीजेपी के सामने एक बड़ा संकट हो गया. वह यह कि दीपावली के बाद शादी समारोह का भी सीजन शुरू हो जाएगा. ऐसे में रिसॉर्ट और होटल का मिलना अब मुश्किल हो गया है.

राजस्थान में ‘वन स्टेट-वन इलेक्शन’ के तहत निकाय चुनाव के बाद अब पंचायती राज चुनाव की प्रक्रिया चल रही है. पंचायतीराज चुनाव के तहत 41 जिला परिषदों में 1,403 जिला परिषद सदस्य और 457 पंचायत समितियों में 8,245 पंचायत समिति सदस्य चुने जाने हैं. यानी दोनों स्तरों पर कुल 9,648 सदस्य चुने जाएंगे. जिला परिषद सदस्य अपने जिले का जिला प्रमुख चुनेंगे. पंचायत समिति सदस्य अपने क्षेत्र का प्रधान चुनेंगे. मतगणना 20 नवंबर को होगी. लेकिन जिला प्रमुख का चुनाव 25 नवंबर और प्रधान का चुनाव 27 नंवबर होगा. लिहाजा इतनी लंबी बाड़ाबंदी के लिए जगह मिलना काफी मुश्किल होगा. सदस्यों का चुनाव परिणाम आने के तत्काल बाद तो पार्टी किसी भी सूरत में अपने चुने हुए सदस्यों और समर्थक निर्दलियों को किसी भी सूरत में बाहर नहीं छोड़गी.

सदस्यों को एकजुट रखना बड़ी चुनौती
भाजपा की कोशिश है कि निकाय चुनाव की तरह पंचायत चुनाव में भी अधिक से अधिक संस्थाओं में उसके समर्थित प्रतिनिधि शीर्ष पदों तक पहुंचे. इसके लिए संगठन को अलग-अलग जिलों में स्थानीय समीकरण, उम्मीदवारों की स्थिति और निर्वाचित सदस्यों के समर्थन का आकलन करना होगा. बहुमत वाले क्षेत्रों में चुनावी गणित सीधा रहेगा. लेकिन जहां मुकाबला करीबी होगा, वहां सदस्यों को एकजुट रखना अहम हो सकता है. उसके लिए बाड़ाबंदी करना जरुरी हो जाता है. जब निकाय चुनाव हो रहे थे तब शादी समारोह के मुहूर्त नहीं थे. लेकिन अब दीपावली के बाद विवाह के मुहूर्त आगे हैं. इनके लिए पहले से ही रिसॉर्ट और होटल बुक हो चुकी हैं.

दिवाली बाद पांच बड़े सावे हैं
जानकारी के अनुसार नवंबर माह में 20 और 21 को देव उठनी ग्यारस का सावा है. 24, 25 और 26 तारीख में भी बड़ी संख्या के विवाह मुहूर्त हैं. राजनीतिक विश्लेषक एसपी मित्तल का कहना है कि ऐसे हालात में पार्टियों को बाड़ाबंदी के लिए होटल और रिसोर्ट मिलना मुश्किल हो रहा है. पंचायत राज चुनाव में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण है. ऐसे में लंबे समय तक महिलाओं को प्रशिक्षण के नाम पर बाड़ाबंदी में रखना और भी मुश्किल होगा.

राठौड़ बोले-पार्टी आवश्यकता के अनुसार रणनीति बनाती है
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने बाड़ाबंदी से इनकार करते हुए कहा कि पार्टी आवश्यकता के अनुसार रणनीति बनाती है. जैसे जैसे आवश्यकता महसूस होगी उसी तर्ज से प्रशिक्षण शिविर आयोजित करेगी. उन्होंने कहा कि जब पार्टी को उचित लगेगा तब जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर चर्चा की जाएगी. बैठकों का उद्देश्य एक-दूसरे को समझना, काम करने के तरीकों पर विचार करना और संकल्प पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम करना है. इसमें बाड़ाबंदी जैसी कोई बात नहीं है.

बीजेपी किसी तरह की बाड़ेबंदी पर विश्वास नहीं करती
पार्टी के प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बगड़ी का कहना है कि भारतीय जनता पार्टी किसी तरह की बाड़ेबंदी पर विश्वास नहीं करती है. हमारे यहां पर प्रशिक्षण शिविर होता है. उसके आधार पर प्रतिनिधियों को आगामी कार्य योजना के बारे में जानकारी दी जाती है. हालांकि दिवाली का त्यौहार है. ऐसे में पार्टी ने अभी तक किसी तरह की प्रशिक्षण शिविर की तैयारी नहीं की है. लेकिन दिवाली के बाद पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर प्रशिक्षण की आयोजित की जाएंगे.



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