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MP High Court News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुनवाई में भोपाल TNCP के संयुक्त संचालक अमित कुमार गजभिए बिस्तर पर लेटे और अंडरपैंट में नजर आए. जस्टिस दीपक खोट ने इस आचरण पर सख्त नाराजगी जताते हुए राज्य सरकार को 4 सप्ताह में अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए और जवाब मांगा है.
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट.
Jabalpur News: मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सुनवाई के दौरान एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के गैर-जिम्मेदाराना रवैये ने न्यायालय की गरिमा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. नगर तथा ग्राम निवेश (TNCP), भोपाल के ज्वाइंट डायरेक्टर अमित कुमार गजभिए अवमानना मामले की सुनवाई के दौरान बिस्तर पर लेटे नजर आए.
मिली जानकारी के मुताबिक, अधिकारी सुनवाई के समय अंडरपैंट में थे और जज के सामने ही अपनी शर्ट के बटन बंद कर रहे थे. एक वरिष्ठ पद पर तैनात प्रशासनिक अधिकारी के इस अमर्यादित आचरण पर जस्टिस दीपक खोट ने अत्यधिक नाराजगी व्यक्त की. उन्होंने इसे न्यायालय की गरिमा और प्रतिष्ठा के पूरी तरह प्रतिकूल माना.
4 हफ्ते में जवाब दे सरकार
हाईकोर्ट ने इस मामले में राज्य सरकार को कड़ा निर्देश दिया कि अधिकारी अमित कुमार गजभिए के खिलाफ तुरंत अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए. सरकार को चार सप्ताह के भीतर इस कार्रवाई की रिपोर्ट अदालत में पेश करनी होगी. साथ ही, अधिकारी से जवाब मांगा गया है कि उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही क्यों न शुरू की जाए.
इस अवमानना याचिका से जुड़ा मामला
पूरा मामला मेसर्स जीएसबी कंस्ट्रक्शन की ओर से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है. याचिकाकर्ता कंपनी का आरोप है कि हाईकोर्ट ने पूर्व में 19 जनवरी 2026 को उसके अभ्यावेदन पर 90 दिनों के भीतर निर्णय लेने का स्पष्ट निर्देश दिया था. लेकिन, निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक स्तर पर कोई उचित कार्रवाई नहीं की गई. यह जमीन विवाद जबलपुर के मधोताल क्षेत्र की लगभग 36 हजार 192 वर्गफीट जमीन के भूमि उपयोग से संबंधित है.
30 नवंबर को सुनवाई
अदालत के आदेशानुसार राज्य सरकार को अनुशासनात्मक कार्रवाई की रिपोर्ट पेश करनी होगी, जबकि अधिकारी को अपने अमर्यादित आचरण पर लिखित जवाब देना होगा. हाईकोर्ट ने इस अवमानना मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर 2026 को निर्धारित की है. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता कंपनी की ओर से अधिवक्ता दिनेश उपाध्याय ने पक्ष रखा.