मोहन कैबिनेट फैसले: 12 जिले सूखा घोषित करने की तैयारी, दिवाली पर स्वदेशी माटी कला को मिलेगा बढ़ावा, जानें और

मोहन कैबिनेट फैसले: 12 जिले सूखा घोषित करने की तैयारी, दिवाली पर स्वदेशी माटी कला को मिलेगा बढ़ावा, जानें और


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MP Cabinet Decisions: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. फैसलों की जानकारी एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने दी. सरकार ने 12 अल्पवर्षा वाले जिलों को सूखा घोषित करने, NVDA-EOW के लिए बजट मंजूरी और दीपावली पर स्वदेशी माटी कला को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है.

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सीएम मोहन यादव.

रिपोर्ट: रमाकांत दुबे

Bhopal News: भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं. जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्यप ने बताया कि बैठक में दीपावली के अवसर पर माटी कला को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विशेष निर्देश दिए हैं.

सभी मंत्रियों को अपने-अपने प्रभार वाले जिलों में इसके लिए पहल करने को कहा है. सरकार का जोर मिट्टी के दीये खरीदने और स्थानीय कुम्हारों को प्रोत्साहित करने पर है. यह पहल प्रधानमंत्री की मंशा के अनुरूप स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से की गई है. राज्य सरकार पारंपरिक माटी कला और कुम्हारों को पूरा प्रोत्साहन प्रदान करेगी.

12 जिलों को सूखा घोषित करने की तैयारी
कैबिनेट में किसान कल्याण वर्ष के अंतर्गत हुए कार्यों का प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया. बैठक में सरकार का मुख्य ध्यान किसानों पर रहा. प्रदेश के 12 जिलों में अल्पवर्षा के मापदंडों पर विस्तृत चर्चा की गई. सरकार जिलेवार आकलन के आधार पर किसानों को सहायता प्रदान करेगी. इन 12 जिलों को सूखा घोषित करने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए कैबिनेट में विशेष सहायता का प्रस्ताव पारित किया गया है. इन क्षेत्रों में पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ किसानों पर विशेष फोकस रखा जाएगा. कम बारिश वाले 12 जिलों में अलीराजपुर सबसे अधिक प्रभावित है, जहां सामान्य से करीब 52% कम वर्षा दर्ज की गई है. इसके अलावा इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार, शाजापुर और पांढुर्ना में भी कम बारिश हुई है.

NVDA, EOW और प्रशासनिक निर्णय
कैबिनेट ने आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) के सुदृढ़ीकरण के लिए 345 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है. वहीं नगरीय निकायों में AI और टेक्नोलॉजी की मदद से 392 लोगों पर कार्रवाई की गई है. साथ ही NVDA की चार योजनाओं को निरंतरता देने की स्वीकृति दी गई. इसके तहत छिंदवाड़ा, सागर, सिवनी और मुरैना की योजनाओं के लिए 3,378 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. नए जिलों के लिए प्रशासनिक मंजूरी से जुड़े प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए गए हैं.

सेवा संकल्प अभियान और राज्य की उपलब्धियां
मध्यप्रदेश में सेवा संकल्प अभियान के विभिन्न आयाम सफलतापूर्वक संपन्न हुए हैं. प्रदेश भर में 1345 सेवा शिविर और 1600 से अधिक सेवा ज्योति यात्राएं आयोजित की गईं. जनसंपर्क के लिए ‘नमो सेवा नुक्कड़ टोली’ का माध्यम अपनाया गया. पिछले दो सप्ताह में मध्यप्रदेश को कृषि, पोषण और पर्यटन के क्षेत्र में राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं. पॉवर लॉस कम करने के लिए पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी को भी पुरस्कृत किया गया है.

आगामी राज्य स्तरीय कार्यक्रम
राज्य में आगामी दिनों में कई बड़े आयोजन किए जाएंगे. आने वाले 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती पर विशेष कार्यक्रम होंगे. इसके बाद 1 नवंबर को मध्यप्रदेश स्थापना दिवस मनाया जाएगा. वहीं 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के बड़े आयोजनों की तैयारी की जा रही है.



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