दादाजी ने अपने घर के तलघर में एक ऐसा खतरनाक राज छुपा रखा था, जो अगर फट जाता तो पूरा मोहल्ला मिनटों में राख बन जाता. वो इस बात को पूरे 80 सालों तक किसी को नहीं बता पाए. एक दिन जब परिवार के लोग बेसमेंट की साफ-सफाई कर रहे थे, तो कबाड़ के बीच उन्हें एक ऐसी चीज मिली जिसे देखकर सबकी रूह कांप गई. वो कोई साधारण कबाड़ नहीं, बल्कि युद्ध के दौर का एक जिंदा ग्रेनेड था, जो कभी हजारों लोगों की जान लेने की ताकत रखता था. अचानक सामने आए इस मौत के सामान को देखकर परिवार वालों के होश उड़ गए.
परिवार को बेसमेंट के कबाड़ में दिखा ग्रेनेड
अमेरिका के मिशिगन राज्य के कलामाजू इलाके में हुई इस घटना ने सबको हिला कर रख दिया. ये दूसरे विश्व युद्ध के दौर का एक पुराना हथगोला यानी ग्रेनेड था, जो दशकों से वहां भूला-भटका पड़ा हुआ था. ये नजारा किसी फिल्मी दृश्य जैसा था, जहां अनजाने में मिला एक पुराना बम कभी भी बड़ी तबाही मचा सकता था. परिवार के लोग समझ नहीं पा रहे थे कि इस जानलेवा चीज के साथ क्या किया जाए. घबराने के बजाय उन्होंने समझदारी दिखाते हुए तुरंत स्थानीय पुलिस और इमरजेंसी सर्विसेज को फोन कर दिया.
खबर मिलते ही वैन ब्यूरन काउंटी शेरिफ ऑफिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई. पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने जब उस ग्रेनेड की जांच की, तो उन्होंने पुष्टि की कि ये हथियार लगभग 1945 यानी दूसरे विश्व युद्ध के समय का है.
लेकिन सबसे बड़ा सवाल ये था कि क्या 80 साल से तहखाने के अंधेरे में पड़े रहने के बाद भी ये ग्रेनेड चालू था या नहीं? इतने पुराने और जंग लगे हथगोले को छूना भी अपनी जान जोखिम में डालने जैसा था. इस खतरनाक स्थिति से निपटने के लिए स्थानीय पुलिस ने कलामाज़ू डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक सेफ्टी बॉम्ब स्क्वॉड को तुरंत बुला लिया.
एक्स-रे मशीन से खुला राज: क्या सच में जिंदा था बम?
ग्रेनेड के अंदर क्या स्थिति है, ये देखना अपने आप में एक बड़ा जोखिम भरा काम था. ऐसे मामलों में बम एक्सपर्ट्स किसी भी खतरे से बचने के लिए खास तरह के पोर्टेबल एक्स-रे इक्विपमेंट का इस्तेमाल करते हैं. इस आधुनिक तकनीक की मदद से बम निरोधक दस्ते ने सुरक्षित दूरी से ही उस ग्रेनेड के अंदरूनी हिस्सों की स्कैनिंग की. वे ये देखना चाहते थे कि इसके अंदर विस्फोटक सामग्री सुरक्षित है या नहीं.
जांच के बाद राहत की सांस लेने वाला सच सामने आया. एक्सपर्ट्स ने कंफर्म किया कि दादाजी कोई लापरवाह या गैरकानूनी हथियार रखने वाले संग्राहक नहीं थे. किसी ने बहुत साल पहले ही इस ग्रेनेड को ‘डिकमीशन’ यानी निष्क्रिय कर दिया था. इसका मतलब ये था कि वो बम अब अंदर से पूरी तरह खाली और सुरक्षित था, उससे किसी तरह के धमाके का कोई खतरा नहीं बचा था.
इतिहास के शौकीन और चेतावनी: पुराने हथियारों से जुड़ी डरावनी सच्चाई
भले ही ये ग्रेनेड बाद में सुरक्षित निकला, लेकिन इस घटना ने इतिहास के पन्नों और पुराने सामानों के शौकीनों को एक बड़ी चेतावनी दे दी है.
वैन ब्यूरन काउंटी शेरिफ ऑफिस ने साफ शब्दों में सभी नागरिकों को चेतावनी दी है कि पुराने सैन्य अवशेष, कारतूस और इस तरह के विस्फोटक उपकरण अपनी उम्र या बाहरी रूप-रंग के बावजूद दशकों बाद भी खतरनाक हो सकते हैं. कई बार लोग इन्हें सिर्फ एक पुरानी याद या एंटीक पीस समझकर घरों में रख लेते हैं, जो कभी भी जानलेवा साबित हो सकता है.
युद्ध के दौर की यादें और तहखानों के राज
चौंकाने वाली बात ये है कि इस तरह के मिलिट्री-ग्रेड सामान मिलना कोई इकलौती घटना नहीं है. दुनिया के कई हिस्सों में आज भी ऐसे वाकये सामने आते रहते हैं.
- हाल ही में एक दिवंगत WWII वेटरन के पड़ोसियों को Stalag Luft 3 यानी वो कुख्यात नाजी जेल कैंप जिसके ऊपर मशहूर हॉलीवुड फिल्म ‘The Great Escape’ बनाई गई थॉ, उससे जुड़ी फाइलों का एक पूरा खजाना मिला था.
- इतिहासकार और शोधकर्ता आज भी समुद्र की गहराइयों में डूबे पुराने युद्धपोतों को ढूंढ रहे हैं.
- दूसरी तरफ, विमानों के पुराने शौकीन और रिस्टोरेशन स्पेशलिस्ट्स द्वितीय विश्व युद्ध के जमाने के पुराने विमानों को आज भी ठीक करके दोबारा उड़ाने लायक बना रहे हैं.
जिंदा बम के लिए जारी किए गए निर्देश
इस घटना के बाद फर्स्ट रिस्पॉन्डर और बम एक्सपर्ट्स ने आम जनता के लिए कुछ बेहद जरूरी और सख्त निर्देश जारी किए हैं. इन सभी दिशा-निर्देशों का कुल मिलाकर एक ही सीधा नियम है, ‘इन खतरनाक चीजों के साथ बिल्कुल छेड़छाड़ न करें!’
अगर आपको कभी भी घर की सफाई करते समय, खेत में या किसी पुरानी जगह पर कोई संदिग्ध विस्फोटक या हथगोला मिल जाए, तो इन बातों का हमेशा ध्यान रखें.
- बिल्कुल हाथ न लगाएं: चाहे वो चीज कितनी भी पुरानी, जंग लगी हुई या शो-पीस जैसी क्यों न दिखे, उसे उठाने या हिलाने की भूल बिल्कुल न करें.
- तुरंत दूर हट जाएं: उस जगह से तुरंत सुरक्षित दूरी पर चले जाएं और दूसरों को भी वहां जाने से रोकें.
- तुरंत अधिकारियों को फोन करें: बिना एक पल गंवाए लोकल पुलिस, शेरिफ ऑफिस या बम स्क्वॉड को इसकी सूचना दें.
शेरिफ ऑफिस ने अपनी चेतावनी में साफ कहा है, ‘यहां तक कि जिन चीजों के बारे में आपको ये लगता है कि वे सिर्फ मिलिट्री के स्मृति चिन्ह या इस्तेमाल न होने वाले उपकरण हैं, उन्हें भी तब तक बेहद खतरनाक मानना चाहिए जब तक कि कोई क्वालिफाइड प्रोफेशनल उसकी जांच न कर ले’.
दादाजी के बेसमेंट से निकला ये ग्रेनेड भले ही अंत में एक निष्क्रिय वस्तु निकला, लेकिन ये घटना हम सभी के लिए एक बड़ा सबक है. इतिहास की पुरानी यादों को सहेजना अच्छी बात है, लेकिन सुरक्षा से समझौता करना भारी पड़ सकता है. अगली बार जब आप भी घर के किसी पुराने कोने की सफाई करें और कोई ऐसी संदिग्ध चीज हाथ लगे, तो बहादुरी दिखाने के बजाय तुरंत एक्सपर्ट्स की मदद लें.