नई दिल्ली. भारतीय घरेलू क्रिकेट में हर साल नए सितारे चमकते हैं, लेकिन कुछ पारियां ऐसी होती हैं जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाती हैं. रणजी ट्रॉफी 2026-27 के तीसरे दौर में बड़ौदा के युवा बल्लेबाज प्रियांशु मोलिया ने कुछ ऐसा ही कारनामा कर दिखाया है. उन्होंने जम्मू-कश्मीर के खिलाफ एक ऐतिहासिक और नाबाद तिहरा शतक जड़कर भारतीय क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी है. इस शानदार पारी के साथ ही उन्होंने कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए हैं और एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है.
वड़ोदरा के रिलायंस क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए रणजी मुकाबले में बड़ौदा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया. शुरुआती झटकों के बाद बड़ौदा की पारी लड़खड़ा गई थी. टीम ने महज 197 रन के स्कोर पर अपने 6 महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे. ऐसा लग रहा था कि पूरी टीम सस्ते में सिमट जाएगी, लेकिन नंबर 3 पर बल्लेबाजी करने उतरे 21 वर्षीय प्रियांशु मोलिया (Priyanshu Moliya) ने एक छोर पर चट्टान की तरह खड़े होकर पारी को संभाल लिया.
जम्मू-कश्मीर के खिलाफ ऐतिहासिक प्रदर्शन
पहले दिन का खेल खत्म होने तक बड़ौदा मुश्किल स्थिति में था, लेकिन मोलिया ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन नमूना पेश किया. दूसरे दिन जब खेल दोबारा शुरू हुआ, तो प्रियांशु मोलिया ने जम्मू-कश्मीर के गेंदबाजों की जमकर खबर ली. उन्होंने सातवें विकेट के लिए महेश पिथिया के साथ मिलकर एक ऐतिहासिक साझेदारी की. दोनों बल्लेबाजों ने मिलकर 232 रनों की मैराथन साझेदारी निभाई, जिसमें महेश पिथिया ने भी अपने प्रथम श्रेणी करियर का पहला शतक जड़ा.
प्रियांशु मोलिया यहीं नहीं रुके. उन्होंने अपनी लय बरकरार रखते हुए पहले दोहरा शतक और फिर तिहरा शतक पूरा किया. उन्होंने 492 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 321 रनों की एक मैराथन पारी खेली. इस दौरान उनके बल्ले से 36 शानदार चौके और 1 गगनचुंबी छक्का निकला. प्रियांशु की इस रिकॉर्डतोड़ पारी के बदौलत बड़ौदा का स्कोर 616 रनों के विशाल पहाड़ तक पहुंच गया.
तोड़ा 78 साल पुराना ऐतिहासिक रिकॉर्ड
प्रियांशु मोलिया का यह नाबाद 321 रनों का स्कोर प्रथम श्रेणी क्रिकेट में बड़ौदा के लिए किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गया है. इस सनसनीखेज पारी के साथ उन्होंने महान खिलाड़ी गुल मोहम्मद के 78 साल पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया है. गुल मोहम्मद ने साल 1947 में होलकर के खिलाफ 319 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी, जिसे अब प्रियांशु ने पीछे छोड़ दिया है. इसके साथ ही, प्रियांशु मोलिया बड़ौदा के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले मात्र दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं.
कौन हैं प्रियांशु मोलिया?
21 साल और 132 दिन के प्रियांशु मोलिया ने बहुत कम उम्र में अपनी अद्भुत प्रतिभा का लोहा मनवा दिया है. उन्होंने महज 17 साल की उम्र में अपना प्रथम श्रेणी डेब्यू किया था. अपने डेब्यू सीजन में ही उन्होंने दो शानदार शतक जड़कर सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया था. उस समय से ही माना जा रहा था कि वह भारतीय क्रिकेट का भविष्य हैं और उन्होंने अपनी इस नई पारी से उस शुरुआती उम्मीद को और मजबूती से सच साबित कर दिखाया है. उनकी तकनीक, दबाव में शांत रहने की क्षमता और लंबी पारी खेलने का माद्दा उन्हें आधुनिक दौर का एक बेहतरीन लाल गेंद का बल्लेबाज बनाता है.
दिग्गजों की खास लिस्ट में शामिल
अपनी इस ऐतिहासिक पारी के दम पर प्रियांशु मोलिया ने भारत के सबसे कम उम्र में प्रथम श्रेणी तिहरा शतक जड़ने वाले चुनिंदा और दिग्गज बल्लेबाजों की एलीट लिस्ट में जगह बना ली है। वह भारत की ओर से इस प्रारूप में तिहरा शतक लगाने वाले सातवें सबसे कम उम्र के बल्लेबाज बन गए हैं.
इस प्रतिष्ठित लिस्ट में वसीम जाफर शीर्ष पर हैं, जिन्होंने महज 18 साल और 262 दिन की उम्र में यह कारनामा किया था. उनके बाद इस फेहरिस्त में अभिनव मुकुंद (18 साल, 302 दिन), भारत के आक्रामक विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (19 साल, 92 दिन), कृपाल सिंह (19 साल, 342 दिन), चेतेश्वर पुजारा (20 साल, 290 दिन) और केएस भरत (21 साल, 126 दिन) का नाम आता है. अब 21 साल और 132 दिन के प्रियांशु मोलिया इस गौरवशाली सूची के सातवें पायदान पर गर्व के साथ शामिल हो गए हैं.