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Chhattisgarh Dhaan Khareedi: छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से धान खरीदी का महाअभियान शुरू हो रहा है. राज्य सरकार 27.50 लाख से अधिक किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदेगी. प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान की खरीदी होगी. किसानों की सुविधा के लिए 360 नए केंद्रों के साथ अब प्रदेश में कुल 3100 केंद्रों पर खरीदी होगी.
छत्तीसगढ़ में 15 नंवबर से धान खरीदी.
रिपोर्ट: आकाश शुक्ला
Raipur News: छत्तीसगढ़ में धान खरीदी महाअभियान की तारीख तय हो गई है. राज्य में 15 नवंबर से धान खरीदी की शुरुआत होगी. प्रदेश सरकार ने किसानों के हित में व्यापक तैयारियां पूरी कर ली हैं. इस वर्ष राज्य के 27.50 लाख से अधिक किसानों से धान खरीदा जाएगा. सरकार किसानों से ₹3100 प्रति क्विंटल की तय दर से धान की खरीदेगी.
प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की होगी खरीदी
राज्य सरकार ने धान खरीदी के लिए स्पष्ट सीमा तय की है. किसानों से प्रति एकड़ अधिकतम 21 क्विंटल धान खरीदा जाएगा. इससे प्रदेश के किसानों को बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा. 27 अक्टूबर को रायपुर में हुई कैबिनेट बैठक में धान खरीदी को लेकर महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है. बैठक में ही तय हुआ कि धान खरीदी 15 नवंबर से हाेगी और इस बार केंद्र बढ़ाए जाएंगे.
सीएम ने कह दी बड़ी बात
वहीं धान खरीदी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपना बयान जारी किया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू हो रही है. उन्होंने कहा कि जो भी किसान हैं, सरकार सबका धान खरीदेगी. इस वर्ष 360 नए धान खरीदी केंद्र और खुल रहे हैं. इससे किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी.
कुल 3100 केंद्रों पर होगी खरीदी
किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए केंद्र बनाए गए हैं. प्रदेश में 360 नए उपार्जन केंद्र खोले जा रहे हैं. इन नए केंद्रों के बनने के बाद प्रदेश में अब 3100 केंद्रों पर धान खरीदी की जाएगी. उपार्जन केंद्रों की संख्या बढ़ने से किसानों को धान बेचने में सुगमता होगी.
‘तुंहर टोकन’ एप से घर बैठे मिलेगा टोकन
किसानों को सोसायटियों में लाइन लगाने से राहत देने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था की गई है. किसानों की सुविधा के लिए ‘तुंहर टोकन’ मोबाइल एप चालू किया गया है. इस एप के माध्यम से किसान घर बैठे ही ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे. इस व्यवस्था से किसानों को सोसायटियों की लंबी कतारों से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी.
अवैध आवक रोकने के लिए सख्त पहरा
धान के पुनर्चक्रण और अवैध आवक पर प्रभावी नियंत्रण के लिए मजबूत प्रशासनिक व्यवस्था बनाई गई है. राज्य स्तर पर ‘इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ का विस्तार किया जाएगा. अवैध धान परिवहन को रोकने के लिए 273 चेक पोस्ट बनाए गए हैं. साथ ही 131 सीमावर्ती उपार्जन केंद्र चिन्हांकित किए गए हैं. खरीदी व्यवस्था और सीमाओं पर निगरानी रखने के लिए विशेष जांच दल भी तैनात किए गए हैं.