अमेरिकी कंपनी टोरानी फ्लेवर्ड सिरप बनाती है. इसके प्रोडक्ट कॉफी, पेय पदार्थ और दूसरे ड्रिंक्स में इस्तेमाल होते हैं. कंपनी की सीईओ मेलानी डुलबेको ने बिजनेस इनसाइडर से बातचीत में कहा कि टोरानी ने अपने 101 साल के इतिहास में कभी कर्मचारियों की छंटनी नहीं की. कर्मचारियों को नौकरी से निकालना हमेशा मजबूरी नहीं होता. कई बार कंपनियां फाइनेंशियल प्रेशर में ऐसा फैसला लेती हैं, जबकि खर्च कम करने के दूसरे विकल्प भी मौजूद होते हैं.
डुलबेको ने कहा- अगर किसी कंपनी के सामने दिवालिया होने का खतरा हो, तो उसके पास विकल्प सीमित हो सकते हैं. लेकिन हर मुश्किल में छंटनी करना जरूरी नहीं है. कर्मचारियों को बनाए रखने से कंपनी को दोबारा कारोबार संभालने और आगे बढ़ने में मदद मिल सकती है.
कोरोना में कारोबार गिरा, फिर भी नहीं निकाले कर्मचारी
टोरानी के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक कोरोना महामारी के दौरान आई. अप्रैल 2020 में कंपनी का राजस्व 20% गिर गया था. कॉफी शॉप और दूसरे पेय पदार्थ बेचने वाले आउटलेट बंद होने से उसके उत्पादों की मांग प्रभावित हुई. इसी दौरान कंपनी कैलिफोर्निया में अपनी नई मैन्युफैक्चरिंग फैक्ट्री तैयार करने के लिए भारी कर्ज भी ले चुकी थी. ऐसे में कर्मचारियों को नौकरी से निकालकर खर्च घटाना उसके लिए एक विकल्प हो सकता था.
लेकिन कंपनी ने दूसरा रास्ता चुना. उसने मार्केटिंग और विज्ञापन पर होने वाले खर्च में कटौती की, कारोबारी यात्राएं रोक दीं और अलग-अलग विभागों से गैर-जरूरी खर्चों की समीक्षा करने को कहा. इसके अलावा, कंपनी ने ऑनलाइन बिक्री और किराना स्टोर के जरिये कारोबार बढ़ाने पर जोर दिया, ताकि कॉफी शॉप से घटने वाली बिक्री की भरपाई की जा सके. डुलबेको के मुताबिक, अप्रैल में राजस्व 20% गिरने के बाद मई में कारोबार में सुधार शुरू हो गया. पूरे 2020 में कंपनी का राजस्व सालाना आधार पर 15% बढ़ा.
फैक्ट्री बदलते समय भी कर्मचारियों का रखा ध्यान
टोरानी ने 2020 में अपना कारोबार सैन लिएंड्रो में स्थानांतरित किया. फैक्ट्री की नई जगह चुनने से पहले कंपनी ने कर्मचारियों के घरों के पोस्टल कोड का नक्शा तैयार किया, ताकि ऐसी जगह चुनी जा सके जहां पहुंचना उनके लिए बहुत मुश्किल न हो. कंपनी का लक्ष्य फैक्ट्री स्थानांतरण के दौरान अपने पूरे कार्यबल को बनाए रखना था. कंपनी के प्रकाशित विवरण के मुताबिक, उसने 2020 में 40 अतिरिक्त कर्मचारियों की भर्ती भी की.
AI और ऑटोमेशन का इस्तेमाल, लेकिन नौकरी बचाने पर जोर
टोरानी बाजार का अध्ययन करने, बिक्री का अनुमान लगाने और मांग की योजना बनाने के लिए AI का इस्तेमाल करती है. ऑटोमेशन से कंपनी कई काम कम कर्मचारियों के साथ कर पाती है और जरूरत से ज्यादा भर्ती करने की नौबत घटती है. डुलबेको के मुताबिक, कर्मचारियों को भरोसा है कि कंपनी तकनीक का इस्तेमाल उनके काम को बेहतर बनाने के लिए करेगी, न कि उनके करियर के अवसर खत्म करने के लिए.
फॉर्च्यून को सितंबर 2026 में दिए इंटरव्यू में डुलबेको ने बताया था कि कंपनी ने 35 साल में औसतन करीब 20% सालाना राजस्व वृद्धि दर्ज की है. कंपनी को 2026 में राजस्व 80 करोड़ डॉलर से ज्यादा होने की उम्मीद है. टोरानी ने कहा कि खर्च घटाने का मतलब हमेशा कर्मचारियों की संख्या कम करना नहीं होता. गैर-जरूरी खर्च रोकना, बिक्री के नए रास्ते तलाशना और तकनीक का सही इस्तेमाल करना भी कारोबार को मुश्किल दौर से निकाल सकता है. हालांकि, हर कंपनी की वित्तीय स्थिति अलग होती है, इसलिए यह तरीका हर परिस्थिति में सफल हो, इसकी गारंटी नहीं है.