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रणबीर कपूर और आलिया भट्ट बॉलीवुड के पावर कपल्स में शुमार हैं. दोनों ने साल 2022 में शादी की थी. रणबीर कपूर की शादी से पहले एक्टर की मां नीतू कपूर ने एक शो पर बताया था कि उन्हें कैसी बहू चाहिए. नीतू कपूर ने अपनी ड्रीम बहू की क्वालिटी के बारे में कहा था कि वो सुई जैसी बहू चाहती हैं जो घर को जोड़कर रखे.
नीतू कपूर ने ड्रीम बहू की क्वालिटी बताई थी.
नई दिल्ली. बॉलीवुड के पॉपुलर कपल्स की बात होती है तो रणबीर कपूर और आलिया भट्ट का नाम जरूर आता है. दोनों ने लंबे समय तक एक-दूसरे को डेट करने के बाद शादी की और अब बेटी राहा के माता-पिता हैं. हालांकि एक वक्त ऐसा भी था, जब रणबीर सिंगल थे और उनकी मां नीतू कपूर ने खुलकर बताया था कि वह अपने बेटे की जिंदगी में कैसी लड़की देखना चाहती हैं. इसके लिए नीतू ने ‘कैंची’ और ‘सुई’ का दिलचस्प उदाहरण दिया था.
ये किस्सा उस वक्त का है जब रणबीर कपूर दिग्गज एक्ट्रेस सिमी ग्रेवाल के शो ‘सिमी सिलेक्ट्स इंडियाज मोस्ट डिजायरेबल’ में पहुंचे थे. शो के दौरान नीतू कपूर ने बेटे के लिए एक वीडियो मेसेज भेजा था. इसमें उन्होंने बताया था कि उनके मुताबिक एक परिवार के लिए सही लड़की कैसी होनी चाहिए.
कैंची जैसी लड़कियां नहीं चाहती थीं नीतू
नीतू कपूर ने अपने मेसेज में कहा था, ‘दो तरह की लड़कियां होती हैं. एक वह जो कैंची लेकर आती हैं और दूसरी वह जो सुई लेकर आती हैं. कैंची वाली लड़की परिवार को तोड़ती है, जबकि सुई वाली लड़की परिवार को जोड़कर रखती है और यह सुनिश्चित करती है कि पूरा परिवार साथ रहे. मुझे ऐसी ही लड़की चाहिए’.
नीतू के इस बयान का मतलब था कि वह रणबीर के लिए ऐसी जीवनसाथी चाहती थीं, जो परिवार के सदस्यों के बीच रिश्तों को मजबूत बनाए रखे और सभी को साथ लेकर चले. नीतू कपूर ने कुछ साल बाद रणबीर की जिंदगी में आलिया भट्ट आईं. दोनों ने एक-दूसरे को डेट करने के बाद 14 अप्रैल 2022 को शादी कर ली. इसी साल 6 नवंबर को उनके घर बेटी राहा का जन्म हुआ.
रणबीर-आलिया को क्या सलाह देना चाहती हैं नीतू?
दिलचस्प बात यह है कि बाद में जब नीतू कपूर ‘कॉफी विद करण’ में पहुंचीं तो रिश्तों को लेकर उनका नजरिया काफी प्रैक्टिकल नजर आया. करण जौहर ने उनसे पूछा था कि ऋषि कपूर के साथ अपनी शादी की ऐसी कौन सी बात है, जिसे वह चाहेंगी कि रणबीर और आलिया भी अपनी शादी में अपनाएं. इसके जवाब में नीतू ने कहा था, ‘कुछ भी नहीं. आज के दौर में आप जो करना चाहते हैं, वह करें. बस खुश रहें. हर पीढ़ी अलग होती है. मैंने जो अनुभव किया, मैं उनसे भी वही करने की उम्मीद नहीं कर सकती. उन्हें अपनी राह खुद चुननी चाहिए’.