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UP MLC Election News: यूपी में हाल ही एमएलसी चुनाव में हुए गड़बड़ियों पर चुनाव आयोग ने सख्त एक्शन लेते हुए इलेक्शन ऑब्जर्वर पर एक्शन लिया गया. आगरा में 6 तो गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र के एक चुनावी अफसर को पद से हटा दिया गया.
एमएलसी चुनाव में गड़बड़ी होने पर चुनाव आयोग ने अफसरों पर एक्शन लिया है. (PTI)
UP MLC Election Action: यूपी एमएलसी स्नातक और शिक्षक के 11 सीटों पर बीते 23 अक्टूबर को हुए इलेक्शन में गड़बड़ियों पर चुनाव आयोग ने सख्त एक्शन लिया है. सोमवार को चुनाव आयोग ने गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र के एक और आगरा क्षेत्र के 6 इलेक्शन ऑब्जर्वर को पद से हटा दिया है. चुनाव आयोग ने प्रेस रिलीज जारी करते हुए कहा कि गोरखपुर क्षेत्र के इलेक्शन ऑब्जर्वर आईएएस अभय सिंह को पद से मुक्त कर दिया गया उनके जगह पर 2009 बैच के आईएएस प्रकाश बिंदु काउंटिंग कराएंगे है. साथ ही, आगरा डिवीजन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में पोलिंग स्टेशन 20, 21 और 26 पर री-पोल के दौरान गड़बड़ी को लेते हुए 6 अफसरों को हटा दिया गया है.
उत्तर प्रदेश विधान परिषद के आगरा डिवीजन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले पोलिंग स्टेशनों पर मतदान प्रक्रिया के दौरान गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं. पोलिंग स्टेशन 20, 21 और 26 पर पुनर्मतदान (री-पोल) के दौरान बरती गई लापरवाही और गड़बड़ियों के बाद, चुनाव आयोग ने सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई का आदेश दिया है. इसके तहत पोलिंग स्टेशन 21 और 26 पर तैनात कुल 6 सुपरवाइजरी अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया गया है.
चुनाव आयोग का नोटिफिकेशन.
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के प्रेक्षक बदले गए
दूसरी ओर, गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भी एक बड़ी खबर सामने आई है. बीजेपी के बागी नेता व एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह द्वारा चुनाव पर्यवेक्षक (इलेक्शन ऑब्जर्वर) अभय सिंह के खिलाफ अवैध खनन मामले में सीबीआई छापेमारी और आवास से नकदी बरामदगी जैसी गंभीर शिकायतें दर्ज कराई गई थीं.
इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए भारत निर्वाचन आयोग ने 2007 बैच के आईएएस अधिकारी अभय सिंह को प्रेक्षक ड्यूटी से मुक्त कर दिया है. उनके स्थान पर 2009 बैच के आईएएस अधिकारी प्रकाश बिंदु को गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का नया चुनाव पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है. आयोग ने नए प्रेक्षक को कल यानी 27 अक्टूबर 2026 को निर्धारित मतगणना के लिए तुरंत अपनी रिपोर्ट पेश करने के सख्त निर्देश दिए हैं.
आगरा में गड़बड़ियों पर चुनाव आयोग
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा के मुताबिक, आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के 5 मतदेय स्थलों पर गड़बड़ी की शिकायत मिली थी, जिसकी जांच में 3 स्थानों (फतेहाबाद, सैंया और खेरागढ़) पर अनियमितताएं सही पाई गईं. समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार डॉ. आकाश अग्रवाल द्वारा बूथ कैप्चरिंग की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद, चुनाव आयोग ने त्वरित कदम उठाते हुए संबंधित तीन बूथों पर निष्पक्ष पुनर्मतदान संपन्न कराया है.
जांच के दौरान मतदान केंद्रों के भीतर और आसपास प्रभावी नियंत्रण न रख पाने तथा पर्यवेक्षण में ढिलाई बरतने को आयोग ने बेहद गंभीर चूक माना है. इस लापरवाही के चलते मतदेय स्थल संख्या 21 (सैंया) पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट ओपी चक, सेक्टर पुलिस अधिकारी हरिशरण सिंह और सब-इंस्पेक्टर संदीप कुमार तथा मतदेय स्थल संख्या 26 (फतेहाबाद) पर तैनात सेक्टर मजिस्ट्रेट विशाल राठौर, सेक्टर पुलिस अधिकारी पुरुषोत्तम पाल और सब-इंस्पेक्टर सुमित त्यागी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं.
बड़े अधिकारियों के साथ-साथ चुनाव ड्यूटी में तैनात अन्य कर्मियों की भी जवाबदेही तय की गई है. आयोग के निर्देश पर संबंधित केंद्रों के 2 पीठासीन अधिकारियों और 3 मतदान अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी गई है, इसके अलावा सुरक्षा व्यवस्था में चूक के मामले में 5 हेड कांस्टेबल और 11 कांस्टेबलों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं.