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Indore News: इंदौर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए महापौर पुष्यमित्र भार्गव सोमवार तड़के सड़कों पर उतरे. उन्होंने रहवासियों से संवाद कर पानी बचाने की अपील की. एनजीओ की टीम को निर्देश दिए गए हैं कि पानी बर्बाद करने वालों को पहले दो-तीन बार समझाइश दी जाए, फिर वीडियो बनाकर चालानी कार्रवाई की जाए.
इंदौर में लोगों समझाइश देते महापौर.
रिपोर्ट: मिथिलेश गुप्ता
Indore News: इंदौर में पानी की बर्बादी रोकने के लिए नगर निगम ने विशेष अभियान शुरू किया है. 26 अक्टूबर के तड़के महापौर पुष्यमित्र भार्गव खुद शहर की सड़कों पर निरीक्षण के लिए उतरे. उन्होंने पार्श्वनाथ, विनय नगर, जैन कॉलोनी और लोकमान्य नगर का दौरा किया. इस दौरान उन्होंने सीधे रहवासियों से बातचीत की और पानी व्यर्थ न बहाने की अपील की.
इस निरीक्षण के दौरान महापौर के साथ जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा, पार्षद योगेश गेदर और नगर निगम के जोनल अधिकारी भी मौजूद रहे. जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की टीम ने गलियों में घूमकर लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया.
पानी की जरूरत और बचत की सलाह
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि गर्मी के मौसम में पानी की मांग काफी बढ़ जाती है. ऐसे समय में यदि पानी बर्बाद होगा तो इसका नुकसान अंततः शहरवासियों को ही उठाना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि हर घर में पानी का उपयोग जरूरत के मुताबिक होना चाहिए, ताकि भविष्य में जल संकट से बचा जा सके.
पहले समझाइश, फिर चालान और वीडियो कार्रवाई
पानी की बर्बादी रोकने के लिए निगम प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं. महापौर ने एनजीओ की टीम को निर्देश दिए कि पानी बर्बाद करने वालों को पहले दो से तीन बार समझाइश दी जाए. यदि इसके बाद भी सुधार नहीं होता है तो उनका वीडियो बनाया जाएगा. वीडियो साक्ष्य के आधार पर नियमानुसार चालानी कार्रवाई की जाएगी.
आरओ वेस्ट पानी का दोबारा उपयोग करने की सलाह
महापौर ने नागरिकों को पानी सहेजने के आसान उपाय भी सुझाए. उन्होंने आरओ (RO) से निकलने वाले वेस्ट पानी को पौधों में डालने, गाड़ी धोने और कपड़े धोने जैसे कामों में दोबारा इस्तेमाल करने की सलाह दी. इससे पीने योग्य साफ पानी की अनावश्यक खपत को कम किया जा सकेगा.
दीपावली तक चलेगा नियमित निगरानी अभियान
यह अभियान केवल एक दिन का नहीं है. महापौर ने एनजीओ की टीम को दीपावली तक अभियान का चार्ट तैयार करने और नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा, जिन स्थानों पर हरी घास दिखाई दे रही है, वहां दो-दो दिन का समय तय कर उसकी कटाई कराने के आदेश दिए गए हैं. नगर निगम का मुख्य जोर लोगों को जागरूक करने, पानी की बर्बादी पर प्रभावी रोक लगाने और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई करने पर है.