Last Updated:
UP Chunav : उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अगले साल यानी 2027 में होने हैं. इसको लेकर राजनीतिक दलों की तैयारियां अभी से शुरू हो गई हैं. इस बीच कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने कांग्रेस के जीत का दावा की है. उन्होंने कहा कि 2027 में यूपी और 2029 में केंद्र में कांग्रेस की वापसी तय है.
आराधना मिश्रा मोना को राहुल गांधी पर पर विश्वास. (फाइल फोटो)
Aradhana Mishra News: उत्तरप्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर सभी पार्टियां अपनी-अपनी जोड़ लगाना शुरू कर दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पुराने सफल हथियार हिन्दुत्व, विकास कार्यों के साथ लॉ एंड ऑर्डर पर अड़े नजर आ रहे हैं. वहीं मुख्य विपक्षी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव अपने हिसाब से दांव चलते हुए दिख रहे हैं. इस बीच कांग्रेस की नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने 2027 में यूपी में इंडिया गठबंधन की सरकार बनने का बड़ा दावा किया है.
उन्होंने कहा कि वोट चोरी, चंदा चोरी और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी यूपी में चुनाव लड़ेगी. 2027 के नतीजे 2024 के से बेहतर होंगे. इसकी शुरुआत प्रयागराज से सामाजिक न्याय सम्मेलन के जरिए हो चुकी है. समाजवादी पार्टी के साथ सीट शेयरिंग के मुद्दे पर बोली कि यह शीर्ष नेतृत्व तय करेगा. जब यह तय हो जाएगा तो पता चल जाएगा.
दलित और अल्पसंख्यक वोट बैंक राजनीति का हिस्सा
कांग्रेस के दलित और अल्पसंख्यक मतदाताओं को साधने में रोड़ा बन रहे एआईएमआईएम और आजाद समाज पार्टी को लेकर बोली कि यह उनके लिए दलित और अल्पसंख्यक वोट बैंक राजनीति का हिस्सा हो सकता है. लेकिन कांग्रेस की विचारधारा कभी किसी जाति धर्म की राजनीति नहीं करती. कांग्रेस को भले ही नुकसान हो लेकिन पार्टी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं करती. प्रदेश की जनता राहुल गांधी की तरफ उम्मीद के साथ देख रही है. दावा किया है कि 2027 में यूपी और 2029 में केंद्र में कांग्रेस की सरकार बनेगी.
2024 लोकसभा में सपा-कांग्रेस का प्रदर्शन
बताते चले कि 2024 लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश की कुल 80 सीटों में समाजवादी पार्टी ने 37 सीटें जीती थीं. उसके सहयोगी कांग्रेस को भी 6 सीटें मिल पाई थीं. 2019 के लोकसभा चुनाव अकेले भाजपा को 62 और 2022 के विधानसभा चुनाव में 255 सीटें हासिल हुई थीं. समाजवादी पार्टी को लोकसभा में सिर्फ 5 सीटों और विधानसभा चुनाव में 125 सीटों से संतोष करना पड़ा था.
पिछले विधानसभा में इंडी गठबंधन का प्रदर्शन
गौरतलब है कि 2024 के लोकसभा चुनाव में अखिलेश यादव ने मायावती की बहुजन समाज पार्टी (बसपा) को छोड़ कांग्रेस तालमेल किया था. इसके साथ ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जातीय आधार पर PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समीकरण बनाया. उनका यह प्रयोग सफल रहा और लोकसभा में समाजवादी पार्टी की सीटें बीजेपी को पछाड़कर 37 पर पहुंच गईं. मायावती का वोट दलित बैंक सपा की ओर मुखातिब हुआ और इसका फायदा न सिर्फ अखिलेश यादव को मिला, बल्कि गठबंधन की रणनीति पीडीए समीकरण का फायदा उठाते हुए 2022 के विधानसभा में 2 सीटों पर सिमटी कांग्रेस भी लोकसभा चुनाव में 6 सीटें हासिल करने में कामयाब रही.