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महाराष्ट्र की राजनीति में मनोज जरांगे पाटिल के 500 करोड़ रुपये से जुड़े आरोपों और कथित ऑडियो क्लिप को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (SIT) गठित किया गया है. अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवडे इस टीम की अध्यक्षता करेंगे. पुलिस उपायुक्त विजयकांत सागर और बजरंग बनसोडे भी समिति में शामिल हैं. 2010 बैच के IPS अधिकारी बलकवडे गोंदिया, कोल्हापुर और गढ़चिरौली समेत कई क्षेत्रों में सेवाएं दे चुके हैं. SIT अब कथित ऑडियो क्लिप और उससे जुड़े दावों की पड़ताल करेगी.
मनोज जरांगे पाटिल की ओर से लगाए गए 500 करोड़ रुपये से जुड़े आरोपों और कथित ऑडियो क्लिप को लेकर घमासान मचा हुआ है. (फाइल फोटो)
महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों मनोज जरांगे पाटिल की ओर से लगाए गए 500 करोड़ रुपये से जुड़े आरोपों और कथित ऑडियो क्लिप को लेकर घमासान मचा हुआ है. पिछले करीब एक सप्ताह से यह मामला लगातार सुर्खियों में है. इस कथित ऑडियो क्लिप को लेकर रोज नए दावे और प्रतिदावे सामने आने के बीच अब मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया है.
इस तीन सदस्यीय SIT की अध्यक्षता अतिरिक्त पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवडे करेंगे. समिति में पुलिस उपायुक्त विजयकांत सागर और बजरंग बनसोडे को भी शामिल किया गया है. यह विशेष टीम मनोज जरांगे पाटिल की ओर से सामने लाई गई कथित ऑडियो क्लिप की जांच करेगी. जांच के दौरान क्लिप की प्रामाणिकता और उससे जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी.
कौन हैं शैलेश बलकवडे, जिन्हें मिली जांच की कमान?
शैलेश बलकवडे महाराष्ट्र कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी हैं. वह 2010 बैच के अधिकारी हैं और फिलहाल मुंबई पुलिस में अतिरिक्त पुलिस आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं. अपने करियर के दौरान उन्होंने कई अहम जिलों में पुलिस अधीक्षक के तौर पर जिम्मेदारी संभाली है.
बलकवडे गोंदिया, कोल्हापुर और नागपुर ग्रामीण में पुलिस अधीक्षक के रूप में काम कर चुके हैं. इसके अलावा उन्होंने नागपुर शहर और अहमदनगर में भी विभिन्न पदों पर सेवाएं दी हैं. गढ़चिरौली के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में पुलिस अधीक्षक रहते हुए उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ अभियानों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.
मराठा आंदोलन के दौरान भी मिली थी अहम जिम्मेदारी
शैलेश बलकवडे को इससे पहले जालना में मराठा आरक्षण आंदोलन के दौरान भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी. मराठा प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज की घटना के बाद तत्कालीन पुलिस अधीक्षक तुषार दोषी को अनिवार्य अवकाश पर भेजा गया था. इसके बाद बलकवडे को जालना जिले के पुलिस अधीक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था.
अब उन्हें मनोज जरांगे पाटिल से जुड़े कथित ऑडियो क्लिप मामले की जांच की जिम्मेदारी दी गई है. इस मामले ने महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है. SIT की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि कथित ऑडियो क्लिप से जुड़े दावों में कितनी सच्चाई है. हालांकि, जांच पूरी होने से पहले आरोपों या क्लिप की प्रामाणिकता को स्थापित तथ्य नहीं माना जा सकता.