Kota News: 9 दिन में तीसरी प्रसूता की मौत, सिजेरियन के बाद गई जान, अधीक्षक बोले- कोमा में लाई गई थी महिला

Kota News: 9 दिन में तीसरी प्रसूता की मौत, सिजेरियन के बाद गई जान, अधीक्षक बोले- कोमा में लाई गई थी महिला


कोटा. कोचिंग सिटी कोटा में प्रसूताओं की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. अब जेके लॉन अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद बारां जिले की 26 वर्षीय प्रसूता की मौत हो गई. पिछले 9 दिनों में कोटा के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं की मौत का यह तीसरा मामला सामने आया है. मृतका की पहचान बारां जिले के छबड़ा क्षेत्र के बारी गांव निवासी शबनम बानो के रूप में हुई है. परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि महिला को ऑपरेशन के लिए लंबे समय तक भूखा रखा गया और बाद में ड्रिप चढ़ाने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई.

हालांकि, जेके लॉन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. निर्मल शर्मा का कहना है कि महिला को अस्पताल में कोमा की हालत में लाया गया था. ऐसे में मौत के कारणों और परिजनों के आरोपों को लेकर अलग-अलग बातें सामने आ रही हैं. इस घटना ने एक बार फिर कोटा के सरकारी अस्पतालों में प्रसूताओं के इलाज और उनकी सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. खास बात यह है कि हाल ही में सिजेरियन डिलीवरी के बाद अन्य प्रसूताओं की मौत के मामले भी सामने आए थे. अब नौ दिनों के भीतर तीसरी मौत ने परिजनों की चिंता बढ़ा दी है.

सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिला की मौत

बताया जा रहा है कि बारां जिले के छबड़ा क्षेत्र के बारी गांव निवासी 26 वर्षीय शबनम बानो को प्रसव के लिए अस्पताल ले जाया गया था. परिजनों के मुताबिक,  शुक्रवार रात करीब 11:30 बजे सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया. इसके बाद महिला की तबीयत बिगड़ गई. परिजनों का कहना है कि उसका ब्लड प्रेशर लगातार गिर रहा था. शनिवार रात करीब 10 बजे शबनम की मौत हो गई.

परिजनों ने इलाज में लापरवाही का लगाया आरोप

मृतका के भाई सरफराज ने बताया कि शबनम को पहले बारां के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया था. वहां डॉक्टरों ने 23 अक्टूबर को ऑपरेशन करने की बात कही थी. परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन की तैयारी के नाम पर 22 अक्टूबर की रात से ही महिला का खाना-पीना बंद करवा दिया गया था. करीब 12 घंटे बीतने के बावजूद ऑपरेशन नहीं किया गया. परिवार के अनुसार, अस्पताल में ड्रिप चढ़ाने के कुछ देर बाद शबनम को दौरे पड़ने लगे. हालत बिगड़ने पर उसे कोटा रेफर कर दिया गया.
अस्पताल अधीक्षक बोले- कोमा की हालत में लाई गई थी महिला जेके लॉन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. निर्मल शर्मा ने बताया कि महिला को अस्पताल में कोमा की हालत में लाया गया था. अस्पताल प्रबंधन का यह पक्ष परिजनों के लापरवाही के आरोपों से अलग है. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि महिला की हालत बिगड़ने की वास्तविक वजह क्या थी. इसके लिए चिकित्सकीय रिकॉर्ड और उपचार की परिस्थितियों की जांच जरूरी होगी.

9 दिनों में तीसरी मौत, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर उठे सवाल

कोटा के सरकारी अस्पतालों में पिछले 9 दिनों के दौरान प्रसूताओं की मौत का यह तीसरा मामला बताया जा रहा है. इससे पहले भी सिजेरियन डिलीवरी के बाद महिलाओं की हालत बिगड़ने और मौत के मामले सामने आ चुके हैं. लगातार हो रही इन घटनाओं से प्रसूताओं के इलाज और अस्पतालों की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं. हालांकि, तीनों मौतों के कारण एक जैसे थे या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है. शबनम की मौत के बाद परिजनों ने उपचार में लापरवाही के आरोप लगाए हैं, जबकि अस्पताल प्रशासन ने महिला को गंभीर हालत में लाए जाने की बात कही है. अब चिकित्सकीय जांच से ही स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इलाज के दौरान किसी स्तर पर लापरवाही बरती गई थी या नहीं.



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