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Gopalganj News: मंत्री जी गाड़ी से उतरे तो सीधे ऑफिस नहीं गए… सबसे पहले उस क्लास रूम में गए जहां 1985-90 के दौर में पढ़ते थे… उन्होंने एक बेंच पर हाथ रखा और मुस्कुरा कर बोले, यहीं बैठता था मैं… बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी जब अपने बचपन के विद्यालय में पहुंचे तो प्रोटोकॉल पीछे रह गया और एक पुराना छात्र आगे आ गया और उनकी भावुक यादें ताजा हो गईं. उन्होंने अपने स्कूल में सुविधाओं के विकास पर जोर देने के निर्देश दिए. पूरी खबर विस्तार से आगे पढ़िए.
गोपालगंज के सिधवलिया प्रखंड स्थित डुमरिया मध्य विद्यालय में पढ़ते थे शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी.
गोपालगंज. बचपन की यादें अक्सर इंसान को उन गलियों में वापस ले जाती हैं, जहां से उनके जीवन के सफर की शुरुआत हुई थी. बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी भी जब अपने पुराने विद्यालय पहुंचे तो यह दौरा महज एक निरीक्षण नहीं था. गोपालगंज के सिधवलिया प्रखंड स्थित डुमरिया मध्य विद्यालय में कभी वह खुद विद्यार्थी हुआ करते थे. वर्षों बाद उसी स्कूल में शिक्षा मंत्री के रूप में पहुंचे तो सामने बचपन की यादें थीं और साथ ही उस विद्यालय को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी भी. उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक व्यवस्था का जायजा लिया और विकास को लेकर अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए.
जिस स्कूल में पढ़े, उसी की व्यवस्था देखने पहुंचे
दरअसल, डुमरिया मध्य विद्यालय से मिथिलेश तिवारी का रिश्ता केवल एक जनप्रतिनिधि का नहीं है. यह वही विद्यालय है, जहां उन्होंने बचपन में पढ़ाई की थी. समय बदला, जिम्मेदारियां बदलीं और आज वह बिहार के शिक्षा मंत्री हैं. अपने पुराने स्कूल पहुंचकर उन्होंने वहां की मौजूदा स्थिति देखी और शैक्षणिक व्यवस्था की जानकारी ली. एक विद्यार्थी के रूप में जिस विद्यालय में उन्होंने पढ़ाई की थी, आज उसी विद्यालय की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिया.
स्कूल में बच्चों की संख्या बढ़ाने का निर्देश
निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए जरूरी शैक्षणिक और बुनियादी संसाधन उपलब्ध होने चाहिए. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को विद्यालय के विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया. स्कूल में पढ़ाई का बेहतर माहौल तैयार करने और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया.
सरकारी स्कूलों में बेहतर शिक्षा पर जोर
शिक्षा मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलनी चाहिए. सरकारी विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर माहौल सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि अधिक से अधिक अभिभावक अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में पढ़ाने के लिए प्रेरित हों. अपने पुराने विद्यालय में पहुंचकर मिथिलेश तिवारी ने जिस व्यवस्था में खुद पढ़ाई की थी, उसी व्यवस्था को बेहतर बनाने की जरूरत पर जोर दिया. शिक्षा मंत्री का यह दौरा उनके लिए बचपन की यादों से जुड़ा एक खास पल भी रहा और शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी.