Last Updated:
Udaipur Water Crisis Ground Report: अपनी खूबसूरत झीलों के लिए दुनियाभर में मशहूर उदयपुर में पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. शहर के कई इलाकों में करीब तीन दिन बाद पानी की सप्लाई होने और कम दबाव के कारण घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंचने की शिकायतें सामने आई हैं. लोकल 18 की ग्राउंड रिपोर्ट में महिलाओं ने बताया कि पानी नहीं मिलने से रोजमर्रा के कामकाज बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं. त्योहार की तैयारियों और घर की सफाई के लिए पानी जुटाना मुश्किल हो रहा है. कुछ महिलाओं ने यहां तक कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो उन्हें शहर छोड़कर गांव लौटने पर विचार करना पड़ेगा. जगदीश चौक और भटियाणी चौहट्टा जैसे इलाकों में लोग पानी की नियमित सप्लाई की मांग कर रहे हैं. लोगों को उम्मीद है कि जिम्मेदार विभाग जल्द समस्या का समाधान करेगा.
उदयपुर. झीलों की नगरी उदयपुर अपनी खूबसूरत झीलों और प्राकृतिक सुंदरता के लिए देश-दुनिया में पहचाना जाता है, लेकिन इन दिनों इसी शहर के लोग पानी की किल्लत से परेशान हैं. हालात ऐसे हैं कि कई इलाकों में लोगों को तीन दिन से भी ज्यादा समय के अंतराल में पानी मिल रहा है. पानी की सप्लाई कम दबाव से होने के कारण घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है. इसका सीधा असर अब लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ने लगा है. खासकर महिलाओं के लिए घर के कामकाज संभालना मुश्किल हो रहा है. दिवाली का त्योहार नजदीक है और ऐसे में पानी की समस्या ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है.
75 घंटे में पानी की सप्लाई, कम दबाव ने बढ़ाई परेशानी
शहर के जगदीश चौक, भटियाणी चौहट्टा सहित कई इलाकों में करीब 75 घंटे के अंतराल में पानी की सप्लाई होने की बात सामने आ रही है. लोगों का कहना है कि सप्लाई के दौरान भी पानी का दबाव कम रहता है. ऐसे में कई घरों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पाता. जिन इलाकों में पानी पहले से कम दबाव में आता है, वहां रहने वाले लोगों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं.लोगों को जरूरत के मुताबिक पानी जमा करने के लिए भी काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.
बूस्टर लगाने से भी बढ़ रही परेशानी
क्षेत्रवासियों का कहना है कि कुछ लोग अपने घरों में बूस्टर लगा लेते हैं, जिससे पानी खींचने के कारण ऊपरी मंजिलों या ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पाता. लोगों के मुताबिक, इस वजह से पानी के वितरण में असमानता की समस्या भी सामने आती है. हालांकि, इस संबंध में संबंधित विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि और स्थिति स्पष्ट होना जरूरी है.
दिवाली से पहले महिलाओं की बढ़ी चिंता
महिलाओं का कहना है कि अभी सर्दियों की शुरुआत भी नहीं हुई है और पानी की इतनी परेशानी सामने आने लगी है. आगे अगर हालात ऐसे ही रहे तो परिवार के साथ शहर में रहना मुश्किल हो जाएगा. कुछ महिलाओं ने यहां तक कहा कि अगर पानी की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो उन्हें गांव लौटने के बारे में सोचना पड़ेगा. इस साल बारिश कम होने का असर जल संसाधनों पर पड़ने की आशंका के बीच शहरवासियों की उम्मीद अब नियमित और पर्याप्त जलापूर्ति पर टिकी है. लोगों की मांग है कि पानी की सप्लाई का समय और दबाव ठीक किया जाए, ताकि हर घर तक जरूरत के मुताबिक पानी पहुंच सके. दिवाली जैसे बड़े त्योहार से पहले अगर जल संकट का समाधान नहीं हुआ तो लोगों की परेशानियां और बढ़ सकती है. अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस समस्या को दूर करने के लिए क्या कदम उठाता है.