Bay of Bengal cyclone Ornab | Cyclone Arnab Alert | तूफान अर्नब हुआ और रौद्र, UP-बिहार तक मचाएगा गदर, केंद्र भी अलर्ट, मौसम विभाग के साथ हाईलेवल बैठक

Bay of Bengal cyclone Ornab | Cyclone Arnab Alert | तूफान अर्नब हुआ और रौद्र, UP-बिहार तक मचाएगा गदर, केंद्र भी अलर्ट, मौसम विभाग के साथ हाईलेवल बैठक


बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ (Cyclone Ornab) रौद्र रूप लेते हुए आंध्र प्रदेश के तट की तरफ तेजी से बढ़ रहा है. इस तूफान की आशंका को देखते हुए तटीय राज्यों में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है. मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, यह सिस्टम सोमवार रात तक गंभीर चक्रवाती तूफान और मंगलवार को बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है. फिर बुधवार सुबह तक आंध्र प्रदेश के तट पर बापटला और विशाखापत्तनम के बीच यानम के आसपास इसके टकराने का अनुमान है.

इस तूफान के जमीन से टकराने के दौरान हवा की रफ्तार 115 से 125 किलोमीटर प्रति घंटा रहने और झोंकों के 140 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंचने की आशंका जताई गई है. आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना और छत्तीसगढ़ समेत प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं. पुडुचेरी में भी अर्लट घोषित कर दिया गया है.

चक्रवात अर्नब पर केंद्र सरकार भी अलर्ट

इस चक्रवाती तूफान से निपटने की तैयारियों की समीक्षा के लिए कैबिनेट सचिव डॉ. टीवी सोमनाथन ने दिल्ली में राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (NCMC) के साथ बैठक की. इस बैठक में आईएमडी ने तूफान की स्थिति, संभावित दिशा और तटीय इलाकों पर पड़ने वाले असर की जानकारी दी.

आईएमडी ने बताया कि सोमवार सुबह 5:30 बजे चक्रवात बंगाल की खाड़ी के पूर्व-मध्य और उससे सटे पश्चिम-मध्य हिस्से में केंद्रित था. यह विशाखापत्तनम से लगभग 650 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण-पूर्व में था और करीब 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम की ओर बढ़ रहा था.

गर्भवती महिलाओं को अस्पताल भेजने की तैयारी

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने अधिकारियों को चौबीसों घंटे अलर्ट रहने, जिला स्तर पर कंट्रोल रूम सक्रिय करने और तटीय इलाकों में नियमित चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए हैं.

प्रशासन उन गर्भवती महिलाओं को भी अस्पतालों में स्थानांतरित करने की तैयारी कर रहा है, जिनकी डिलीवरी की तारीख नजदीक है. इस तूफान से प्रभावित होने वाले इलाकों में राहत और बचाव व्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है.

ओडिशा के छह जिलों पर खास नजर

ओडिशा के छह दक्षिणी जिलों गंजम, गजपति, रायगड़ा, मलकानगिरी, कोरापुट और नबरंगपुर को संवेदनशील माना गया है. इन इलाकों में आपदा प्रबंधन टीमों को तैनात किया गया है. एहतियात के तौर पर कुछ पहाड़ी क्षेत्रों, झरनों और बांधों के आसपास पर्यटकों की आवाजाही पर भी प्रतिबंध लगाए गए हैं. मछुआरों को समुद्र में जाने से रोकने के लिए भी सतर्कता बरती जा रही है.

बंगाल से यूपी तक बारिश का अनुमान

चक्रवात के प्रभाव से पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में आने वाले दिनों में भारी बारिश हो सकती है. मौसम विभाग ने पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों में तेज हवाओं की आशंका के चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी है.

वहीं, चक्रवात के प्रभाव से उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग जिले में भूस्खलन का खतरा भी जताया गया है. ऐसे में पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी गई है.

फिलहाल सबसे ज्यादा नजर आंध्र प्रदेश के तट पर है, जहां बुधवार सुबह चक्रवात के पहुंचने का अनुमान है. तूफान की दिशा और तीव्रता में बदलाव संभव है, इसलिए लोगों को ताजा आधिकारिक बुलेटिन और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए. (एजेंसी इनपुट के साथ)



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