शतक की फिक्र नहीं… दीप्ति मैदान पर हरमन के साथ करना चाहती थीं यह काम
Last Updated:
भारतीय महिला टीम की स्टार ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा जिम्बाब्वे के खिलाफ वनडे करियर का अपना दूसरा शतक लगाया. मैच में दीप्ति ने नाबाद 106 रनों की पारी खेली. टीम इंडिया ने ये मैच 121 रनों जीता. मुकाबले के बाद दीप्ति ने बताया कि बल्लेबाजी के दौरान उनको शतक की ज्यादा चिंता नहीं थी. वह बस हरमनप्रीत कौर के साथ अपनी साझेदारी मजबूत करने पर ध्यान दे रही थीं.
दीप्ति शर्मा और हरमनप्रीत कौर
नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा नौ साल के लंबे इंतजार के बाद वनडे में अपना दूसरा शतक लगाने से खुश हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि जिम्बाब्वे के खिलाफ दूसरे मैच में इसके बजाय वह पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर के साथ साझेदारी निभाने के बारे में सोच रही थी. दीप्ति ने अपना पहला वनडे शतक मई 2017 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ बनाया था. तब उन्होंने 160 गेंदों पर 188 रन बनाए थे.
दीप्ति ने रविवार को भारत की जिम्बाब्वे के खिलाफ 121 रन की जीत में नाबाद 106 रन बनाकर इस प्रारूप में अपना दूसरा शतक बनाया. दीप्ति ने मैच के बाद कहा, ‘‘मुझे पूरा भरोसा था कि मैं देर-सवेर शतक बनाने में कामयाब रहूंगी. शतक के बजाय मैं यह सोच रही थी कि हम उस स्थिति में कैसे अच्छी साझेदारी निभा सकते हैं.’’
शतक से ज्यादा ध्यान साझेदारी मजबूत करने पर थी-दीप्ति
उन्होंने कहा, ‘‘प्रतिका (रावल) और हैरी दीदी (हरमनप्रीत कौर) की साझेदारी के बाद हमने जल्दी विकेट गंवा दिए थे. इसलिए हमारा ध्यान अच्छी साझेदारी निभाने पर था. निश्चित तौर पर शतक बनाना खास है और मैंने बहुत दिनों बाद यह उपलब्धि हासिल की है इसलिए अच्छा लग रहा है.’’
हरमनप्रीत ने 121 गेंदों में 126 रन बनाए, जिसमें 15 चौके शामिल थे. दीप्ति ने उनका बखूबी साथ दिया और दोनों ने 153 रन की साझेदारी की. दीप्ति ने कहा, ‘‘हरमनप्रीत बहुत ही सहज नजर आ रही थी. वह अपनी काबिलियत के अनुसार खेल रही थी. उस समय वह बहुत अच्छा खेल रही थी. जब मैं क्रीज पर उतरी तो मैं सोच रही थी कि हमें अच्छी साझेदारी निभानी होगी.’’
दीप्ति के छठे नंबर पर शतक लगाने का रिकॉर्ड
जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले में दीप्ति शर्मा के नाम छठे नंबर पर शतक लगाने का रिकॉर्ड भी दर्ज हो गया. वह वनडे में इस पोजीशन पर शतक लगाने वाली भारत की पहली महिला क्रिकेटर बनी हैं. इसके अलावा दीप्ति वनडे में सचिन तेंदुलकर और मनोज प्रभाकर के बाद सिर्फ तीसरी भारतीय क्रिकेटर बनी हैं जिन्होंने इस फॉर्मेट में 150 से ज्यादा विकेट और कम से कम दो शतक लगाए हैं.