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Himachal News: हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर में जमीन मुआवजे की फाइल देने में आनाकानी का वीडियो वायरल हुआ है. नायब तहसीलदार पर चाय पीते हुए फाइल रोकने और धमकाने का आरोप है. एसडीएम ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं.
, भौरंज में नायब तहसीलदार को नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से नियुक्त किए गए हैं और वह रिटायर हो चुके हैं.
हमीरपुर. महिला पूछती रही कि मेरी फाइल कहां हैं और नायब तहसीलदार चाय की चुस्कियां लेता रहा और बिस्कुट खाता रहा. फिर जब महिला ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाली तो आनन फानन में फाइलें महिला को सौंप दी. मामला हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के भौरंज का है. जहां पर एक तहसीलदार पर महिला को उसके घर से जुड़ी फाइलें देने में आनाकानी की जा रही थी. हालांकि, अब महिला का आरोप है कि
जानकारी के अनुसार, भौरंज में नायब तहसीलदार को नेशनल हाईवे अथॉरिटी की तरफ से नियुक्त किए गए हैं और वह रिटायर हो चुके हैं. लेकिन एनएचआई ने उन्हें जमीन से जुड़े मामलों के लिए हायर किया गया है.
महिला किरण परमार ने अपने वीडियो में बताया कि हम सुबह से नायब तहसीलदार के पास गए थे और एक सप्ताह से से एप्लीकेशन लगाई थी. महिला ने कहा कि वह 12 बजे दोबारा गई तो कहा गया कि एक फाइल गुम हो गई. लेकिन जब वह तीसरी बार गई तो उन्हें धमकाते हुए कि आपकी फाइल नहीं मिलेगी. महिला ने बताया कि जैसे ही उन्होंने वीडियो डाला तो दो मिनट में ही फाइल मिल गई. हालांकि, महिला किरण परमार ने बताया कि अब उसे धमकियां मिल रही हैं.
एसडीएम शशिपाल शर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो का मामला नेशनल हाईवे-70 के निर्माण में जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है.
महिला ने बताया कि 2021 में हमारे मकान की वैल्यू लगाई थी. हमारे घर के दो हिस्सों की वैल्युशन की गई थी और 4.38 लाख रुपये हमारे खाते में दिए थे और फिर कुल सात 64 हजार रुपये दिए गए. लेकिन 2022 में नोटिस दिए गए कि आपको ज्यादा पैसे दिए गए. उन्हें तीन नोटिस दिए गए और फिर बाद में एनएचआई ने हमारे भाई से हमारी लड़ाई करवा दी और कहा कि आपके पैसे भी हमें दिए गए हैं. महिला ने कहा कि हम अब कोर्ट में जा रहे हैं. हालांकि, हमें बीच में कोई रिकवरी नोटिस नहीं दिया. अब पांच साल बाद रिकवरी की याद एनचआई को आई है.
दो अलग अलग जगह
एसडीएम शशिपाल शर्मा ने बताया कि वायरल वीडियो का मामला नेशनल हाईवे-70 के निर्माण में जमीन अधिग्रहण से जुड़ा है. जिस महिला ने वीडियो शेयर किया है, उनके पति का घर और जमीन हाईवे के लिए अधिग्रहित की गई थी. एसडीएम ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है. उन्होंने कहा कि महिला के पति को जमीन के अधिग्रहण के दौरान अधिक मुआवजा दिया गया है और उसमें रिकवरी से संबधित केस चल रहा है और इस में कानून के तहत कार्रवाई की जा रही है और आगे फाइल भेजी गई है.
एसडीएम ने मामले की जांच के दिए आदेश
एसडीएम ने कहा कि इस मामले में विस्तृत जांच की जा रही है. महिला ने जल्दी अपनी जमीन की नकलें मांगी थी और उन्हें 7-11 नवंबर की तारीख दी गई थी. हालांकि, महिला शायद कोर्ट में मामले को चलैंज करना चाहती थी और इसलिए जल्दी फाइलें चाहती थी और अब इस केस भी जांच की जा रही है.