Last Updated:
Gonda News: जिमीकंद का इस्तेमाल ज्यादातर घरों में सब्जी बनाने के लिए किया जाता है. स्वाद से भरपूर जिमीकंद में फाइबर समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाए रखने और कब्ज जैसी समस्या से बचाव में मदद कर सकता है. पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में भी जिमीकंद का इस्तेमाल किया जाता रहा है. गोंडा में वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र ने बताया कि जिमीकंद पाचन, कब्ज और पाइल्स में फायदेमंद है, लेकिन इसके सेवन में सावधानी जरूरी है.
गोंडाः जिमीकंद का इस्तेमाल ज्यादातर घरों में सब्जी बनाने के लिए किया जाता है. स्वाद से भरपूर जिमीकंद में फाइबर समेत कई पोषक तत्व पाए जाते हैं. यह पाचन क्रिया को बेहतर बनाए रखने और कब्ज जैसी समस्या से बचाव में मदद कर सकता है. पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में भी जिमीकंद का इस्तेमाल किया जाता रहा है. लोकल 18 से बातचीत के दौरान वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र बताते हैं कि जिमीकंद में मौजूद फाइबर आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. संतुलित मात्रा में इसका सेवन करने से मल त्याग की प्रक्रिया आसान हो सकती है. इससे कब्ज की समस्या से राहत पाने में मदद मिल सकती है. हालांकि, पेट से जुड़ी हर समस्या में इसका फायदा हो, यह जरूरी नहीं है.
पाइल्स के मरीजों के लिए भी माना जाता है लाभकारी
वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र बताते हैं कि पाइल्स के मरीजों के लिए भी जिमीकंद लाभकारी माना जाता है. इसके सेवन से मल त्याग की प्रक्रिया आसान हो सकती है, जिससे पाइल्स की समस्या में कुछ राहत मिल सकती है. हालांकि, पाइल्स के मस्सों के उपचार के लिए चिकित्सक से सलाह जरूर लेनी चाहिए. वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र बताते हैं कि जिमीकंद में कुछ ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए नुकसानदायक भी साबित हो सकते हैं. इसके रस और कंद के संपर्क में आने से त्वचा पर खुजली और जलन की समस्या हो सकती है. इसलिए इसे काटते समय सावधानी बरतनी चाहिए और अच्छी तरह पकाकर ही इसका सेवन करना चाहिए. किसी बीमारी के उपचार के लिए इसका इस्तेमाल करने से पहले चिकित्सक की सलाह जरूर लेनी चाहिए.
दीपावली के अवसर पर कई घरों में जिमीकंद की सब्जी बनाई जाती है. इसे धर्म और आस्था से भी जोड़कर देखा जाता है. माना जाता है कि जिमीकंद औषधीय गुणों से भरपूर होता है, इसलिए दीपावली पर इसके सेवन की परंपरा चली आ रही है.
पैरालिसिस और न्यूरो की समस्याओं में भी होता है इस्तेमाल
वैद्य डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र के अनुसार, पारंपरिक चिकित्सा पद्धति में जिमीकंद का इस्तेमाल पैरालिसिस के मरीजों और न्यूरो से जुड़ी समस्याओं में भी किया जाता रहा है. हालांकि, इन समस्याओं में इसके लाभ को लेकर पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं. इसलिए ऐसे मरीजों को डॉक्टर की सलाह के बिना जिमीकंद को उपचार के रूप में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. डॉ. अभिषेक कुमार मिश्र बताते हैं कि सितंबर से नवंबर के बीच पेट से जुड़ी कई तरह की समस्याएं देखने को मिलती हैं. ऐसे में दीपावली के अवसर पर जिमीकंद का सेवन करने की परंपरा को भी महत्वपूर्ण माना जाता है. हालांकि, पेट की समस्या होने पर केवल जिमीकंद पर निर्भर रहने के बजाय उचित चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है.