तहखाने में टॉयलेट और 4 इंजन, गजब फीचर्स के बाद भी बिजनेस में फुस्स, रिटायर हुआ दुनिया का सबसे लंबा विमान

तहखाने में टॉयलेट और 4 इंजन, गजब फीचर्स के बाद भी बिजनेस में फुस्स, रिटायर हुआ दुनिया का सबसे लंबा विमान


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Worlds Longest Passenger Plane : साल 2002 में एयरबस ने दुनिया का सबसे लंबा विमान A340-600 लॉन्‍च किया था. चार ईंजन वाला यह विमान अपने कुछ खास फीचर्स की वजह से चर्चा में रहा. लेकिन, ज्‍यादा ईंधन खर्च की वजह से यह एयरलाइंस के लिए लाभकारी नहीं रहा. इसी वजह से ये ज्‍यादा नहीं बिका. अब आसमान में उड़ रहा आखिरी A340-600 भी रिटायर हो चुका है.

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अगस्त 2002 में एयरबस A340-600 ने पहली उड़ान भरी थी. (फाइल फोटो : रॉयटर्स)

नई दिल्‍ली. विमानन इतिहास में कुछ हवाई जहाज अपनी बेजोड़ इंजीनियरिंग के लिए जाने जाते हैं, तो कुछ अपनी कमर्शियल कामयाबी के लिए. लेकिन एयरबस A340-600 की कहानी बिल्कुल अलग है. चार रोल्स-रॉयस इंजन वाला यह दुनिया का सबसे लंबा विमान है. इसमें ज्‍यादा सीटें हैं. कार्गो होल्ड यानी तहखाने में सीक्रेट टॉयलेट बना है और मुड़ने के लिए कार जैसा रिवर्स कैमरे लगे हैं. लॉन्‍च होने के कुछ समय तक तो इसने सुर्खियां बटोरी, लेकिन फिर इससे एयरलाइंस ने मुंह मोड़ लिया. 23 वर्षों तक उड़ान भरने और करीब 4 करोड़ मुसाफिरों को मंजिल तक पहुंचाने के बाद अब यह विशालकाय विमान रिटायर हो गया है.

यह प्लेन एयरलाइंस की जेब पर भारी पड़ गया. एयरबस ने सोचा था कि यात्री चार इंजन वाले भारी विमानों पर ज्यादा भरोसा करेंगे, लेकिन इसके चारों रोल्स-रॉयस ट्रेंट 500 इंजन बेतहाशा तेल पीते थे. इस वजह से इसे चलाना बहुत खर्चीला था. अमेरिकी कंपनी बोइंग के दो इंजन वाले 777-300ER विमान को बाजार में उतारने के बाद तो इसकी मार्केट बिल्‍कुल ही बैठ गई. बोइंग 777-300ER का ईंधन खर्च इससे आधा है. 2009 में जब A340-600 का बेड़ा अपने चरम पर था, तब भी दुनिया भर में महज 95 A340-600 विमान ही उड़ रहे थे.

2002 में भरी थी पहली उड़ान

अगस्त 2002 में जब एयरबस A340-600 ने पहली उड़ान भरी थी, तब यह 247 फुट लंबे ढांचे के साथ दुनिया का सबसे लंबा यात्री विमान था. यह इतना बड़ा था कि इसे रनवे पर चलाना किसी सिरदर्द से कम नहीं था. रनवे और टैक्सीवे पर घुमाते वक्त पायलटों को अंधा मोड़ न झेलना पड़े, इसके लिए इसमें रिवर्स कैमरे लगाने पड़े थे. हद तो तब हो गई जब इसके आखिरी दिनों में इसे खींचने वाला अनुकूल ‘टो बार’ छोटे हवाई अड्डों पर मिलना बंद हो गया. इसके चलते लुफ्थांसा को इस प्लेन को अपना टो बार खुद अपने पेट में लादकर उड़ना पड़ता था.

फाइल फोटो : रॉयटर्स

तहखाने में सीक्रेट बाथरूम और माइल हाई क्लब के चर्चे

इस विमान का सबसे अजीबोगरीब और चर्चित फीचर था इसका इंटीरियर. मेन केबिन में ज्यादा सीटें लगाने की लालच में इंजीनियरों ने इसके पैसेंजर वॉशरूम को नीचे कार्गो डेक (तहखाने) में शिफ्ट कर दिया था. यात्री सीढ़ियां उतरकर नीचे बेसमेंट में बने टॉयलेट में जाते थे. यात्रियों के लिए यह अनुभव बेहद अनोखा था, लेकिन यह व्यवस्था जल्द ही विवादों में आ गई. उड़ान के दौरान यात्रियों को मिलने वाले इस एकांत को अक्सर पॉप-कल्चर में ‘माइल हाई क्लब’ की गतिविधियों से जोड़कर देखा जाने लगा.



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