कुछ कर्मचारियों की वजह से दाग लगने के बावजूद आईडीएफसी फर्स्ट बैंक (IDFC First Bank) ने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 की दूसरी तिमाही के लिए शानदार नतीजे दिए हैं. बैंक का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 196.5% का तगड़ा उछाल दर्ज करते हुए 1,044.6 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है. पिछले साल इसी तिमाही में बैंक ने 352.3 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था. यह लगातार दूसरी तिमाही है जब बैंक का मुनाफा 1,000 करोड़ रुपये के पार रहा है, जो इसके कामकाज में शानदार रिकवरी का संकेत देता है. आने वाले सत्रों में इस शेयर पर नजर रखना होगा. शेयर की कीमत अभी 72 रुपये के आसपास है.
मुनाफे के साथ-साथ बैंक की ब्याज से होने वाली कमाई में भी ज़बरदस्त इज़ाफा हुआ है. बैंक की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 21% बढ़कर 6,184.5 करोड़ रुपये हो गई है. (NII वो कमाई होती है जो बैंक लोन पर ब्याज के रूप में वसूलता है और जमा राशि पर ब्याज के रूप में चुकाता है, इन दोनों का अंतर). इसके अलावा, बैंक का ऑपरेटिंग प्रॉफिट भी 35% की मजबूत छलांग के साथ 2,538 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है, जो इसके मुख्य कारोबार की मजबूती को दर्शाता है.
खराब कर्जों (NPA) पर लगाम, एसेट क्वालिटी में सुधार
बैंक के लिए सबसे अच्छी खबर यह रही कि उसके खराब कर्ज़ों (NPA) में कमी आई है. जून तिमाही के 1.51% के मुकाबले बैंक का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (GNPA) अनुपात सितंबर तिमाही में घटकर 1.32% रह गया है. वहीं, नेट एनपीए भी 0.44% से कम होकर 0.40% पर आ गया है. एनपीए में इस गिरावट का मतलब है कि बैंक के बहीखाते पहले से ज्यादा साफ और मजबूत हुए हैं.
बाज़ार में जमा और बांटे गए कर्ज़ में जोरदार इजाफा
बैंक के कारोबार में भारी विस्तार देखने को मिला है. सितंबर 2026 के अंत तक बैंक की कुल जमा राशि करीब 25.9% बढ़कर 3,48,583 करोड़ रुपये हो गई. वहीं, बैंक ने जो लोन बांटे हैं, उनमें भी 30.1% की भारी बढ़ोतरी हुई है और यह आंकड़ा 3,46,913 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है.
नतीजे शानदार, फिर शेयर 15% नीचे क्यों?
भले ही आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने इस तिमाही में झंडे गाड़े हों, लेकिन इस साल अब तक (YTD) बैंक का शेयर करीब 15% नीचे ट्रेड कर रहा है.क्योंकि कुछ महीनों पहले बैंक के कुछ कर्मचारियों की वजह से सवाल उठे थे. लेकिन बैंक की उसमें कोई भूमिका नहीं थी. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यहां से शेयर कोई ताकत मिल सकती है.