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Delhi-Katra Expressway News : दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है. इस एक्सप्रेसवे का पठानकोट-दयालाचक खंड इस साल दिसंबर तक चालू होने की उम्मीद है. यातायात के लिए इस खंड के खुलने से पठानकोट से दयालाचक जाने में एक घंटे की बजाय 30 मिनट ही लगेंगे.
दिल्ली-कटरा एक्सप्रेसवे का पठानकोट-दयालाचक खंड लखनपुर टोल प्लाजा को बायपास करेगा. (Photo : @DrJitendraSingh/X)
नई दिल्ली. 40,000 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और जम्मू और कश्मीर के बीच सफर को बहुत आसान कर देगा. 669 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे हरियाणा में लगभग 137 किलोमीटर, पंजाब में करीब 399 किलोमीटर और जम्मू-कश्मीर में 135 किलोमीटर बनेगा. एक्सप्रेसवे का हरियाणा खंड चालू हो चुका है. पंजाब के पठानकोट से जम्मू-कश्मीर के दयालाचक तक का 40 किलोमीटर का हिस्सा भी इस साल के अंत तक खुल जाएगा. इसके खुलने से पठानकोट से दयालाचक तक का 50 से 70 मिनट का सफर घटकर महज 25 से 30 मिनट का रह जाएगा.
केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट शेयर कर यह जानकारी दी है. इस 40 किमी लंबे हिस्से की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह भीड़भाड़ वाले लखनपुर टोल प्लाजा को पूरी तरह बाईपास करेगा. इससे न केवल टोल पर लगने वाली लंबी कतारों और जाम से छुटकारा मिलेगा, बल्कि यात्रियों के कीमती समय और ईंधन की भी बचत होगी. डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि इस खंड के चालू होने से अंतरराज्यीय कनेक्टिविटी को जबरदस्त रफ्तार मिलेगी.
दिल्ली से अमृतसर 4 घंटे और कटरा सिर्फ 6 घंटे में
पूरा एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद उत्तर भारत में यात्रा की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी. दिल्ली से अमृतसर की दूरी महज 4 घंटे में और मां वैष्णो देवी के बेस कैंप कटरा तक का सफर सिर्फ 6 घंटे में पूरा किया जा सकेगा. इसके अलावा, नए मार्ग से दिल्ली और कटरा के बीच की कुल सड़क दूरी भी लगभग 58 किमी कम हो जाएगी. जुलाई 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग 9,680 करोड़ रुपये की लागत से बने 157.92 किमी लंबे शुरुआती हिस्से को देश को समर्पित किया था.
तीर्थयात्रियों और उद्योगों को सीधा फायदा
दिल्ली- अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के चालू होने से जीटी रोड यानी राष्ट्रीय राजमार्ग-44 (NH-44) पर भारी वाहनों का दबाव काफी कम हो जाएगा. इसके साथ ही अमृतसर के स्वर्ण मंदिर, कटरा के श्री माता वैष्णो देवी मंदिर, सुल्तानपुर लोधी, गोइंदवाल साहिब, खडूर साहिब और तरनतारन स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों तक पहुंचना बेहद आसान हो जाएगा.
व्यापारिक दृष्टि से यह एक्सप्रेसवे पंजाब के लुधियाना, जालंधर, पटियाला, संगरूर और गुरदासपुर जैसे बड़े औद्योगिक शहरों को सीधे जोड़ेगा, जिससे माल ढुलाई तेज होगी. परियोजना का मुख्य आकर्षण ब्यास नदी पर बन रहा 1,300 मीटर लंबा केबल-स्टे ब्रिज है, जो अपनी श्रेणी में एशिया का सबसे लंबा पुल माना जा रहा है.