Kerala beef restaurant with Kashi Name controversy। Kerala Kashi Cafe controversy। नाम- काशी कैफे, काम- बीफ परोसना… जिन्ना की तस्वीर बवाल, यूट्यूबर

Kerala beef restaurant with Kashi Name controversy। Kerala Kashi Cafe controversy। नाम- काशी कैफे, काम- बीफ परोसना… जिन्ना की तस्वीर बवाल, यूट्यूबर


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नाम- काशी कैफे, काम- बीफ परोसना… जिन्ना की तस्वीर पर बवाल, यूट्यूबर पर FIR

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केरल में एक कैफे और धार्मिक विषयों पर इंस्टाग्राम वीडियो बनाने वाले यूपी के यूट्यूबर अमृत सिंह डैरेन पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है. केरल सरकार ने इसे सांप्रदायिक नफरत फैलाने की कोशिश बताया. वहीं बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर ने सरकार पर ‘सिलेक्टिव सेक्युलेरिज्म’ का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार हिंदुओं और देशभक्तों की भावनाओं को अनदेखा कर चुनिंदा कार्रवाई कर रही है.

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पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर ली है.

सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है जिसने इंटरनेट से लेकर केरल की सियासत तक गदर मचा दिया. यूपी के एक मशहूर यूट्यूबर ने फोर्ट कोच्चि के ‘काशी कैफे’ का ऐसा सच उजागर करने का दावा किया कि बवाल कट गया. आरोप है कि पवित्र शहर ‘काशी’ के नाम पर बने इस कैफे में न सिर्फ बीफ परोसा जा रहा है, बल्कि वहां पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर भी लगाई गई है. वीडियो सामने आते ही राज्य सरकार ने यूट्यूबर पर धर्म के नाम पर नफरत फैलाने के आरोप में कड़क FIR ठोक दी. लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं होती. BJP ने एंट्री मारते हुए सरकार पर ‘सिलेक्टिव सेक्युलेरिज्म’ का ठप्पा लगा दिया है. अब इंटरनेट पर बहस छिड़ी है कि ये अभिव्यक्ति की आजादी है या सीधे-सीधे नौटंकी?

काशी कैफे, जिन्ना की मूर्ति और बीफ का झोल
आखिर ऐसा क्या बोल दिया यूट्यूबर ने? दरअसल, डैरेन ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके दावा किया कि फोर्ट कोच्चि में ‘काशी’ (पवित्र शहर) के नाम पर बने एक कैफे में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना की मूर्ति लगाई गई है और वहां बीफ परोसा जा रहा है. सिर्फ इतना ही नहीं, vlogger ने आरोप लगाया कि राज्य में इस्लाम को बढ़ावा देने के लिए अरब देशों से फंडिंग ली जा रही है. वीडियो के वायरल होते ही केरल की राजनीति का पारा हाई हो गया. राज्य के नेताओं ने साफ कहा, “केरल एक है, यहां सांप्रदायिक नफरत के लिए कोई जगह नहीं है” और तुरंत पुलिस एक्शन हो गया.

“हिंदुओं की भावनाओं का क्या?”
केरल सरकार के इस कदम पर पूर्व केंद्रीय मंत्री और बीजेपी नेता राजीव चंद्रशेखर ने मोर्चा खोल दिया. उन्होंने सीधे मुख्यमंत्री पर सिलेक्टिव सेक्युलेरिज्म (चुनिंदा धर्मनिरपेक्षता) का आरोप लगाते हुए पूछा कि अगर किसी मुस्लिम पवित्र शहर के नाम वाले रेस्टोरेंट में पॉर्क (सूअर का मांस) परोसा जाता, तो क्या तब भी यही रवैया रहता? उन्होंने साफ कहा कि संविधान का आर्टिकल 19 सबके लिए बराबर है. अगर कोई भारत-विरोधी या जिन्ना की पूजा जैसी हरकतें करता है, तो उसके खिलाफ आवाज उठाना गलत नहीं है.

बीजेपी का आरोप
बीजेपी ने आरोप लगाया कि जब हमास समर्थकों और कट्टरपंथियों की बात आती है, तब सरकार चुप बैठ जाती है, लेकिन जब कोई हिंदू या प्रो-इंडिया पक्ष सवाल उठाता है, तो तुरंत FIR दर्ज हो जाती है. अब यह पूरा मुद्दा अभिव्यक्ति की आजादी बनाम धर्मनिरपेक्षता की जंग बन चुका है. देखना दिलचस्प होगा कि यह विवाद किस मोड़ पर जाकर थमता है.



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