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Indore voter ID cards News: मध्य प्रदेश में इंदौर से करीब 90 किलोमीटर दूर मंडलेश्वर में नर्मदा तट पर सैकड़ों लावारिस वोटर आईडी कार्ड मिलने से प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा हुआ है. कांग्रेस ने मंडलेश्वर थाने का घेराव कर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं साथ ही शिकायत दर्ज कराकर जांच की मांग की है..
नर्मदा नदी के किनारे मिले सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड, कांग्रेस ने थाने को घेरा
इंदौर. मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में मंडलेश्वर में नर्मदा किनारे सफाई के दौरान सैकड़ों वोटर आईडी कार्ड मिलने से हड़कंप मच गया है. नदीं के तट मिले लावारिस मतदाता पहचान पत्र पर दर्ज पते के अनुसार सभी कार्ड इंदौर शहर के हैं. इस घटना के बाद कांग्रेस निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और मंडलेश्वर थाने पहुंचकर सख्ती कार्रवाई की मांग की है.
बताया जा रहा है कि ये सभी कार्ड इंदौर जिले की राऊ विधानसभा क्षेत्र के हैं. नदी किनारे इतनी बड़ी संख्या में मतदाता पहचान पत्र मिलने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया है. स्थानीय लोगों ने कार्डों को एकत्रित किया और मामले की जानकारी प्रशासनिक अधिकारियों को दी. मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और सभी वोटर आईडी कार्ड को जब्त कर लिया. नर्मदा किनारे लावारिस पड़े वोटर ID कार्ड का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया.
कांग्रेस पहुंची थाने
वहीं जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मंडलेश्वर थाने पहुंचे. उन्होंने पुलिस को शिकायत आवेदन सौंपते हुए पूरे मामले की जांच करने और FIR दर्ज करने की मांग की. कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता पहचान पत्रों का इस तरह लावारिस हालत में मिलना गंभीर विषय है. इसकी जांच होनी चाहिए कि ये कार्ड कहां से आए और इन्हें नदी किनारे किसने छोड़ा.
न्यूज 18 से बातचीत में रवि नाईक ने कहा कि ‘वोट चोरी’ को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाए जा रहे सवाल इस घटना के बाद सही साबित हो रहे हैं. उन्होंने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए. उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की. कांग्रेस ने प्रशासन से ये भी मांग की है कि किस परिस्थिति में कार्ड नदी किनारे पहुंचे और इसका इस्तेमाल किसी गलत काम के लिए तो नहीं किया गया है.
किसने फेंके कार्ड?
नर्मदा किनारे मिले वोटर ID कार्डों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. क्या ये पुराने या अनुपयोगी कार्ड हैं, इन्हें यहां किसने छोड़ा और क्या इस मामले का मतदाता सूची से जुड़ी किसी गड़बड़ी से संबंध है? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही मिल सकेंगे.