करवाचौथ पर नहीं दिखा चांद तो कैसे खोलें व्रत? उज्जैन के आचार्य से जानें 2 उपाय

करवाचौथ पर नहीं दिखा चांद तो कैसे खोलें व्रत? उज्जैन के आचार्य से जानें 2 उपाय


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करवाचौथ पर नहीं दिखा चांद तो कैसे खोलें व्रत? उज्जैन के आचार्य से जानें 2 उपाय

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Karwa Chauth Upay: करवाचौथ का व्रत चंद्रमा के दर्शन और पूजा के बाद ही खोला जाता है लेकिन अगर आसमान में बादल छाए होने के कारण चांद नजर न आए, तो महिलाएं व्रत का पारण कैसे करें. आइए जानते हैं, ऐसी स्थिति में व्रत खोलने का सही तरीका और जरूरी उपाय.

उज्जैन. करवाचौथ का पर्व नजदीक आते ही महिलाओं ने इसकी तैयारियां शुरू कर दी हैं. पति की लंबी उम्र और वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि की कामना के साथ सुहागिनें इस दिन निर्जला व्रत रखती हैं. कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी पर मनाए जाने वाले इस पर्व में सोलह श्रृंगार और चंद्रमा की पूजा का विशेष महत्व है. मान्यता है कि चंद्र दर्शन के बाद ही व्रत खोला जाता है. हालांकि कई बार बादल या खराब मौसम के कारण चांद नजर नहीं आता. ऐसे में महिलाओं के मन में सवाल उठता है कि व्रत कैसे पूरा करें? उज्जैन के ज्योतिषाचार्य आनंद भारद्वाज के अनुसार, चंद्रमा दिखाई नहीं देने पर भी महिलाएं विधि-विधान से पूजा कर सकती हैं. भगवान शिव की आराधना से व्रत का पारण करने का मार्ग मिलता है.

कब है करवाचौथ?
हिंदू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 29 अक्टूबर को रात 1 बजकर 6 मिनट से शुरू होगी. यह तिथि उसी रात 10 बजकर 9 मिनट तक रहेगी. उदयातिथि और व्रत की परंपरा के अनुसार इस साल करवाचौथ 29 अक्टूबर को ही मनाया जाएगा.

करवाचौथ पर चंद्र पूजा क्यों?
करवाचौथ पर चंद्र पूजा पति की दीर्घायु, अखंड सौभाग्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना के लिए की जाती है. चंद्रमा को शांति, समृद्धि और मन की स्थिरता का प्रतीक माना जाता है. चंद्रमा की पूजा से मन शांत होता है, जिससे पति-पत्नी के बीच का रिश्ता मजबूत होता है. साथ ही यह जल और पृथ्वी के तत्वों का भी सम्मान करता है, जो दांपत्य जीवन की खुशहाली से जुड़ा है.

चांद न दिखने पर करें ये काम
1. अगर करवाचौथ पर मौसम खराब होने के कारण चंद्रमा दिखाई न दे, तो घबराने की जरूरत नहीं है. चंद्रोदय के निर्धारित समय के बाद चांदी के सिक्के या गोल टुकड़े को चंद्रमा का प्रतीक मानकर पूजा करें. इसके बाद विधि-विधान से अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें. मान्यता है कि ऐसा करने से व्रत का पुण्यफल प्राप्त होता है.

2. करवाचौथ की रात पास के किसी शिव मंदिर में जाएं, जहां पर भगवान शिव के माथे पर चंद्रमा स्पष्ट रूप से दिखता हो. भगवान शिव के माथे पर चंद्रमा सदैव सुशोभित रहता है. आप चंद्रोदय के समय पर मंदिर में जाकर शिवजी के माथे पर लगे चंद्रमा को अर्घ्य देकर करवाचौथ का पारण करके व्रत को पूरा कर सकती हैं. इस उपाय को करने से व्रत का पुण्यफल मिलेगा.



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