NEET UG 2026 Paper Leak Case: नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा में पेपर लीक के आरोपों ने एक बार फिर मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं. केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की जांच में लातूर के एक कोचिंग सेंटर के संचालक शिवराज मोटेगांवकर के मोबाइल फोन से मिले केमिस्ट्री के सवालों को लेकर अहम जानकारी सामने आई है. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, CBI की सप्लीमेंट्री चार्जशीट में दिल्ली विश्वविद्यालय के एक्सपर्ट्स की राय का हवाला दिया गया है. इसमें बताया गया है कि फोन से बरामद सवालों वाले डॉक्यूमेंट का मिलान NEET UG 2026 की एक मास्टर टेस्ट बुकलेट के केमिस्ट्री के सभी 45 सवालों से हुआ है.
जांच एजेंसी के अनुसार, परीक्षा से जुड़े सवालों की फाइलें परीक्षा से पहले WhatsApp, Telegram और AirDrop जैसे माध्यमों से शेयर किए जाने के संकेत मिले हैं. हालांकि, जांच में सामने आए इन फैक्ट्स के आधार पर मामले में आरोपों और उनकी पुष्टि के बीच अंतर समझना जरूरी है. हालांकि, अंतिम फैसला अदालत में होगा.
चार्जशीट में 13 आरोपियों के नाम
CBI ने इस मामले में दिल्ली की फास्ट ट्रैक अदालत में 28 जुलाई को चार्जशीट दाखिल की थी. इसमें कुल 13 आरोपियों के नाम शामिल बताए गए हैं. इनमें नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के सब्जेक्ट एक्सपर्ट मनीषा मंधारे, केमिस्ट्री एक्सपर्ट प्रह्लाद विठ्ठलराव कुलकर्णी और फिजिक्स एक्सपर्ट मनीषा संजय हवलदार के नाम भी हैं. एजेंसी ने हाल में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दाखिल की, जिसमें एक नए आरोपी का नाम और फॉरेंसिक रिपोर्ट शामिल की गई.
केमिस्ट्री के सवालों का मास्टर पेपर से किया गया मिलान
जांच के दौरान NTA ने CBI को बताया कि NEET के लिए सवालों के 4 मास्टर सेट तैयार किए जाते हैं. हर सेट में कुल 180 सवाल होते हैं, जिनमें फिजिक्स, केमिस्ट्री, बॉटनी और जूलॉजी के 45-45 सवाल शामिल होते हैं. इनमें से दो सेट परीक्षा केंद्रों पर बांटने के लिए तैयार किए जाते हैं. NEET UG 2026 में इन सेट के नाम ‘कैलाश’ और ‘शिवालिक’ रखे गए थे.
CBI ने शिवराज मोटेगांवकर के फोन से मिले केमिस्ट्री के सवालों की तुलना इन मास्टर सेट से की. रिपोर्ट के मुताबिक, कैलाश सेट के 45 में से 43 सवाल मिले, जबकि शिवालिक सेट की मास्टर टेस्ट बुकलेट ‘M’ के सभी 45 सवाल बरामद डॉक्यूमेंट से मेल खाते थे. एक अन्य मास्टर सेट के 45 में से 40 सवाल भी मेल खाते पाए गए. वहीं, चौथे सेट में केवल एक सवाल का मिलान हुआ.
जांच में गिरफ्तार शिक्षक पीवी कुलकर्णी के फोन से 11 अप्रैल से 29 अप्रैल के बीच मिली 12 तस्वीरों में केमिस्ट्री के 13 सवाल भी एक्सपर्ट्स को जांच के लिए भेजे गए थे. रिपोर्ट के अनुसार, ये सवाल चारों मास्टर सेट के सवालों से मेल खाते पाए गए.
कोचिंग के मॉक टेस्ट में भी मिले मिलते-जुलते सवाल
CBI ने कोचिंग सेंटर के छात्रों से जब्त किए गए मॉक टेस्ट पेपर भी एक्सपर्ट्स को जांच के लिए दिए थे. दिल्ली विश्वविद्यालय के एक्सपर्ट्स की राय के अनुसार, 19 अप्रैल के मॉक टेस्ट में 15 सवाल कैलाश सेट से मेल खाते थे. वहीं, 30 अप्रैल के दूसरे मॉक टेस्ट में 6 सवाल शिवालिक सेट और पांच सवाल एक अन्य मास्टर सेट से मेल खाते पाए गए. जांच एजेंसी को एक गवाह ने यह भी बताया कि मोटेगांवकर से जुड़ी केमिस्ट्री की एक PDF फाइल WhatsApp के जरिए मिली थी और उसे आगे शेयर किया गया था.
पैसे लेकर सवालों की फाइल भेजने का आरोप
चार्जशीट में दर्ज बयानों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी विकास बिवाल को पहले 5,000 रुपये दिए जाने और इसके बाद सवालों वाली PDF फाइलें मिलने की बात सामने आई है. इन फाइलों को 1 मई के आसपास Telegram, WhatsApp और AirDrop के जरिए आगे भेजे जाने का आरोप है. CBI ने फाइलों, मैसेज, रिटन नोट्स और गवाहों के बयानों के आधार पर उनके प्रसार की कड़ियां जोड़ने की कोशिश की है.
इस मामले में जांच एजेंसी की रिपोर्ट और एक्सपर्ट्स की राय अहम सबूत हो सकते हैं. हालांकि, आरोपियों के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत को करना है.