Last Updated:
93 Fours 30 sixes 552 boundry runs: क्रिकेट के इतिहास में एक ऐसा दिन दर्ज हो गया, जिसे शायद ही कभी भुलाया जा सके. पाकिस्तान के रावलपिंडी मैदान पर खेले गए एक मुकाबले में श्रीलंका ने वनडे इतिहास के सबसे बड़े और रोमांचक रन-चेज में से एक को अंजाम देते हुए नामुमकिन सी जीत हासिल की. इंग्लैंड द्वारा दिए गए 430 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम ने 8 विकेट खोकर 430 रन बना लिए और एक ऐतिहासिक दो विकेट से रोमांचक जीत दर्ज की. यह वनडे क्रिकेट इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन-चेज़ बन गया है, जो साल 2006 में जोहान्सबर्ग में दक्षिण अफ्रीका द्वारा ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ किए गए 435 रनों के ऐतिहासिक पीछा के ठीक बाद आता है.
श्रीलंका ने इंग्लैंड के 429/4 के विशाल स्कोर के जवाब में 430/8 बनाकर यह ऐतिहासिक जीत हासिल की. यह वनडे इतिहास का दूसरा सबसे सफल रन-चेज़ है, जबकि इससे पहले साल 2006 में दक्षिण अफ्रीका ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 435 रन बनाकर जीत दर्ज की थी.
इस मुकाबले में दोनों पारियों को मिलाकर कुल 859 रन बने, जो वनडे इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा मैच एग्रीगेट है. इससे आगे केवल साल 2006 का जोहान्सबर्ग मैच है, जिसमें ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका के बीच कुल 872 रन बने थे.
यह मुकाबला वनडे क्रिकेट इतिहास का केवल तीसरा ऐसा मौका रहा जब किसी टीम ने 400 से अधिक के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा किया हो. इससे पहले दक्षिण अफ्रीका (2006) और पिछले महीने गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ भारत (406 रन) ऐसा कारनामा कर चुके हैं.
Add News18 as
Preferred Source on Google
रावलपिंडी के इस मैदान पर चौकों-छक्कों की ऐसी आंधी चली कि नया कीर्तिमान बन गया. दोनों टीमों ने मिलकर कुल 93 चौके और 30 छक्के जड़े. इसमें से अकेले 93 चौके लगे, जिसने 2006 के ऑस्ट्रेलिया-दक्षिण अफ्रीका मैच के 87 चौकों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया.
इस मैच में बाउंड्री के जरिए कुल 552 रन बटोरे गए, जिसमें 93 चौके और 30 छक्के शामिल हैं. इसने सेंट जॉर्ज में 2019 में वेस्टइंडीज और इंग्लैंड के बीच बने 532 बाउंड्री रनों (64 चौके और 46 छक्के) के पुराने रिकॉर्ड को तोड़ दिया.
इंग्लैंड की पारी में 48 चौके जड़े गए, जो वनडे क्रिकेट में किसी एक टीम द्वारा दूसरा सबसे बड़ा संयुक्त चौकों का रिकॉर्ड है, जबकि श्रीलंका ने भी अपनी पारी में 45 चौके लगाए. इसके साथ ही एशिया में किसी भी लिस्ट-ए मैच में यह सबसे बड़ा मैच एग्रीगेट (825 रनों के पिछले रिकॉर्ड को पार करते हुए 859) बन गया. श्रीलंका का यह 430/8 स्कोर उनका वनडे इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा कुल स्कोर भी है.
इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने महज 114 गेंदों में अपना दोहरा शतक पूरा किया और अंत में 116 गेंदों पर 202 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली. वह वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले पहले अंग्रेज बल्लेबाज बन गए हैं. हालांकि, हारने वाली टीम में यह किसी भी खिलाड़ी का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है, जिससे उनका यह रिकॉर्ड हार के गम में छिप गया. मैच के बाद उन्होंने खुद कहा कि हारने के बाद इस पारी का उनकी नजर में कोई मूल्य नहीं है.
श्रीलंका की जीत की नींव अविष्का फर्नांडो (97 रन) और पवन रथनायके (106 गेंदों पर 130 रन) के बीच हुई 166 रनों की शानदार तीसरी विकेट की साझेदारी ने रखी. इसके बाद रथनायके ने कप्तान दसुन शनाका के साथ मिलकर 133 रनों की साझेदारी जोड़ी, जिसमें शनाका ने महज 50 गेंदों पर ताबड़तोड़ 97 रन ठोक दिए.
शनाका के आउट होने के बाद दुनित लियनागे ने नाबाद 61 रन बनाकर मैच को संभाला. श्रीलंका ने आखिरी 15 ओवरों में अविश्वसनीय रूप से 170 रन बनाए, जो उपलब्ध बॉल-बाय-बॉल डेटा के अनुसार किसी भी वनडे मैच के आखिरी 15 ओवरों में बनाया गया सबसे बड़ा स्कोर है. इससे पहले यह रिकॉर्ड वेस्टइंडीज के नाम था, जिन्होंने 2023 में इंग्लैंड के खिलाफ 146 रन बनाए थे.
सर्वोच्च सफल चेज की लिस्ट में दक्षिण अफ्रीका (435) और श्रीलंका (430) के बाद भारत (406), नीदरलैंड्स (375) और दक्षिण अफ्रीका (372) का स्थान आता है. वहीं, हारने वाली पारी के सर्वोच्च स्कोर में हैरी ब्रूक (202), चार्ल्स कोवेंट्री (नाबाद 194), फखर जमान (193), जॉर्ज मुन्से (191) और मैथ्यू हेडन (नाबाद 181) शामिल हैं, जो इस रोमांचक लिस्ट को और खास बनाते हैं.