लाल सागर में फिर हुआ भारतीयों की बोट पर हमला, 14 नागरिकों की जान बचाने में जुटा दूतावास

लाल सागर में फिर हुआ भारतीयों की बोट पर हमला, 14 नागरिकों की जान बचाने में जुटा दूतावास


नई दिल्ली: लाल सागर में यमन के समुद्री तट के पास 14 भारतीय नागरिकों को ले जा रही एक नौका को निशाना बनाया गया. हूती गुट से जुड़े सैन्य प्रवक्ता ने आरोप लगाया है कि सऊदी अरब की सेना ने इस भारतीय नौका पर हमला किया है. यह घटना लाल सागर में स्थित जुकार द्वीप के पास घटी है. इस चौंकाने वाले दावे के सामने आते ही यमन में मौजूद भारतीय दूतावास पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है. दूतावास ने साफ किया है कि वह घटना से जुड़े सभी तथ्यों की बारीकी से पड़ताल कर रहा है. नाव पर मौजूद सभी भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और कुशलता सुनिश्चित करने के लिए हर संभव सहायता दी जा रही है.

यमन के हूती समर्थित सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सऊदी अरब ने जुकार द्वीप के पास एक नौका को जानबूझकर टारगेट किया है. याह्या सारी ने कहा, ‘शुरुआती जानकारी के अनुसार सऊदी दुश्मन ने जुकार द्वीप के पास 14 भारतीय नागरिकों को ले जा रही एक नौका पर हमला किया है.’ उन्होंने आगे बताया कि यमन के सुरक्षा बल समंदर में राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं. इस रेस्क्यू ऑपरेशन की विस्तृत जानकारी जल्द ही साझा की जाएगी.

हूती प्रवक्ता ने इस कार्रवाई को गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है. उन्होंने कहा कि इस तरह के कदमों से लाल सागर में अंतरराष्ट्रीय नौवहन के लिए गंभीर खतरा पैदा हो रहा है. हूती प्रवक्ता ने वैश्विक समुदाय से सऊदी अरब के इन कदमों को तुरंत रोकने की अपील भी की है.

भारतीय दूतावास ने क्या कदम उठाए?

यमन में स्थित भारतीय दूतावास ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू कर दी है. दूतावास ने एक बयान जारी कर कहा, ‘हमने आज यमन तट पर एक नौका में 14 भारतीय नागरिकों के शामिल होने की घटना से जुड़ी रिपोर्ट देखी है.’ दूतावास के अधिकारियों ने कहा कि वे इस घटना के वास्तविक तथ्यों का पता लगाने में जुटे हैं. नाव पर सवार सभी भारतीयों की जानमाल की सुरक्षा दूतावास की सबसे पहली प्राथमिकता है.
विदेश मंत्रालय ने X पर दिया अपडेट.

अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि जरूरतमंद नागरिकों को हर संभव कूटनीतिक और जमीनी मदद पहुंचाई जाएगी. फिलहाल इस कथित हमले और उस पर सवार लोगों की स्थिति के बारे में पूरी जानकारी सामने नहीं आई है. सऊदी अरब की तरफ से भी इस आरोप पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान या सफाई नहीं आई है.

लाल सागर का यह समुद्री रास्ता इतना खतरनाक क्यों?

यह ताजा घटना ऐसे समय में घटी है जब यमन और लाल सागर के इलाके में सुरक्षा हालात बेहद नाजुक बने हुए हैं. यह समुद्री जलमार्ग अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल आपूर्ति के लिए दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण रास्तों में गिना जाता है. यह मार्ग स्वेज नहर और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के जरिए भूमध्य सागर को सीधे हिंद महासागर से जोड़ता है. क्षेत्रीय तनाव और संघर्ष के चलते इस पूरे रूट पर लगातार व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया जा रहा है.

भारत सरकार ने पहले भी इस इलाके में कमर्शियल जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर गहरी चिंता जताई है. इससे पहले अगस्त के महीने में भी भारतीय झंडे वाला मालवाहक जहाज एमएसवी फैज नूरे औलिया यमन के पास हमले के बाद समंदर में डूब गया था. उस समय पोत परिवहन मंत्रालय ने मुस्तैदी दिखाते हुए 13 भारतीयों समेत सभी 14 क्रू सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया था. भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत सभी जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने की लगातार मांग उठाई है.



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