कबाड़ के पाइप ने बदल दी जिंदगी! छपरा की सुनीता के खेती करने का आइडिया देखकर हो जाएंगे हैरान

कबाड़ के पाइप ने बदल दी जिंदगी! छपरा की सुनीता के खेती करने का आइडिया देखकर हो जाएंगे हैरान


छपरा: बिहार में छपरा जिले की एक ऐसी महिला हैं, जिनका पूरे विश्व में नाम है. उस महिला के संबंध में गूगल भी बखूबी जानकारी रखता है. जब गूगल पर आप उनके संबंध में सर्च करेंगे तो विस्तार से जानकारी मिल जाएगी. जिले के मांझी प्रखंड अंतर्गत बरेजा गांव की रहने वाली सुनीता प्रसाद ने खेती किसानी में महारत हासिल की हैं. उन्होंने अपनी खेती किसानी से पूरे वर्ल्ड में पहचान बना रही हैं. घर बैठे पूरे इंडिया के लोगों को ऑनलाइन बिना जमीन के खेती करने का प्रशिक्षण देती हैं. इनके द्वारा हरी सब्जी, फूल, फल, पेड़ और पौधों को आधुनिक युग में बिना जमीन की खेती करने की जानकारी दी जाती है.

जानें कैसे करती हैं बिना जमीन की खेती

सुनीता प्रसाद के द्वारा अपने छत पर प्लास्टिक का पाइप लगाकर हरी सब्जी, पेड़ पौधा लगाकर लाभ लिया जाता है. जहां प्लास्टिक पाइप में जैविक खाद पुराना गोबर मिट्टी डालकर भर देती हैं. उस पाइप में होल करके हरी मिर्चा, बैंगन, टमाटर, हल्दी कागजी नींबू, मौसमी, फूल फल सहित सभी चीज लगाकर लाभ ले रही हैं.

इस तस्वीर को देखकर लोग काफी प्रभावित होते हैं और उनसे प्रशिक्षण लेकर अपने छत पर घर के आगे पाइप में खेती करके अपने छत और घर को खूबसूरत बनाने के लिए साग सब्जी लगाकर डेकोरेशन भी करते हैं. यह देखने में भी सुंदर लगता है. साथ ही ताजी सब्जियां खाने को भी मिल रहा है. इस तरह की खेती करने को लेकर इन्हें कई बार नेशनल स्तर पर सम्मानित किया जा चुका है. अब तो गूगल पर बोलने पर भी सुनीता प्रसाद की खेती के बारे में जानकारी मिल रही है.

जानें कहां से आया पाइप में खेती करने का आइडिया

उन्होंने बताया कि एक बार द्वार पर कबाड़ी वाला आया था,जिससे कुछ कबाड़ बेच रही थी. उसी समय कबाड़ी वाले के पास एक टूटा हुआ प्लास्टिक का पाइप दिखाई दिया. जिसको उन्होंने नाले की पानी पास करने के लिए उसे खरीद लिया और छत पर पाइप को रख दिया गया, जिसमें पहले से मिट्टी भी हुई थी. जहां एक पाइप में होल था. उस होल से एक पौधा निकल आया, जिसको देखकर पाइप में खेती करने का आइडिया मिला. उसी समय से सुनीता प्रसाद पाइप में मिट्टी और जैविक खाद भर के हरी सब्जियों की खेती करना शुरू कर दी.

लोकल 18 से खास बातचीत में सुनीता ने बताया कि वह 2010 से पाइप में सब्जी की खेती कर रही हैं. अब तो फल फूल भी पाइप में ही लगाकर लाभ ले रही हैं. साथ ही बताया कि द्वार पर एक कबाड़ी वाला आया था, जिससे पाइप नाली में लगाने के लिए थे. उसमें माटी भरकर रख दिया. जिस पाइप में पहले से एक होल था और होल के माध्यम से घास निकल आया.जिसको देखकर पाइप में खेती करने का आइडिया मिला. उसी समय से पाइप में हरा सब्जी सहित कई प्रकार के फल फूल लगाकर लाभ ले रही हैं.

जहां शुरुआती दौर में पाइप में भिंडी, टमाटर, लौकी सहित कई हरा सब्जी लगाकर लाभ लिया और 2014 से महिला पुरुष को पाइप में खेती करने के लिए प्रशिक्षण देने लगा. अब तो पूरे इंडिया के लोग अपने छत पर पाइप रखकर खेती कर रहे हैं. दिल्ली हरियाणा उत्तर प्रदेश राजस्थान के लोग भी उनसे ऑनलाइन प्रशिक्षण लेकर खेती कर रहे हैं. जिला राज्य और नेशनल स्तर पर भी कई बार मुझे इस तरह की खेती करने के लिए सम्मानित किया जा चुका है. साथ ही कहा कि जो लोग खेती करने के लिए जमीन नहीं रहने की वजह से हरी सब्जियों की खेती नहीं कर पाते हैं. वे लोग इस तरह से पाइप में खेती करके लाभ ले सकते हैं.



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