इजरायली चेकपोस्ट पर गोलीबारी: भड़के नेतन्याहू ने पूरे वेस्ट बैंक में लगाया लॉकडाउन, गाजा जैसे एक्शन की तैयारी

इजरायली चेकपोस्ट पर गोलीबारी: भड़के नेतन्याहू ने पूरे वेस्ट बैंक में लगाया लॉकडाउन, गाजा जैसे एक्शन की तैयारी


Agency:एजेंसियां

Last Updated:

वेस्ट बैंक के हेब्रोन में एक चेकपोस्ट पर हुई गोलीबारी में 23 साल के इजरायली सैनिक की मौत हो गई है. चार इजरायली नागरिक घायल हो गए. इसके तुरंत बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हेब्रोन की घेराबंदी और पूरे वेस्ट बैंक में लॉकडाउन की तैयारी के निर्देश दिए हैं. इजरायली सेना ने जवाबी कार्रवाई में दोनों हमलावरों को मार गिराया. वहीं इजरायल के कट्टरपंथी वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच ने वेस्ट बैंक में भी गाजा जैसी व्यापक सैन्य कार्रवाई करने की मांग उठा दी है.

Zoom

इजरायल के कब्ज़े वाले वेस्ट बैंक के हेब्रोन में, गोलीबारी की घटना वाली जगह के पास इजरायली सेना तैनात है. (Reuters Photo)

तेल अवीव: वेस्ट बैंक के हेब्रोन शहर के पास एक इजरायली सैन्य चेकपोस्ट पर भीषण गोलीबारी की गई. दो फिलिस्तीनी हमलावरों ने अचानक सुरक्षा बलों और नागरिकों पर गोलियां बरसा दीं. आतंकी हमले में 23 साल के इजरायली सैनिक सार्जेंट रॉन योनातन रोइसमैन की मौत हो गई. वह अश्कलोन के रहने वाले थे. हमले में चार इजरायली नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं. मौके पर तैनात इजरायली सैनिकों ने जवाबी फायरिंग करते हुए दोनों हमलावरों को ढेर कर दिया. इस घटना के तुरंत बाद प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आपात बैठक बुलाई. उन्होंने हेब्रोन शहर की तुरंत नाकेबंदी करने का सख्त आदेश जारी कर दिया है. इसके साथ ही पूरे वेस्ट बैंक को सील करने की तैयारी शुरू हो चुकी है. आगामी चुनाव से ठीक पहले हुई इस वारदात ने इलाके में तनाव को चरम पर पहुंचा दिया है. सरकार के मंत्रियों ने अब वेस्ट बैंक में भी गाजा जैसी सैन्य कार्रवाई करने की मांग तेज कर दी है.

हेब्रोन की चेकपोस्ट पर अचानक कैसे हुआ यह घातक हमला?

यह पूरी वारदात हेब्रोन शहर के पास स्थित एक सैन्य चेकपोस्ट पर घटी. आम नागरिकों के कपड़ों में आए दो फिलिस्तीनी युवकों ने अचानक हथियार निकाल लिए. उनके पास एक हैंडगन और एक ऑटोमैटिक राइफल मौजूद थी. उन्होंने चेकपोस्ट पर मौजूद इजरायली नागरिकों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी. इजरायली सैनिकों ने जवाबी गोलीबारी में दोनों हमलावरों को वहीं मार गिराया. हमलावरों की पहचान मोहम्मद जाबा और फिरास जाबा के रूप में हुई है. दोनों हमलावर हेब्रोन के ही एक ही परिवार के सदस्य बताए जा रहे हैं. घटना के बाद सेना ने उनके घरों को जमींदोज करने की पुरानी प्रक्रिया शुरू कर दी है.

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने सेना को क्या निर्देश दिए हैं?

हमले की खबर मिलते ही प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शीर्ष सैन्य अधिकारियों के साथ आपात सुरक्षा कैबिनेट की बैठक की. नेतन्याहू ने कहा कि सेना ने एक बड़े आतंकी हमले की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि हमास निर्दोष नागरिकों की जान लेने के मकसद से बड़े हमले की योजना बना रहा था. नेतन्याहू ने हेब्रोन शहर में सेना को बड़े पैमाने पर ऑपरेशन शुरू करने की हरी झंडी दे दी है. उन्होंने साफ कहा कि जिस तरह शरणार्थी शिविरों में कार्रवाई की गई थी, वही मॉडल अब वेस्ट बैंक के शहरों में लागू होगा. इजरायली सेना उन सभी इलाकों में घुसेगी जहां से संदिग्ध सक्रिय हैं. वहां से लोगों को हटाकर घर-घर तलाशी ली जाएगी और आतंकी नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया जाएगा.

इजरायली मंत्रियों ने गाजा जैसे भीषण हमले की मांग क्यों उठाई?

नेतन्याहू सरकार में शामिल कट्टरपंथी सहयोगी दल अब वेस्ट बैंक में युद्ध छेड़ने की खुली वकालत कर रहे हैं. वित्त मंत्री बेजलेल स्मोट्रिच ने सरकार से मांग की है कि वेस्ट बैंक में भी गाजा जैसा सैन्य अभियान शुरू किया जाए. स्मोट्रिच ने कहा, ‘यहूदिया और सामरिया में फिलिस्तीनी अथॉरिटी को खत्म करने और आतंकियों के खात्मे के अलावा कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा है.’ उन्होंने कहा कि अगली सरकार में यह उनकी सबसे पहली शर्त होगी कि वेस्ट बैंक और लेबनान में एक जैसा एक्शन हो. वहीं राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्विर ने फिलिस्तीनियों की आवाजाही पर पूरी रोक लगाने की मांग की है. बेन-ग्विर ने कहा कि हमारे सैनिकों और यहूदी बस्तियों के लोगों की जिंदगी फिलिस्तीनियों की घूमने की आजादी से दस लाख गुना ज्यादा अहम है.

आगामी 27 अक्टूबर के चुनावों पर इस हमले का क्या असर पड़ेगा?

इजरायल में 27 अक्टूबर को होने वाले आम चुनावों से ऐन पहले यह हमला हुआ है. इन चुनावों में प्रधानमंत्री नेतन्याहू का सीधा मुकाबला पूर्व सेना प्रमुख गादी आइजनकोट से है. आइजनकोट को पूर्व प्रधानमंत्री यायर लापिड और नफ्ताली बेनेट का मजबूत समर्थन हासिल है. दोनों पक्षों के बीच कड़ा चुनावी मुकाबला देखने को मिल रहा है. चुनावी माहौल के बीच नेतन्याहू और उनके सहयोगी पहले से ही फिलिस्तीनी नेतृत्व पर बेहद आक्रामक बयानबाजी कर रहे थे. विपक्षी दलों का आरोप है कि नेतन्याहू जनता में डर पैदा करके राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि नेतन्याहू इस हमले का इस्तेमाल चुनाव को टालने या राष्ट्रवाद की लहर तेज करने के लिए कर सकते हैं.

वेस्ट बैंक में हिंसा का यह दौर कितना खतरनाक मोड़ ले चुका है?

वेस्ट बैंक में पिछले कई महीनों से हालात बेहद खराब बने हुए हैं. इजरायली सेटलर्स और स्थानीय फिलिस्तीनी नागरिकों के बीच आए दिन खूनी झड़पें हो रही हैं. अक्टूबर 2023 से अब तक का समय फिलिस्तीनी नागरिकों के लिए इतिहास का सबसे खूनी दौर साबित हुआ है. आंकड़ों के मुताबिक इस दौरान इजरायली सेना और यहूदी बस्तियों के लोगों के हमलों में 1,113 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. वहीं इजरायल का कहना है कि इसी अवधि में उनके 49 नागरिक अपनी जान गंवा चुके हैं. नेतन्याहू द्वारा वेस्ट बैंक में लॉकडाउन और बड़े सैन्य अभियान की घोषणा से हिंसा और भड़कने की पूरी आशंका है. यदि हेब्रोन और आसपास के शहरों में गाजा जैसा ऑपरेशन शुरू होता है, तो पूरा इलाका नए मानवीय संकट की चपेट में आ जाएगा.



Source link