‘अगर यही हाल रहा तो हम बंद कर देंगे बॉर्डर’, आगबबूला ईरान ने पाकिस्तान को धमकाया, ग्वादर में सुने गए धमाके

‘अगर यही हाल रहा तो हम बंद कर देंगे बॉर्डर’, आगबबूला ईरान ने पाकिस्तान को धमकाया, ग्वादर में सुने गए धमाके


इस्लामाबाद/तेहरान: पाकिस्तान और ईरान की सीमा पर हालात अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत के ग्वादर जिले में सुरक्षा चौकियों और कंपाउंड्स पर भीषण हमले हुए हैं. पिशुकन और सुर जैसे कस्बों में जोरदार धमाकों और गोलीबारी की आवाजें सुनी गई हैं. इस हिंसक घटनाक्रम के तुरंत बाद पाकिस्तान सरकार ने सुरक्षा का हवाला देते हुए ईरान और इराक जाने वाले तीर्थयात्रियों के जमीनी सफर पर रोक लगा दी है. इसी बीच सीमा पर व्यापार बंद होने से सैकड़ों मालवाहक ट्रक कई दिनों से लावारिस हालत में फंसे हुए हैं. इस गतिरोध से नाराज होकर ईरान की संसद के वरिष्ठ नेता ने पाकिस्तान को अपनी तरफ से बॉर्डर पूरी तरह सील करने की धमकी दे दी है. उन्होंने आरोप लगाया है कि पाकिस्तान अमेरिकी दबाव में आकर ईरानी ट्रकों को रोक रहा है.

ग्वादर जिले से सटे सीमावर्ती इलाकों में लगातार कई धमाके सुने गए हैं. स्थानीय लोगों के मुताबिक पिशुकन और सुर के पास सुरक्षा चौकियों को निशाना बनाकर गोलीबारी की गई है. सुरक्षा बलों के परिसरों पर हुए इन हमलों के बाद इलाके में दहशत फैल गई है. पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने पूरे क्षेत्र को घेरकर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. हमलों के बाद सीमा पर सुरक्षा चौकसी को कई गुना बढ़ा दिया गया है.

बलूचिस्तान के इस संवेदनशील इलाके में सीमा पार से होने वाली गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जा रही है. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि आतंकी तत्व इस अशांत माहौल का फायदा उठाकर बड़े हमलों की फिराक में हैं.

तीर्थयात्रियों की सड़क यात्रा पर पाकिस्तान ने अचानक रोक क्यों लगाई?

सीमा पर बिगड़े हालात को देखते हुए पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कहा कि कि राष्ट्रीय सुरक्षा के मद्देनजर किसी भी पाकिस्तानी जायरीन को सड़क मार्ग से जाने की अनुमति नहीं मिलेगी. अरबाईन तीर्थयात्रा के लिए ईरान और इराक जाने वाले श्रद्धालुओं को अब केवल हवाई मार्ग का सहारा लेना होगा. पाकिस्तान के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने इस संबंध में विस्तृत ट्रेवल एडवाइजरी जारी की है.

मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, ‘तेहरान, मशहद और नजफ जाने वाले तीर्थयात्री अपनी फ्लाइट बुकिंग पहले से पक्की कर लें.’ प्रवक्ता ने जायरिन ग्रुप ऑर्गनाइजर्स को निर्देश दिया है कि वे अनिश्चित उड़ानों पर निर्भर न रहें. तीर्थयात्रियों को किसी भी आपात स्थिति के लिए अतिरिक्त पैसे साथ रखने की हिदायत दी गई है.

बॉर्डर पर सैकड़ों ट्रकों के फंसने से ईरान क्यों आगबबूला हो गया?

दोनों देशों के बीच गब्द-रिमदान क्रॉसिंग पर द्विपक्षीय व्यापार पांच दिनों से पूरी तरह ठप पड़ा हुआ है. पाकिस्तान की तरफ सैकड़ों भारी ट्रक कतारों में खड़े हैं. 28 साल के ड्राइवर अब्दुल गनी ने बताया कि ट्रक चालक गंभीर मुश्किलों से जूझ रहे हैं. अब्दुल गनी ने कहा, ‘हमारे पास पीने का पानी नहीं है और खाने जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव है.’

एक अन्य ड्राइवर अजीम खान ने कहा कि बलोच व्यापारियों और मजदूरों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है. ग्वादर के कारोबारी शमसुल हक ने दावा किया कि आयातकों और निर्यातकों को अरबों रुपये का नुकसान हो चुका है. पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि यह रोक स्मगलिंग रोकने और सुरक्षा चिंताओं को दूर करने के लिए लगाई गई है.

मुनीर का तेहरान दौरा भी इस विवाद को नहीं सुलझा पाया

ईरान-पाकिस्तान संसदीय मैत्री समूह के प्रमुख फदाहुसैन मलेकी ने इस पूरे मामले पर कड़ा रुख अपनाया है. मलेकी ने कहा, ‘अगर यही स्थिति रही तो ईरान निश्चित रूप से अपनी तरफ से सीमा को बंद कर देगा.’ उन्होंने बताया कि पाकिस्तान में फंसे ट्रकों को ईरान आने दिया जा रहा है लेकिन ईरान से जाने वाले ट्रक रोक दिए गए हैं. मलेकी ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के तेहरान दौरे का भी जिक्र किया.

मलेकी ने कहा, ‘मुनीर ने तेहरान से सीमा खोलने के आदेश दिए थे लेकिन पाकिस्तानी अधिकारी इसे तकनीकी समस्या बता रहे हैं.’ मुनीर ने ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ और राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से मुलाकात की थी. इसके बावजूद जमीनी स्तर पर तनाव जस का तस बना हुआ है.

क्या अमेरिका के आर्थिक दबाव में आकर पाकिस्तान ने यह घेराबंदी की है?

ईरानी सांसद मलेकी ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान अमेरिकी राजनीतिक दबाव के चलते ईरान के साथ व्यापार सीमित कर रहा है. उन्होंने कहा, ‘हमने अपने पाकिस्तानी दोस्तों से कभी ऐसी उम्मीद नहीं की थी.’ हालांकि उन्होंने अपने इस दावे के समर्थन में कोई पुख्ता सबूत पेश नहीं किया. यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की समुद्री नाकेबंदी कर रखी है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा है कि मानवीय मदद को छोड़कर समुद्र के रास्ते कोई व्यापार नहीं हो रहा है. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी तेहरान पर असाधारण आर्थिक दबाव बनाए रखने की बात दोहराई है. ऐसे में ईरान के लिए जमीनी रास्ते बेहद अहम हो गए हैं और पाकिस्तान की यह पाबंदी ईरान को संकट में डाल रही है.



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