छठ की तारीख पता थी तो 5 दिन का शॉर्ट टेंडर क्यों? यमुना में गंदगी पर महाभारत
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Delhi Yamuna Pollution: छठ महापर्व से ठीक पहले यमुना की सतह पर तैरते सफेद जहरीले झाग को साफ करने की कवायद अब एक बड़े सियासी और वित्तीय घोटाले के घेरे में आ गई है। आम आदमी पार्टी के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कालिंदी कुंज घाट का औचक मुआयना कर दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड के खिलाफ धांधली का सनसनीखेज पर्दाफाश करने का दावा किया है.
यमुना की गंदगी को लेकर ‘आप’ ने बीजेपी पर हमला बोला है. (फाइल फोटो)
दिल्ली में यमुना के झाग को खत्म करने के लिए कालिंदी कुंज घाट पर किए जा रहे इंतजामों को लेकर आम आदमी पार्टी ने दिल्ली सरकार और दिल्ली जल बोर्ड पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं. आम आदमी पार्टी (आप) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने दावा किया कि यमुना के झाग हटाने के लिए टेंडर की फाइनेंशियल बिड खुलने से पहले ही एक कंपनी ने मौके पर टेंट, उपकरण और डीफोमिंग केमिकल के कंटेनर पहुंचा दिए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि जब टेंडर की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी, तो ठेकेदार को पहले से काम मिलने की जानकारी कैसे थी?
सौरभ भारद्वाज ने कहा कि दिल्ली में बीजेपी की सरकार बनने के बाद से ही टेंडर प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लग रहे हैं. उन्होंने बताया कि कालिंदी कुंज घाट का दौरा करने पर वहां यमुना के झाग खत्म करने के लिए छिड़काव की तैयारियां दिखाई दीं, जबकि टेंडर की फाइनेंशियल बिड अभी तक नहीं खोली गई थी.
पांच दिन का शॉर्ट टेंडर क्यों?
सौरभ भारद्वाज ने टेंडर के लिए 5 दिन की अवधि रखे जाने पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि छठ पूजा की तारीख पहले से तय थी, ऐसे में इसकी तैयारी समय रहते क्यों नहीं की गई? उन्होंने आरोप लगाया कि शॉर्ट टेंडर की प्रक्रिया अपनाने का मकसद कथित तौर पर अपनी पसंदीदा कंपनी को काम दिलाना था. भारद्वाज ने दावा किया कि मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें बताया कि दिल्ली जल बोर्ड के इंजीनियर डर्गन ने आइकॉन कंपनी को वहां काम शुरू करने के लिए कहा है. उन्होंने सवाल किया कि जब टेंडर खुला ही नहीं था, तो कंपनी ने पहले से वहां पहुंचकर काम की तैयारी कैसे शुरू कर दी?
मंत्री प्रवेश वर्मा पर साधा निशाना
सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली सरकार में मंत्री प्रवेश वर्मा पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि PWD की सड़क निर्माण परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार का मामला उठाने के बाद अब दिल्ली जल बोर्ड के कामकाज पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं. उनके मुताबिक, दोनों विभाग मंत्री प्रवेश वर्मा के अधीन हैं. सौरभ भारद्वाज ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता पर सवाल उठाए.