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Har Ki Pauri News : हरिद्वार में दशहरे से दीपावली तक उत्तरी खंड गंगनहर बंद रहने से किन शहरों और जिलों पर असर पड़ सकता है? जानिए दिल्ली-NCR, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और कानपुर तक कैसे इसका असर पड़ने की आंशका है.. पूरी डिटेल सहित..
हरिद्वार में गंगनहर बंद, दिल्ली-NCR से यूपी तक क्या होगा असर?
हरिद्वार (आशीष मिश्रा) : मानसून सीजन के बीतते ही हरिद्वार में यूपी सिंचाई विभाग हर साल उत्तरी खंड गंगनहर को दशहरे की रात से दीपावली तक बंद कर देता है. हरिद्वार के भीमगोड़ा बैराज से निकलने वाली उत्तरी खंड गंगनहर का निर्माण अंग्रेजी हुकूमत के दौरान इंजीनियर प्रोफेसर जॉर्ज कोटले ने किया था. तभी से हरिद्वार से मेरठ, गाजियाबाद और दिल्ली के अलावा कानपुर तक जाने वाली ये नहर हर साल मानसून सीजन के बाद सालाना मरम्मत के लिए बंद कर दी जाती है. यूपी से उत्तराखंड अलग होने के बाद भी अभी तक सिंचाई विभाग की कई संपत्तियों पर यूपी सरकार का कब्जा है, ऐसे में यूपी सिंचाई विभाग के अधिकारियों की देखरेख में उत्तरी खंड गंग नहर बंद की जाती है.
यूपी सिंचाई विभाग के SDO भारत भूषण के अनुसार, वर्ष भर में यही ऐसा समय होता है जब किसानों को सिंचाई के पानी की आवश्यकता सबसे कम होती है, लिहाजा मानसून सीजन के बाद तमाम बांध और बैराजों के अलावा घाटों की मरम्मत के लिए ये गंगा बंदी की जाती है.
गंगा बंदी के साइड इफेक्ट
भीमगोड़ा से निकली उत्तरी खंड गंगनहर के जल का बड़ा हिस्सा विश्वप्रसिद्ध तीर्थस्थल हर की पौड़ी पहुंचता है.. ऐसे में गंगा बंदी के दौरान हर की पौड़ी पर गंगा जल काफी कम हो जाता है.. लिहाजा तमाम धार्मिक कार्य भी इस दौरान प्रभावित होते हैं. जिससे श्रद्धालुओं और तीर्थ पुरोहित खासे नाराज हो जाते हैं. हर की पौड़ी की प्रबंध कार्यकारिणी संस्था गंगा सभा के महामंत्री तन्मय वशिष्ठ का कहना है कि यूपी सिंचाई विभाग से बात की जा रही है और जल्द ही हर की पैडी पर आचमन लायक जल के निर्बाध प्रवाह को सुचारू किया जाएगा.
त्योहारी मौसम में राजधानी दिल्ली और NCR में हो सकती है पेयजल की किल्लत
त्योहारों के मौसम में हुई इस गंगा बंदी का असर राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में पड़ सकता है… क्योंकि इन इलाकों के बड़े हिस्से की पेयजल आपूर्ति गंगनहर से ही होती है. यूपी सिंचाई विभाग के अनुसार इस संबंध में वहां के स्थानीय प्रशासन को पहले ही सूचना दे दी गई थी.
इन शहरों में गहरा सकता है जल संकट?
-गाजियाबाद
-नोएडा और ग्रेटर नोएडा
-मेरठ
-मुजफ्फरनगर
-बुलंदशहर
-हापुड़
-दिल्ली-NCR के कुछ हिस्से
-सहारनपुर
-बिजनौर
-अलीगढ़
-आगरा
गाजियाबाद के प्रताप विहार स्थित ट्रीटमेंट प्लांट से जुड़े इलाकों पर विशेष असर पड़ने की आशंका है.
सूखने के बाद भी गंगा भरती है कई का पेट..
गंगा बंदी के बाद हर की पौड़ी और आसपास के क्षेत्रों में सूखी गंगा से कई परिवार भी पलते हैं. लोगों को साल भर इंतजार रहता है कि कब गंगा बंदी हो और गंगा में श्रद्धालुओं द्वारा फेंके गए कीमती सामान और सिक्के वे निकाल सकें. इस दौरान सूखी गंगा में लोगों की किस्मत भी खुल जाती है और सोने के आभूषण भी मिल जाते हैं.